Speech of Punjab Governor and Administrator, UT, Chandigarh, Shri Gulab Chand Kataria on the occasion of celebration of National Voters' Day at PG Government College for Girls, Chandigarh on January 25, 2025.

राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2025’ के अवसर पर

राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया जी का संबोधन

दिनांकः 25.01.2025, शनिवारसमयः सुबह 11:00 बजेस्थानः चंडीगढ़

 

सभी को मेरा नमस्कार!

आज मुझे 15वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर केंद्र शासितप्रदेश चंडीगढ़ के नागरिकों को बधाई देते हुए गर्व और खुशी होरही है।

देश का सबसे व्यापक और महत्वपूर्ण समारोहों में से एकआज का यह दिन भारतीय लोकतंत्र के उन सभी मतदाताओंको समर्पित है, जो हमारे संविधान और चुनाव प्रणाली कीमजबूती का आधार हैं। मुझे गर्व है कि मैं इस महत्वपूर्ण अवसरपर आपके बीच उपस्थित होकर लोकतंत्र के इस महापर्व काहिस्सा बन रहा हूँ।

देवियो और सज्जनो,

आज का दिन इसलिए विशेष है, क्योंकि भारतीय संविधानलागू होने के एक दिन पहले यानि 25 जनवरी 1950 को भारतके चुनाव आयोग की स्थापना हुई थी और 2011 से ही इसेराष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है। हमारेसंविधान के निर्माताओं ने देश में चुनावों के आयोजन औरनिगरानी के लिए इस संगठन की स्थापना की थी। यह भारतीयलोकतंत्र के लिए असाधारण उपलब्धियों वाला दिन था।

यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि मतदान करना न केवलहमारा अधिकार है, बल्कि यह हमारा कर्तव्य भी है। यह दिवसविशेष रूप से युवा मतदाताओं को चुनाव प्रक्रिया से जोड़ने केउद्देश्य से मनाया जाता है।

देवियो और सज्जनो,

हमें गर्व है कि हमारा भारत विश्व का सबसे बड़ा और सक्रियलोकतांत्रिक देश है। हमारा देश लोकतंत्र की बुनियाद परटिका हुआ है। इस बुनियाद को मजबूत बनाए रखने में भारतीयचुनाव आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत आयोग कोमतदाता सूची तैयार करने का प्रबंधन, निर्देशन और नियंत्रणकरने के साथ-साथ संसद, प्रत्येक राज्य की विधानसभा तथाराष्ट्रपति के पद के लिए चुनाव कराने का अधिकार प्रदानकिया गया।

मुझे खुशी है कि आयोग इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा औरईमानदारी से निभा रहा है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र मेंस्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चुनावों कराना एककठिन कार्य है, लेकिन भारतीय चुनाव आयोग इसेसफलतापूर्वक पूरा कर रहा है।

निर्वाचन प्रक्रिया में लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी एकस्वस्थ लोकतंत्र की कुंजी है। मतदाताओं की किसी भीलोकतांत्रिक चुनाव में केन्द्रीय भूमिका रहती है।

देविया और सज्जनो,

भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में मतदान केवलएक प्रक्रिया नहीं, बल्कि यह जनता की शक्ति का उत्सव है।हर वोट का महत्व है। हर मतदाता का योगदान यह तय करताहै कि हमारा देश किस दिशा में आगे बढ़ेगा। ‘‘सबका मत, सबकी भागीदारी’’ हमारे लोकतंत्र का मूल मंत्र है।
 

मतदाता हमारे निर्वाचन प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्णहितधारक है। इसलिए, चंडीगढ़ के प्रत्येक व्यक्ति को मतदातासूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए जागरूक करनाआवश्यक है।

भारतीय निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, राष्ट्रीय मतदातादिवस पूरे देश में मनाया जा रहा है। चंडीगढ़ में राष्ट्रीयमतदाता दिवस को सभी 614 मतदान केंद्रों में सहायकनिर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) के अधिकारक्षेत्र में मनाया जा रहा है।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य मतदाताओं का नामांकनबढ़ाना है, ताकि ‘सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार’ को पूरीतरह से साकार किया जा सके और निर्वाचन प्रक्रिया कीगुणवत्ता में सुधार किया जा सके।

आज के दिन नए मतदाताओं को “Proud to be a voter - ready to vote” नारे वाले बैज भी वितरित किये जा रहे हैं।इसके अलावा देश भर में, राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोहों केदौरान नए मतदाताओं को सम्मानित भी किया जाता है औरउन्हें उनके मतदाता फोटो पहचानपत्र प्रदान किए जाते हैं।

मैं बताना चाहूंगा कि इस वर्ष की थीम, ‘‘मतदान जैसा कुछनहीं, मतदान अवश्य करेंगे हम’’ पिछले वर्ष की थीम को हीआगे बढ़ा रही है, जो चुनावी प्रक्रिया में भागीदारी के महत्व परजोर देती है, और मतदाताओं को अपने मत का प्रयोग करने मेंगर्व महसूस करने हेतु प्रोत्साहित करती है।

मित्रो,

लोकतंत्र एक ऐसा शासन तंत्र है जिसमें सरकार का निर्माणजनता के मतों द्वारा होता है और उसका मुख्य उद्देश्य जनता केकल्याण और उनकी आकांक्षाओं की पूर्ति करना होता है। यहप्रणाली न केवल नागरिकों को शासन में भाग लेने का अवसरप्रदान करती है, बल्कि उनके अधिकारों और कर्तव्यों का भीसम्मान करती है।

लोकतंत्र में सरकार जनता के मतों से चुनी जाती है। इसकाअर्थ है कि हर नागरिक को यह अधिकार प्राप्त है कि वह अपनेमताधिकार का प्रयोग करके उस सरकार का चयन करे, जोउसकी उम्मीदों और आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षमहो। यह नागरिकों की समानता और भागीदारी का प्रतीक है।

यह एक ऐसी व्यवस्था है जो हर व्यक्ति को महत्व देती हैऔर उसे समाज में योगदान देने का अवसर प्रदान करती है।इस प्रणाली का उद्देश्य एक ऐसा समाज बनाना है जहां हरव्यक्ति अपनी क्षमता और अधिकारों का उपयोग करके समृद्धिऔर विकास की ओर बढ़ सके।

हमें चाहिए कि आज के इस महत्वपूर्ण अवसर पर हम सबसंकल्प करें कि हम सभी लोकतंत्र के चुनाव रूपी पर्व में भागलेंगे और अपने मत का सदुपयोग करके एक मजबूत, विकसितऔर समृद्ध भारत की ओर कदम बढ़ाएंगे। यह न केवल हमारीपहचान का प्रतीक है, बल्कि यह हमारे हाथों में देश के भविष्यको आकार देने की शक्ति भी देता है।

मतदाता के रूप में, हमारा यह कर्तव्य है कि हम अपनेअधिकार का सही और विवेकपूर्ण उपयोग करें। उम्मीदवारोंऔर पार्टियों की नीतियों, दृष्टिकोण और उनके कार्यों कामूल्यांकन करें और अपने वोट का इस्तेमाल समाज और राष्ट्रके उत्थान के लिए करें।

हमें चाहिए कि हम अपने मताधिकार का प्रयोग करते समयजाति, धर्म, भाषा, सम्प्रदाय आदि के प्रलोभनों से दूर रह करअपनी अंतरात्मा की आवाज पर ही मतदान करें। मतदान काअधिकार तभी एक अधिकार है जब इसका प्रयोग किया जाए।

मतदान का अधिकार, जिसे आज लोकतंत्र का सबसेमहत्वपूर्ण आधार माना जाता है, दुनिया भर में एक लंबा औरकठिन संघर्ष का परिणाम है। लेकिन इतिहास में कई ऐसे पलआए जब यह अधिकार कुछ वर्गों, लिंगों और समुदायों तकसीमित था। यह स्थिति बदलने के लिए संघर्ष, बलिदान औरआंदोलन हुए।

अमेरिका जो विकसित देशों की सूची में अग्रणी रहता है औरजनतंत्र का प्रमुख उदाहरण माना जाता है, वहां भी, अनेकदशकों के संघर्ष के बल पर लोगों को मतदान का अधिकारप्राप्त हो सका था। ब्रिटेन में भी, महिलाओं को मतदान काअधिकार प्राप्त करने के लिए लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी थी।

लोकतंत्र में ‘लोक’ यानि जनता की इच्छा और आवाज हीउस व्यवस्था की नींव होती है। यह एक ऐसी प्रणाली है, जिसमें शासन जनता के लिए, जनता के द्वारा और जनता केहित में चलता है। इस प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह हैकि यहां न केवल हर नागरिक को अपने विचार प्रकट करने काअधिकार है, बल्कि देश के भविष्य को आकार देने में उसकीसक्रिय भागीदारी होती है।

देवियो और सज्जनो,

एक सशक्त लोकतंत्र के निर्माण के लिए मजबूत औरसमावेशी निर्वाचन भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक सशक्तलोकतंत्र में चुनाव न केवल स्वतंत्र, निष्पक्ष, नियमित औरविश्वसनीय होने चाहिए, बल्कि उन्हें व्यापक रूप से लोकप्रियभी होना चाहिए, ताकि वे शासन पर प्रभावी तरीके से अपनापूर्ण प्रभाव डाल सकें। मतदान का अधिकार तभी वास्तविकशक्ति बनता है जब इसे सक्रिय रूप से प्रयोग में लाया जाए।

युवा मतदाताओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से, भारतीयनिर्वाचन आयोग ने कई महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं, जिनमेंनिर्वाचन प्रक्रिया में संशोधन कर 17 वर्ष की आयु के युवानागरिकों को पहले से ही आवेदन करने की अनुमति देना प्रमुखरूप से शामिल है।

इसके अलावा इन संशोधनों में नए फॉर्म भी शामिल किएगए हैं और चार योग्यता तिथियां निर्धारित की गई हैं, जो 1जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर हैं। भारतीयनिर्वाचन आयोग निर्वाचन प्रक्रिया में जनता की अधिकभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

मैं निर्वाचन विभाग से जुड़े सभी अधिकारियों/कर्मचारियोंद्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करता हूं। हालांकि, केंद्रशासित प्रदेश, चंडीगढ़ के सभी युवाओं को मतदाता सूची मेंशामिल करने के लिए और अधिक प्रयास करने कीआवश्यकता है और इसलिए, मैं चंडीगढ़ के सभी नागरिकों सेअपील करता हूं कि यह सुनिश्चित करें कि उनका नाम मतदातासूची में दर्ज हो और वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारबनें।

साथियो, मैं एक बार फिर से आप सभी से यह कहना चाहताहूं कि मतदान को केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्रनिर्माण में अपना योगदान समझें। जब हम मतदान करते हैं, तोहम न केवल अपनी भलाई के लिए, बल्कि समाज, राज्य औरपूरे देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपना कर्तव्य निभाते हैं।

‘‘मतदान करें, देश को दिशा दें’’। यह नारा केवल शब्द नहींहै, बल्कि एक ऐसी जिम्मेदारी है जिसे हमें दिल से अपनानाचाहिए। याद रखें, आपका एक वोट न केवल आज, बल्किआने वाले वर्षों तक आपके और आपके परिवार के जीवन कोप्रभावित कर सकता है।

तो आइए, हम सब मिलकर राष्ट्र सर्वोपरि की भावना केसाथ मतदान करें और इस महान लोकतंत्र को और भी सशक्तबनाएं।

मैं एक बार पुनः आप सभी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस कीहार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ।

धन्यवाद

जय हिन्द!