SPEECH OF HON’BLE GOVERNOR PUNJAB AND ADMINISTRATOR, UT CHANDIGARH, SHRI GULAB CHAND KATARIA ON THE OCCASION OF SEND OFF CEREMONY OF PUNJAB AND CHANDIGARH CONTINGENT NATIONAL YOUTH FESTIVAL 2026 ON JANUARY 7, 2026.

‘राष्ट्रीय युवा महोत्सव  2026’ हेतु पंजाब एवं चंडीगढ़ के चयनित प्रतिभागियों से भेंट के अवसर पर

राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया जी का संबोधन

दिनांकः 07.01.2026,  बुधवारसमयः दोपहर 12:30 बजेस्थानः पंजाब लोक भवन

 

प्रिय युवा साथियों,

आज हमारे लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि 9 जनवरी से 12 जनवरी 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित 29वें ‘राष्ट्रीय युवा महोत्सव’ में चयनित आप सभी युवा प्रतिनिधि भाग लेने जा रहे हैं। मैं आप सभी को हार्दिक बधाई देता हूँ तथा यह विश्वास व्यक्त करता हूँ कि आप अपनी प्रतिभा और अनुशासित आचरण से इस मंच की गरिमा को और ऊँचाइयों तक ले जाएँगे।

आपका चयन आपकी प्रतिभा, परिश्रम, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है। आज आप केवल अपने-अपने संस्थान, जिले या क्षेत्र के प्रतिनिधि नहीं हैं, आप पंजाब और चंडीगढ़ के गौरव, संभावनाओं और युवा शक्ति की पहचान हैं। यह अवसर सम्मान का भी है और जिम्मेदारी का भी; क्योंकि आपकी उपस्थिति, आपका आचरण और आपकी सोच, दोनों प्रदेशों की छवि को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करेंगे।

हम सभी जानते हैं कि वर्ष 1995 में शुरू हुए राष्ट्रीय युवा महोत्सव का आयोजन स्वामी विवेकानंद जी की जयंती (12 जनवरी) के उपलक्ष्य में देशभर के युवाओं को एक सूत्र में बाँधने का प्रेरक अवसर है। इसका मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं को एक मंच प्रदान करना है, जहाँ वे अपनी सांस्कृतिक, रचनात्मक, बौद्धिक और नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन कर सकें।

इस बार की थीम ‘‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’’ है, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में युवाओं की भागीदारी को केंद्र में रखती है।

मुझे बताया गया है कि इस थीम के अंतर्गत आयोजित होने वाले विकसित भारत चैलेंज ट्रेक और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कुल 139 युवा प्रतिभागी सहभागिता कर रहे हैं, जिनमें पंजाब से 85 तथा चंडीगढ़ से 54 बच्चे शामिल हैं। 

मेरे प्यारे साथियो,

स्वामी विवेकानंद जी ने युवाओं को भारत की सबसे बड़ी शक्ति माना, ऐसी शक्ति जो आत्मविश्वास, चरित्र, साहस और सेवा-भाव के साथ राष्ट्र को नई दिशा दे सकती है। उनका संदेश, “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक नहीं रुको”, आज भी उतना ही जीवंत है। राष्ट्रीय युवा महोत्सव उसी प्रेरणा को आगे बढ़ाते हुए युवा एकता, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और राष्ट्रीय एकीकरण का एक सशक्त राष्ट्रीय मंच बन चुका है।

आज का भारत तीव्र परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। तकनीक, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, उद्यमिता, पर्यावरण और सामाजिक ढांचे, हर क्षेत्र में नए अवसर और नई चुनौतियाँ सामने हैं। ऐसे समय में युवाओं की भूमिका केवल दर्शक की नहीं हो सकती। 

आपसे अपेक्षा है कि आप विचारशील नागरिक, संवेदनशील समाज-निर्माता और जिम्मेदार नेतृत्वकर्ता के रूप में आगे आएँ। नेतृत्व का अर्थ केवल आगे चलना नहीं; नेतृत्व का अर्थ है, समस्या को समझना, समाधान की दिशा तय करना, और दूसरों को साथ लेकर चलना।

आपकी आवाज़ में तथ्यों की दृढ़ता हो, आपके विचारों में संवेदनशीलता हो, और आपके व्यवहार में विनम्रता तथा गरिमा, यही एक सच्चे प्रतिनिधि की पहचान है। याद रखिए, राष्ट्रीय मंच पर छोटी-सी बात भी बड़ा संदेश बन जाती है। वहाँ शब्दों का चयन, तर्क की मर्यादा और संवाद की शालीनता, आपके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी पूंजी होती है। इसलिए इस अवसर को केवल सहभागिता नहीं, बल्कि आत्म-विकास और राष्ट्र-सेवा के एक पड़ाव की तरह देखें।

मेरे युवा साथियों,

हमारे देश के ऋषि-मुनियों, संतों से लेकर सामान्य जन तक, सभी ने युवाशक्ति को सर्वोपरि स्थान दिया है। श्री ऑरोबिन्दो कहा करते थे कि यदि भारत को अपने लक्ष्य प्राप्त करने हैं, तो भारत के युवाओं को स्वतंत्र सोच और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना होगा। स्वामी विवेकानंद जी भी स्पष्ट रूप से कहते थे कि भारत की आशाएँ, भारत का भविष्य युवाओं के चरित्र, उनकी प्रतिबद्धता और उनकी बौद्धिक क्षमता पर टिका है।

श्री ऑरोबिन्दो और स्वामी विवेकानंद का यह मार्गदर्शन आज, वर्ष 2026 में, भारत के युवाओं के लिए उतना ही प्रासंगिक और प्रेरणादायी है। आज यदि भारत विश्व की शीर्ष चार अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है, तो इसके पीछे भारत के युवाओं की शक्ति है। 

आज भारत विश्व के शीर्ष तीन स्टार्ट-अप इकोसिस्टम में गिना जा रहा है, तो उसका आधार भी युवाओं की प्रतिभा और नवाचार है। रिकॉर्ड संख्या में पेटेंट फाइल हो रहे हैं, निरंतर नए-नए इनोवेशन सामने आ रहे हैं, और भारत एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है, तो यह सब भारत के युवाओं के सामर्थ्य का ही परिणाम है।

साथियों,

समय हर पीढ़ी को अपने जीवनकाल में एक सुनहरा अवसर अवश्य देता है। भारत के युवाओं के लिए वह अवसर आज है। यह अमृतकाल है। आज आपके पास इतिहास रचने का अवसर है, इतिहास में अपना नाम दर्ज कराने का अवसर है।

आज भी हम सर एम. विश्वेश्वरैया को स्मरण कर इंजीनियर्स डे मनाते हैं। उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दी में उन्होंने जो इंजीनियरिंग कौशल प्रदर्शित किया, वह आज भी अद्वितीय माना जाता है। 

आज भी हम मेजर ध्यानचंद को याद करते हैं, जिनकी हॉकी स्टिक का जादू आज तक लोगों के मन में जीवित है। आज भी हम भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, बटुकेश्वर दत्त जैसे अनगिनत क्रांतिकारियों को नमन करते हैं, जिन्होंने अपने पराक्रम से विदेशी शासन की नींव हिला दी।

स्वतंत्रता से पूर्व के उस कालखंड में हमारी असंख्य महान विभूतियों ने देश के लिए जिया, देश के लिए संघर्ष किया, देश के लिए सपने देखे और देश को नई दिशा दी।

आज अमृतकाल के इस दौर में वही दायित्व आप सभी मेरे युवा साथियों के कंधों पर है। अब आपको भारत को नई ऊँचाइयों तक ले जाना है। ऐसा कार्य करना है कि आने वाली पीढ़ियाँ आपको याद करें, आपके योगदान को स्मरण करें। आप अपने नाम को भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित कर सकते हैं। 

साथियों,

आज सरकार का निरंतर प्रयास है कि युवाओं को खुला आकाश मिले, उनके सामने आने वाली हर बाधा को दूर किया जाए। शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता, स्टार्ट-अप, उभरते क्षेत्र, कौशल और खेल, हर क्षेत्र में युवाओं के लिए एक आधुनिक और गतिशील इकोसिस्टम तैयार किया गया है।

इक्कीसवीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है। आधुनिक स्किलिंग इकोसिस्टम विकसित हो रहा है। पीएम विश्वकर्मा योजना के माध्यम से हाथ के हुनर से कमाल करने वाले युवाओं को समर्थन दिया जा रहा है। पीएम कौशल विकास योजना से करोड़ों युवाओं को प्रशिक्षण मिला है। नए-नए IIT और NIT स्थापित हो रहे हैं।

आज पूरी दुनिया भारत को एक कुशल कार्यबल के रूप में देख रही है। विदेश में हमारे युवा अपना कौशल दिखा पाएं इसके लिए सरकार विदेश जाने वाले युवाओं को ट्रेनिंग भी दे रही है। फ्रांस, जर्मनी, यूके, ऑस्ट्रेलिया, इटली, ऑस्ट्रिया जैसे अनेक देशों के साथ सरकार ने जो मोबिलिटी समझौते किए हैं, उसका बड़ा लाभ हमारे युवाओं को मिलेगा।

सरकार युवाओं के लिए नए अवसरों का आकाश खोलने के लिए हर क्षेत्र में पूरी शक्ति से कार्य कर रही है। ड्रोन सेक्टर के नियम सरल किए गए हैं। एनीमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक सेक्टर को बढ़ावा दिया जा रहा है। एटॉमिक, स्पेस और मैपिंग सेक्टर खोले गए हैं। हाईवे, वंदे भारत ट्रेनें, आधुनिक एयरपोर्ट, ये सब किसके लिए हैं? आपके लिए, भारत के युवाओं के लिए।

युवाओं की परिवर्तनकारी भूमिका को स्वीकार करते हुए, सरकार द्वारा नेतृत्व विकास, सामुदायिक सहभागिता और सकारात्मक युवा विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अनेक महत्वपूर्ण पहलें शुरू की गई हैं। इन पहलों का मूल उद्देश्य युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण की दिशा में सार्थक रूप से जोड़ना है।

इसके अंतर्गत मेरा युवा भारत (MY Bharat), राजीव गांधी राष्ट्रीय युवा विकास संस्थान (RGNIYD), राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), राष्ट्रीय युवा एवं किशोर विकास कार्यक्रम (NPYAD) तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग योजना जैसी प्रमुख योजनाओं के माध्यम से युवाओं में क्षमता निर्माण और नेतृत्व विकास को निरंतर सशक्त किया जा रहा है। 

इन पहलों का उद्देश्य स्पष्ट है, भारत के युवाओं को आवश्यक कौशल, सही मूल्यबोध और उपयुक्त अवसर प्रदान करना, ताकि वे विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प में अपनी भूमिका को पूरी क्षमता के साथ निभा सकें।

साथियों,

आज देश का मिज़ाज भी युवा है और देश का अंदाज़ भी युवा है। युवा पीछे नहीं चलता, वह नेतृत्व करता है। चंद्रयान और आदित्य- L1 की सफलताएँ, स्वदेशी आई.एन.एस. विक्रांत, मेड-इन-इंडिया तोप और तेजस विमान, ये सभी भारत की युवा शक्ति और तकनीकी नेतृत्व के प्रतीक हैं।

आज भारत में बड़े-बड़े मॉल्स से लेकर छोटे दुकानदार तक, हर जगह यूपीआई डिजिटल लेन-देन की पहचान बन चुका है और इसकी व्यापक स्वीकार्यता ने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है।

अब समय है सपनों को विस्तार देने का। हमें नई चुनौतियाँ स्वयं तय करनी हैं। पाँच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है, दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना है, आत्मनिर्भर भारत को साकार करना है और भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है। साथ ही जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक खेती और सतत विकास की जिम्मेदारियों को भी निभाना है।

साथियों,

अमृतकाल की युवा पीढ़ी गुलामी की मानसिकता से मुक्त है। आज का युवा गर्व से कहता है, “विकास भी और विरासत भी।” योग, आयुर्वेद और श्रीअन्न हमारी परंपरा की पहचान रहे हैं। आज इन्हें पूरी दुनिया स्वीकार कर रही है। अब आपको योग-आयुर्वेद और श्रीअन्न का ब्रांड एंबेसडर बनना है, जिससे आपकी सेहत भी सुधरेगी और देश के किसानों का भी कल्याण होगा।

लोकतंत्र-भारत, लोकतंत्र की जननी है। लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी जितनी अधिक होगी, राष्ट्र का भविष्य उतना ही उज्ज्वल होगा। राजनीति में भागीदारी हो या मतदान के माध्यम से, आपकी सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। पहली बार वोट डालने वाले युवा हमारे लोकतंत्र में नई ऊर्जा भर सकते हैं। इसलिए अपने नाम को मतदाता सूची में दर्ज कराइए और देश के भविष्य के निर्माण में अपनी भूमिका सुनिश्चित कीजिए।

प्रिय साथियों,

भारत आज अमृत काल के संकल्पों के साथ आगे बढ़ रहा है। यह वही काल है जब देश अपने अगले कुछ दशकों की दिशा तय करेगा, और इस दिशा-निर्धारण में युवा शक्ति की निर्णायक भूमिका होने वाली है। नवाचार, उद्यमिता, सामाजिक समरसता, समावेशी विकास, पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल परिवर्तन, और राष्ट्र की एकता, इन सभी क्षेत्रों में भारत की प्रगति का आधार युवा नेतृत्व ही बनेगा। आप जहाँ भी विचार-विमर्श करेंगे, आपकी बात केवल आपकी बात नहीं होगी; वह भारत के भविष्य की दिशा में एक सुझाव, एक संकल्प और एक संभावना भी होगी।

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का स्पष्ट विज़न है कि “युवा केवल योजनाओं के लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति-निर्माण और राष्ट्र-निर्माण के भागीदार बनें”। उनका सपना है कि विकसित भारत का निर्माण सशक्त युवा, नवाचार और जन-भागीदारी के माध्यम से हो, जहाँ अवसर सभी के लिए समान हों, प्रतिभा को मंच मिले और भारत वैश्विक नेतृत्व की दिशा में अग्रसर हो। 

सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का मंत्र हमें एक साझा लक्ष्य की ओर प्रेरित करता है और हमें यह याद दिलाता है कि राष्ट्र-निर्माण सामूहिक संकल्प से ही संभव है।

इस राष्ट्रीय अवसर से आपका परिचय केवल एक आयोजन तक सीमित नहीं रहना चाहिए। आप यहाँ जो सीखेंगे, वह आपके जीवन के निर्णयों, आपके व्यवहार और आपके लक्ष्य को दिशा देगा। आप अपने भीतर यह संकल्प लेकर लौटें कि आप अपने क्षेत्र, अपने संस्थान, अपने समाज और अपने देश के लिए कुछ ठोस योगदान देंगे। छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव की शुरुआत होते हैं, बस नीयत साफ हो, दिशा सही हो और निरंतरता बनी रहे।

मैं आपसे अपेक्षा करता हूँ कि आप अध्ययन से, अनुशासन से, संवाद से और सेवा-भाव से स्वयं को हर दिन थोड़ा बेहतर बनाते रहें। सफलता मिले तो विनम्र रहें; और यदि परिणाम अपेक्षा के अनुरूप न भी हों, तो अनुभव को अपनी शक्ति बनाकर आगे बढ़ें। क्योंकि वास्तविक जीत पदक या प्रशंसा से नहीं, बल्कि चरित्र, आत्मविश्वास और सतत प्रयास से मापी जाती है। आप मजबूत होंगे, तो भारत मजबूत होगा। आप आगे बढ़ेंगे, तो भारत आगे बढ़ेगा, और जब आप भारत के साथ चलेंगे, भारत इतिहास रचेगा।

अंत में, मैं आप सभी को पुनः बधाई देता हूँ। देश भर से 50 लाख प्रविष्टियों में से चयनित होकर आप ‘राष्ट्रीय युवा महोत्सव’ और ‘यंग लीडर्स डायलॉग 2026’ में भाग लेने जा रहे हैं। मेरी ओर से आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ और आशीर्वाद।

मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी युवा इस क्षेत्र को राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान देंगे।

धन्यवाद,

जय हिन्द!