SPEECH OF PUNJAB GOVERNOR AND ADMINISTRATOR, UT CHANDIGARH, SHRI GULAB CHAND KATARIA ON THE OCCASION OF FOUNDATION STONE LAYING CEREMONY OF SHASTRI MARKET SECTOR 22 C CHANDIGARH ON JANUARY 19, 2026.

शास्त्री मार्केट के पुनरूद्धार कार्य के शुभारंभ के अवसर पर

राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया जी का संबोधन

दिनांकः 19.01.2026,  सोमवारसमयः दोपहर 3:30 बजेस्थानः चंडीगढ़

         

नमस्कार!

आज शास्त्री मार्केट, सेक्टर-22सी, चंडीगढ़ के पुनरुद्धार कार्य के शिलान्यास के इस महत्वपूर्ण अवसर पर आप सभी के बीच उपस्थित होना मेरे लिए अत्यंत प्रसन्नता और संतोष का विषय है। यह केवल एक निर्माण परियोजना का आरंभ नहीं है, बल्कि यह “सिटी ब्यूटीफुल” की आत्मा को और अधिक जीवंत, सुव्यवस्थित तथा जनोपयोगी बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल है।

मैं इस अवसर पर शास्त्री मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन को हार्दिक बधाई देता हूँ, जिन्होंने इस बाजार के पुनरुद्धार का बीड़ा उठाकर यह सिद्ध किया है कि जब नागरिक, व्यापारी वर्ग और प्रशासन मिलकर कार्य करते हैं, तो शहरी विकास को नई गति और नई दिशा मिलती है।

मुझे बताया गया है कि शास्त्री मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन वर्ष 1967 से निरंतर सक्रिय रूप से कार्यरत है, हालांकि इसका विधिवत पंजीकरण वर्ष 2022 में हुआ। यह अपने आप में इस बात का प्रमाण है कि यह संस्था दशकों से व्यापारियों के हितों, बाजार के सुव्यवस्थित विकास और नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए समर्पित भाव से कार्य करती रही है और आज भी नई ऊर्जा तथा संगठित दृष्टिकोण के साथ शास्त्री मार्केट के समग्र उत्थान की दिशा में अग्रसर है।

जहां तक मार्केट के पुनरुद्धार के कार्य की बात है तो इस कार्य पर लगभग 6 से 8 करोड़ रुपये की लागत आएगी जिसे वर्ष 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस परियोजना के अंतर्गत मुख्य रूप से दुकानों के प्लिंथ लेवल को वर्तमान ग्राउंड लेवल से लगभग तीन फुट ऊँचा किया जाएगा तथा दुकानों की छतों की ऊँचाई भी बढ़ाई जाएगी। 

इससे वर्षा ऋतु के दौरान दुकानों में होने वाले जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी और साथ ही दुकानदारों को अपना सामान पाथवे पर रखने के बजाय अपनी दुकानों के भीतर सुव्यवस्थित रूप से रखने की सुविधा प्राप्त होगी, जिससे बाजार अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम बनेगा।

इसके अतिरिक्त, इस पुनरुद्धार परियोजना के अंतर्गत एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल यह है कि पूरी शास्त्री मार्केट को सौर ऊर्जा आधारित बनाया जाएगा, जिससे न केवल बिजली की खपत में कमी आएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से यहां लगभग 100 से 150 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे पूरे बाजार परिसर में 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित होगी और दुकानदारों तथा ग्राहकों, दोनों के लिए एक सुरक्षित वातावरण उपलब्ध होगा।

साथ ही, यहां लगभग डेढ़ लाख लीटर क्षमता वाले दो बड़े वाटर टैंकों का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे गर्मी के मौसम में लोगों को पीने योग्य पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। इसके अतिरिक्त, बाजार में वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी तथा सुव्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे यह बाजार न केवल आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप बनेगा, बल्कि नागरिकों के लिए अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक भी होगा।

मैं मानता हूँ कि ये सभी सुविधाएँ न केवल व्यापारियों के लिए कार्य को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाएँगी, बल्कि आम नागरिकों और ग्राहकों के लिए भी इस बाजार को अधिक आकर्षक, सुव्यवस्थित और सहज बनाएँगी, जिससे शास्त्री मार्केट एक आधुनिक, जनसुलभ और आदर्श शहरी बाजार के रूप में विकसित होगा।

समय के साथ बुनियादी ढांचे में बदलाव की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। बढ़ती भीड़, पार्किंग की चुनौतियाँ और आधुनिक सुविधाओं की कमी के कारण हमारे व्यापारियों और ग्राहकों दोनों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। शास्त्री मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन ने जो विजन प्रशासन के सामने रखा और जिस सक्रियता से इस प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार की गई, मैं उसकी हृदय से सराहना करता हूँ।

देवियो और सज्जनो,

चंडीगढ़ के हृदय स्थल में स्थित सेक्टर-22 का शास्त्री मार्केट ‘सिटी ब्यूटीफुल’ की जीवंत आत्मा का प्रतीक है। यह बाजार अपनी निरंतर चहल-पहल, रंगीन वातावरण और विविध दुकानों के कारण न केवल स्थानीय नागरिकों, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भी समान रूप से आकर्षित करता है। 

यह बाजार चंडीगढ़ की गतिशील संस्कृति, समृद्ध परंपरा और आधुनिक शहरी जीवनशैली का सुंदर संगम प्रस्तुत करता है। चंडीगढ़ के सबसे लोकप्रिय और भरोसेमंद बाजारों में शामिल शास्त्री मार्केट नागरिकों को एक विशिष्ट, सुलभ और स्मरणीय खरीदारी अनुभव प्रदान करता रहा है।

शास्त्री मार्केट की अपनी अनोखी पहचान और विशेष आकर्षण इसे चंडीगढ़ के अन्य बाजारों से विशिष्ट बनाती है। यह बाजार परंपरा और आधुनिकता का सुंदर समन्वय प्रस्तुत करता है, जहाँ पारंपरिक दुकानें आधुनिक दुकानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी दिखाई देती हैं। यही विविधता इस बाजार को एक विशिष्ट पहचान प्रदान करती है और इसे बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक, हर आयु वर्ग के नागरिकों का पसंदीदा केंद्र बनाती है।

इस बाजार की एक और प्रमुख विशेषता इसकी जनसुलभ और किफायती प्रकृति है। चाहे कोई साधारण आवश्यकता की वस्तुएँ लेना चाहता हो या विशेष खरीदारी करना चाहता हो, शास्त्री मार्केट हर वर्ग और हर बजट के लोगों के लिए विकल्प उपलब्ध कराता है। 

यहाँ के दुकानदारों का सौहार्दपूर्ण, विश्वसनीय और सहयोगी व्यवहार इस बाजार की आत्मा है, जो ग्राहकों को केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि अतिथि के रूप में सम्मान देते हैं और उनके अनुभव को और अधिक सुखद तथा यादगार बनाते हैं।

साथियो,

शास्त्री मार्केट का गौरवशाली इतिहास चंडीगढ़ के आरंभिक विकास काल से जुड़ा है। भारत के दूसरे प्रधानमंत्री, स्वर्गीय श्री लाल बहादुर शास्त्री जी के नाम पर स्थापित यह बाजार शहर के नागरिकों की बढ़ती आवश्यकताओं की पूर्ति के उद्देश्य से विकसित किया गया था। 

यह चंडीगढ़ की सबसे पुरानी मार्केटों में से एक है, जिसकी शुरुआत वर्ष 1952 में एक साधारण रेहड़ी बाजार के रूप में हुई थी। समय के साथ, नागरिकों की आवश्यकताओं और शहर के विकास को ध्यान में रखते हुए, वर्ष 1992 में इस रेहड़ी बाजार को विकसित कर 322 दुकानों वाला एक सुव्यवस्थित बूथ मार्केट स्वरूप प्रदान किया गया।

समय के साथ यह एक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र के रूप में उभरा, जो अपनी किफायती दरों, विविध उत्पादों और जनसुलभ स्वरूप के लिए जाना जाता है। सेक्टर-22 जैसे चंडीगढ़ के प्रमुख और रणनीतिक क्षेत्र में स्थित होने के कारण इस बाजार ने निरंतर लोकप्रियता प्राप्त की और यह शहर के सामाजिक-आर्थिक जीवन का अभिन्न अंग बन गया।

मैं समझता हूं कि शास्त्री मार्केट केवल एक व्यापारिक केंद्र नहीं है, बल्कि यह चंडीगढ़ के सामाजिक और आर्थिक जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग रहा है। वर्षों से यह बाजार न केवल स्थानीय निवासियों की आवश्यकताओं की पूर्ति करता रहा है, बल्कि रोजगार, स्वरोजगार और लघु व्यापार को भी निरंतर संबल प्रदान करता आया है। साथ ही यह, आसपास के राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए एक मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा है। ऐसे में इसका पुनरुद्धार केवल इमारतों का नवीनीकरण नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों, नागरिक सुविधाओं और शहरी सौंदर्यबोध का समग्र उत्थान है।

देवियो और सज्जनो,

आज का युग केवल विस्तार का नहीं, बल्कि पुनरुद्धार और सतत विकास का युग है। हमारे शहरों के पुराने बाजार, चौक और सार्वजनिक स्थल हमारी स्मृतियों, हमारी अर्थव्यवस्था और हमारी संस्कृति से जुड़े होते हैं। इन्हें ध्वस्त कर नया बनाने के बजाय, यदि हम इन्हें आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप पुनर्जीवित करें, तो यह विकास का अधिक संवेदनशील, संतुलित और टिकाऊ मार्ग होता है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश आज “स्मार्ट सिटी”, “स्वच्छ भारत”, “अमृत मिशन” और “विकसित भारत” जैसे अभियानों के माध्यम से शहरी जीवन की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। शास्त्री मार्केट का यह पुनरुद्धार कार्य भी उसी व्यापक राष्ट्रीय दृष्टि का एक स्थानीय, किंतु अत्यंत महत्वपूर्ण, उदाहरण है।

देवियो और सज्जनो,

चंडीगढ़ का नियोजन केवल वास्तुकला का एक नमूना नहीं था, बल्कि यह आधुनिक भारत के उस आत्मविश्वास का प्रतीक था जिसने एक नए युग की नींव रखी। ली कोर्बुज़ियर ने जब ‘द सिटी ब्यूटीफुल’ की परिकल्पना की थी, तो उन्होंने इसे एक जीवंत मानव शरीर के रूप में देखा था, जहाँ सेक्टर-22 जैसे क्षेत्र इसके अंगों के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं।

आज सात दशकों के बाद, जब हम इस शहर की यात्रा का अवलोकन करते हैं, तो यह स्पष्ट है कि बढ़ती जनसंख्या और शहरीकरण के दबाव ने हमारे बुनियादी ढांचे पर भारी बोझ डाला है। आज की आवश्यकता केवल पुराने ढांचे की मरम्मत करना नहीं, बल्कि समय के अनुरूप उनका पूर्ण कायाकल्प करना है ताकि चंडीगढ़ अपनी वैश्विक पहचान को बरकरार रखते हुए भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सके।

किसी भी शहर का पुनरुद्धार तब तक सफल नहीं माना जा सकता जब तक वह समावेशी और मानवीय संवेदनाओं से युक्त न हो। पुनर्निर्माण की इस योजना में समाज के हर वर्ग, विशेषकर दिव्यांगों, बुजुर्गों और बच्चों की जरूरतों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। 

साथियो,

बाजार किसी भी शहर की धड़कन होते हैं। यहीं से रोजगार निकलता है, यहीं से जीवन की दैनिक आवश्यकताएँ पूरी होती हैं और यहीं से सामाजिक संपर्क सुदृढ़ होते हैं। शास्त्री मार्केट के पुनरुद्धार से न केवल व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि छोटे दुकानदारों, कारीगरों और सेवा प्रदाताओं को भी नई ऊर्जा और नए अवसर प्राप्त होंगे।

मैं यह भी आशा करता हूँ कि इस परियोजना के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि यह कार्य एक मॉडल के रूप में उभरे और चंडीगढ़ के अन्य बाजारों के पुनर्विकास के लिए भी प्रेरणा बने।

शहरों का भविष्य केवल प्रशासन के प्रयासों से नहीं, बल्कि नागरिक सहभागिता से बनता है। जब व्यापारी वर्ग स्वच्छता, सौंदर्यीकरण, यातायात अनुशासन और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाता है, तभी कोई बाजार वास्तव में “स्मार्ट” और “सस्टेनेबल” बन पाता है। 

मैं शास्त्री मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन से आग्रह करता हूँ कि वे इस पुनरुद्धार के बाद भी बाजार की स्वच्छता, हरित आवरण और सुव्यवस्था को अपनी सामूहिक जिम्मेदारी मानते रहें।

देवियो और सज्जनो,

आज हम “विकसित भारत” की बात करते हैं, तो उसका अर्थ केवल बड़ी इमारतें और चौड़ी सड़कें नहीं, बल्कि ऐसे सार्वजनिक स्थल भी हैं जो सुरक्षित हों, समावेशी हों, पर्यावरण के अनुकूल हों और मानवीय गरिमा को केंद्र में रखें। शास्त्री मार्केट का यह पुनरुद्धार इसी सोच को मूर्त रूप देने का एक प्रयास है।

इस अवसर पर मैं चंडीगढ़ के सभी अन्य मार्केटों तथा व्यापारिक संगठनों से भी आग्रह करना चाहूँगा कि वे शास्त्री मार्केट की इस अनुकरणीय पहल से प्रेरणा लेते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता, सौंदर्यीकरण, पर्यावरण संरक्षण, सुरक्षा व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में संगठित एवं निरंतर प्रयास करें। 

मैं आपको यह विश्वास दिलाता हूँ कि प्रशासन आपके प्रत्येक सकारात्मक और जनहितकारी प्रयास में आपके साथ खड़ा है और हरसंभव सहयोग प्रदान करता रहेगा। 

अंत में, मैं एक बार फिर शास्त्री मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन, चंडीगढ़ प्रशासन, नगर निगम और इस परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों, अभियंताओं और कर्मियों को बधाई देता हूँ। मैं कामना करता हूँ कि यह परियोजना निर्धारित समय में, उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण हो और शास्त्री मार्केट चंडीगढ़ के सबसे सुंदर, सुव्यवस्थित और जीवंत बाजारों में अपना विशिष्ट स्थान बनाए।

इसी शुभकामना के साथ, मैं अपनी वाणी को विराम देता हूँ। 

धन्यवाद,

जय हिन्द!