SPEECH OF PUNJAB GOVERNOR AND ADMINISTRATOR, UT CHANDIGARH, SHRI GULAB CHAND KATARIA ON THE OCCASION OF CONVOCATION OF GURU NANAK DEV UNIVERSITY, AMRITSAR ON JANUARY 15, 2026.
- by Admin
- 2026-01-15 14:45
गुरू नानक देव विश्वविद्यालय के 50वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया जी का संबोधनदिनांकः 15.01.2026, गुरूवार समयः दोपहर 12:00 बजे स्थानः अमृतसर
नमस्कार!
गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर के 50वें दीक्षांत समारोह के इस स्वर्ण जयंती अवसर पर आप सभी के बीच उपस्थित होकर मुझे अत्यंत हर्ष और गौरव की अनुभूति हो रही है। मैं इस ऐतिहासिक दीक्षांत समारोह के लिए विश्वविद्यालय परिवार को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देता हूँ।
सर्वप्रथम, मैं आज उपाधि पाने वाले और मेडल से सम्मानित होने वाले सभी 453 छात्रों को इस ऐतिहासिक एवं गौरवशाली अवसर पर हार्दिक बधाई देता हूँ। यह क्षण आपके जीवन और करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। निस्संदेह, यह सफलता आपकी लगन, कठिन परिश्रम, आपके अभिभावकों के सहयोग तथा गुरुओं के समर्पित मार्गदर्शन का परिणाम है।
इस अवसर पर महामहिम राष्ट्रपति महोदया द्वारा 2 विशिष्ट विभूतियों को ‘मानद उपाधि’ तथा 17 छात्रों को मेडल प्रदान किए गए हैं, जो इस आयोजन की गरिमा को और अधिक बढ़ाती है।
इसके अलावा, 258 शोधार्थियों को पीएच.डी. की उपाधि प्रदान की गई है, जो इस विश्वविद्यालय की सशक्त शोध संस्कृति और अकादमिक उत्कृष्टता का प्रमाण है। साथ ही, ग्रेजुएट स्तर पर 74 तथा पोस्ट ग्रेजुएट स्तर पर 102 विद्यार्थियों को प्रथम स्थान पदक देकर सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धियाँ न केवल विद्यार्थियों के कठिन परिश्रम और प्रतिभा को दर्शाती हैं, बल्कि गुरु नानक देव विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन और उत्कृष्ट परंपरा को भी उजागर करती हैं।
प्रिय विद्यार्थियो,
आपने जिस प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से शिक्षा ग्रहण की है, वह कोई साधारण शैक्षणिक संस्थान नहीं है। गुरु नानक देव विश्वविद्यालय की स्थापना 24 नवंबर, 1969 को अमृतसर में श्री गुरु नानक देव जी की 500वीं जयंती के उपलक्ष्य में की गई थी।
इस विश्वविद्यालय की स्थापना विशेष रूप से पंजाब के पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा का प्रसार करने, पंजाबी भाषा तथा सिख अध्ययन के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देने और आवासीय एवं संबद्ध विश्वविद्यालय के रूप में सुलभ, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य के साथ की गई थी।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा गुरु नानक देव विश्वविद्यालय को “कैटेगरी-वन” का प्रतिष्ठित दर्जा प्रदान किया गया है। पंजाब, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ क्षेत्र में यह एकमात्र विश्वविद्यालय है जिसे यह विशिष्ट सम्मान प्राप्त हुआ है।
यह अत्यंत गर्व का विषय है कि विश्वविद्यालय को यू.जी.सी. द्वारा "University with Potential for Excellence" का प्रतिष्ठित दर्जा प्रदान किया गया है तथा राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा 'A++' ग्रेड से मान्यता प्राप्त हुई है। वैश्विक स्तर पर, CWUR (Center for World University Rankings) ने जीएनडीयू को विश्व के शीर्ष 2000 विश्वविद्यालयों में शीर्ष 9.3 प्रतिशत में स्थान दिया है।
विश्वविद्यालय का h-index वर्ष 2017 के 62 से बढ़कर वर्ष 2025 में 175 हो गया है, अर्थात 2.82 गुना वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त, केवल एक वर्ष (दिसंबर 2024 से दिसंबर 2025) में इसमें 1.153 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। इस सत्र में 28/11/2025 तक कुल 258 पीएच.डी. शोधार्थियों की नोटिफिकेशंस जारी की जा चुकी हैं।
विश्वविद्यालय ने नीदरलैंड, कनाडा और जापान जैसे देशों के साथ प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सहयोग स्थापित किए हैं, जो इसकी वैश्विक उपस्थिति और अकादमिक विस्तार को दर्शाते हैं।
गुरु नानक देव विश्वविद्यालय द्वारा कृषि अनुसंधान एवं नवाचार केंद्र (CARI) की स्थापना भी एक अत्यंत दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य कृषि के क्षेत्र में शिक्षा और अनुसंधान का समन्वय करना है। यह केंद्र उच्च मूल्य वाले, गैर-पारंपरिक फसलों के विकास पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए विश्वविद्यालय को 5 जून 2023 को शहीद भगत सिंह पंजाब राज्य वार्षिक पर्यावरण पुरस्कार मिला है, जबकि QS एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2022 में 451-500 श्रेणी में स्थान प्राप्त हुआ है।
इसके अतिरिक्त, Mahatma Gandhi National Council of Rural Education (MGNCRE), शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्वच्छता एक्शन प्लान 2021-22 के तहत विश्वविद्यालय को ‘डिस्ट्रिक्ट ग्रीन चैंपियन अवॉर्ड’ प्रदान किया गया है। अनुसंधान गुणवत्ता के लिए एडी साइंटिफिक इंडेक्स 2022 में भारत में 19वाँ स्थान तथा स्कॉलर जीपीएस रैंकिंग 2022 में राष्ट्रीय स्तर पर 60वाँ स्थान प्राप्त हुआ है।
सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और खेलों के क्षेत्र में भी विश्वविद्यालय की उपलब्धियाँ अत्यंत सराहनीय रही हैं। देश का सर्वोच्च विश्वविद्यालयीय खेल सम्मान मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ट्रॉफी रिकॉर्ड 25 बार प्राप्त करना इस बात का सशक्त प्रमाण है कि यह विश्वविद्यालय खेल उत्कृष्टता का भी एक प्रमुख केंद्र बन चुका है।
हाल ही में, संस्थान के 8 निशानेबाजों ने कज़ाख़स्तान में आयोजित 16वीं एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में भारत के लिए 5 व्यक्तिगत स्वर्ण पदक, 6 टीम स्वर्ण पदक, 2 रजत और 1 कांस्य पदक जीतकर देश और विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। इसके अतिरिक्त, जुलाई 2025 में जर्मनी में आयोजित वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में विश्वविद्यालय को नोडल यूनिवर्सिटी नामित किया गया तथा इसमें 25 खिलाड़ियों ने विभिन्न खेलों में भागीदारी की।
2024-2025 सत्र के दौरान GNDU ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में उत्कृष्ट उपलब्धियाँ अर्जित कीं। भारत द्वारा जीते गए कुल 24 पदकों (9 स्वर्ण, 9 रजत, 6 कांस्य) में GNDU के खिलाड़ियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिनमें 7 स्वर्ण, 2 रजत और 1 कांस्य पदक शामिल हैं।
अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय चैंपियनशिप (2024-2025) में GNDU की टीमों ने ट्रैक साइक्लिंग (पुरुष एवं महिला), जूडो, ताइक्वांडो तथा फेंसिंग (पुरुष एवं महिला) में स्वर्ण पदक जीतकर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
विश्वविद्यालय ने शूटिंग, फुटबॉल, कैनूइंग एवं कयाकिंग, बास्केटबॉल और वॉलीबॉल में भी शानदार प्रदर्शन किया। उत्तर-पूर्वी राज्यों में आयोजित खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में GNDU ने 12 स्वर्ण, 20 रजत और 19 कांस्य पदक प्राप्त किए।
विश्वविद्यालय की छात्रा सिफ़त कौर समरा ने पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत का प्रतिनिधित्व किया। साथ ही, एसएसएफ वर्ल्ड कप 2025, अर्जेंटीना में स्वर्ण तथा म्यूनिख वर्ल्ड कप 2025, जर्मनी में कांस्य पदक जीतकर संस्थान को गौरवान्वित किया।
उल्लेखनीय प्रदर्शनों में फेंसिंग (पुरुष एवं महिला), वेटलिफ्टिंग और शूटिंग (पुरुष) में स्वर्ण पदक तथा तीरंदाजी, फुटबॉल, जूडो, कुश्ती और शूटिंग (महिला) में रजत पदक शामिल हैं।
गुरु नानक देव विश्वविद्यालय ने अपनी पहली खेल नीति भी तैयार की है, जिसमें खिलाड़ियों और विश्वविद्यालय में संचालित खेल कार्यक्रमों के लिए नियम तथा मानक संचालन प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
युवा महोत्सवों में, मार्च 2025 में एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा में आयोजित 38वें अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय युवा महोत्सव में GNDU ने प्रथम उपविजेता ट्रॉफी जीती। साथ ही, शैक्षणिक सत्र 2024-25 के दौरान पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना में आयोजित पंजाब राज्य अंतर-विश्वविद्यालय युवा महोत्सव में GNDU ने द्वितीय उपविजेता ट्रॉफी प्राप्त की।
यह अत्यंत सराहनीय है कि वर्ष 2025-26 में विश्वविद्यालय द्वारा सभी 34 दिव्यांग विद्यार्थियों को पूर्ण फीस माफी व छात्रवृत्ति, 316 गरीब व मेधावी विद्यार्थियों को 39.72 लाख रुपये की वित्तीय सहायता, तथा 1 हजार 84 जरूरतमंद विद्यार्थियों को फीस में छूट प्रदान कर यह सुनिश्चित किया गया है कि आर्थिक परिस्थितियाँ किसी भी छात्र की शिक्षा में बाधा न बनें।
यह भी उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय 100 पीएच.डी. शोधार्थियों को 8 हजार प्रतिमाह फेलोशिप प्रदान कर रहा है।
इसके साथ ही, 'Earn While you Learn' योजना के अंतर्गत 48 विद्यार्थियों को पार्ट-टाईम रोजगार देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया जा रहा है, जबकि सामाजिक दायित्व के तहत विश्वविद्यालय ने जिला गुरदासपुर के बाढ़ प्रभावित गग्गर गांव को गोद लेकर शीतकालीन राहत अभियान चलाया है।
Ministry of Human Resource Development (MHRD), Department of Science & Technology (DST), Council of Scientific & Industrial Research (CSIR)] Bhabha Atomic Research Centre (BARC) तथा अन्य शीर्ष संस्थाओं द्वारा करोड़ों रुपये की प्रतिष्ठित परियोजनाएँ विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों को प्रदान की गई हैं। हाल ही में BARC द्वारा परिसर में नोडल कैलिब्रेशन सेंटर की स्थापना की गई है।
उद्योग की बदलती आवश्यकताओं और बाज़ार की मांग के अनुरूप, विश्वविद्यालय ने अत्याधुनिक, AI-आधारित एवं रोजगार मुखी पाठ्यक्रम प्रारंभ किए हैं।
विश्वविद्यालय का लाइफ-लॉन्ग लर्निंग विभाग विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से क्षेत्र के पुरुषों एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रहा है।
डिजिटलीकरण की दिशा में, विश्वविद्यालय ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। स्वचालित एवं डिजिटाइज्ड भाई गुरदास लाइब्रेरी ई-बुक्स, ई-जर्नल्स, डिजिटल लाउंज और RFID (Radio Frequency ID)प्रणालियों की सुविधा प्रदान करती है।
इसके अतिरिक्त, परिसर में हॉटस्पॉट की स्थापना से उच्च-गति इंटरनेट सुविधा सुनिश्चित की गई है। विश्वविद्यालय ने ई-ऑफिस प्रणाली भी लागू की है, जिससे फाइलों का संचालन काग़ज़-रहित हो गया है। रिकॉर्डिंग स्टूडियो के माध्यम से ऑनलाइन व्याख्यान उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
विश्वविद्यालय ने मुख्य परिसर में ओपन एवं डिस्टेंस लर्निंग निदेशालय की स्थापना की है, जिसका उद्देश्य सामाजिक-आर्थिक तथा आयु संबंधी बाधाओं से परे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है।
साथ ही, विश्वविद्यालय में बौद्धिक संपदा अधिकार सेल की स्थापना की गई है, जो शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों को पेटेंट प्राप्त करने एवं संरक्षित रखने के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान करता है।
इनके अतिरिक्त, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक रणनीतिक सलाहकार समिति का गठन किया गया है, जो वैश्विक विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर शिक्षा के भविष्य को दिशा देने में सहायक होगी।
पशु कल्याण एवं संरक्षण को प्रोत्साहित करने हेतु विश्वविद्यालय परिसर में ‘एनिमल वेलफेयर सोसायटी’ की स्थापना की गई है, जो भारत और कनाडा में कार्यरत पंजीकृत गैर-लाभकारी संस्था Animal Welfare and Care Services के सहयोग से संचालित है।
मुझे ज्ञात हुआ है कि हालिया अंतरराष्ट्रीय दौरे के उपरांत कुलपति प्रो. करमजीत सिंह ने घोषणा की है कि विश्वविद्यालय परिसर में “गुरु नानक देव सिख अध्ययन चेयर” की स्थापना की जाएगी, जिसे मुख्य रूप से प्रवासी पंजाबी भारतीयों द्वारा प्रदान की गई करोड़ों रुपये की निधि से समर्थित किया जाएगा।
इसके अलावा GNDU की अन्य पहलों की बात करें तो यह क्षेत्र का पहला विश्वविद्यालय है जिसने अपनी परीक्षा एवं पंजीकरण प्रणाली को पूर्णतः कम्प्यूटरीकृत किया है। अब छात्र SMS सेवा के माध्यम से किसी भी समय अपने परिणाम देख सकते हैं।
वर्ष 2025 में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय उत्तरी भारत का पहला सरकारी विश्वविद्यालय बन गया है, जिसने ई-सनद पोर्टल आरंभ किया है। यह भारतीय नागरिकों को संपर्क-रहित और काग़ज़-रहित दस्तावेज़ सत्यापन/प्रमाणीकरण की एक केंद्रीकृत सुविधा प्रदान करता है।
समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए गुरु नानक देव विश्वविद्यालय में सीमा क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्र श्रेणी के विद्यार्थियों के लिए 5 प्रतिशत आरक्षण भी लागू किया गया है। इस पहल के अन्तर्गत शैक्षणिक सत्र 2025-26 से सुपरन्यूमेरेरी सीटें सृजित की गई हैं, जिससे पंजाब के वंचित युवाओं को उच्च शिक्षा तक बेहतर पहुँच सुनिश्चित हो सके।
अपने 56 वर्षों के गौरवशाली इतिहास में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय शिक्षा के प्रकाश-स्तंभ के रूप में उभरा है, जिसने विज्ञान, कला, प्रबंधन, सूचना प्रौद्योगिकी, मीडिया एवं औद्योगिक प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, नियोजन और वास्तुकला जैसे विविध विषयों में अकादमिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित किया है।
अपने अधिदेश की पूर्ति के तहत विश्वविद्यालय ने गुरु नानक अध्ययन विभाग एवं पंजाबी अध्ययन विद्यालय के विद्यार्थियों की ट्यूशन फीस माफ की है, जो सिख मूल्यों पर आधारित शोध एवं शिक्षा के संवर्धन तथा सुलभता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
विश्वविद्यालय के सभी कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित किए जा रहे हैं। एनईपी-2020 के अंतर्गत GNDU ने विभिन्न संकायों से 12 एनईपी-सार्थी भी नियुक्त किए हैं। ये सार्थी विश्वविद्यालय के ब्रांड एंबेसडर के रूप में कार्य करेंगे तथा छात्रों तक एनईपी-2020 के दिशा-निर्देशों का प्रसार करेंगे।
गुरु नानक देव विश्वविद्यालय का गोल्डन जुबली सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन (GJCEI) पंजाब में नवाचार और स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देने वाला एक सशक्त केंद्र बनकर उभरा है। इस केंद्र ने प्रत्यक्ष सहयोग और मार्गदर्शन के माध्यम से 40 से अधिक स्टार्ट-अप्स को सशक्त किया है।
GJCEI के इनक्यूबेशन कार्यक्रम में पंजीकृत तीन स्टार्ट-अप्स ने जिला प्रशासन द्वारा आयोजित ‘फ्यूचर टाइकून्स’ कार्यक्रम में शीर्ष सम्मान प्राप्त किए। इस पहल के ग्रैंड फिनाले में उभरते उद्यमियों द्वारा प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिनमें GNDU के इनक्यूबीटीज़ ने तीनों शीर्ष पुरस्कार हासिल किए, जो GJCEI द्वारा पोषित विश्वविद्यालय के सशक्त उद्यमिता पारितंत्र का प्रमाण है।
GNDU अमृतसर ने MACHMA EXPO-2025, चंडीगढ़ (14-17 नवंबर 2025) में उद्योग के लिए उच्च-प्रौद्योगिकी आधारित सतत समाधानों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
ये सभी उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि गुरु नानक देव विश्वविद्यालय केवल ज्ञान का केंद्र ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायी और संवेदनशील संस्था भी है।
प्रिय विद्यार्थियो,
आज का दिन आपके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण पड़ावों में से एक है। आपने वर्षों की मेहनत, अनुशासन और संकल्प के बल पर यह उपलब्धि प्राप्त की है। यह केवल आपकी व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि आपके माता-पिता के त्याग, आपके शिक्षकों के मार्गदर्शन और इस विश्वविद्यालय की परंपरा की भी विजय है।
आज आप एक ऐसे भारत में अपने नए जीवन की शुरुआत कर रहे हैं, जो आत्मविश्वास से भरा हुआ है, जो वैश्विक मंच पर नई पहचान बना रहा है, और जो “विकसित भारत 2047” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। आज का भारत स्टार्ट-अप, स्टैंड-अप, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, ग्रीन एनर्जी, स्पेस टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भारत है। यह वही भारत है, जहाँ अवसर सीमित नहीं हैं, बल्कि केवल साहस, नवाचार और सतत सीखने की क्षमता की आवश्यकता है।
मैं आपसे आग्रह करता हूँ कि आप केवल नौकरी खोजने वाले युवा न बनें, बल्कि अवसर सृजित करने वाले, समस्या सुलझाने वाले और समाज को दिशा देने वाले युवा बनें।
आधुनिक भारत को ऐसे युवा चाहिए जो तकनीक को केवल सुविधा नहीं, बल्कि समाधान के रूप में देखें। जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को रोजगार का शत्रु नहीं, बल्कि मानवता का सहायक बनाएं।
जो स्टार्ट-अप को केवल लाभ का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनाएं। जो सोशल मीडिया को केवल आत्म-प्रचार नहीं, बल्कि सकारात्मक विचारों और राष्ट्रीय चेतना के प्रसार का मंच बनाएं।
देवियो और सज्जनो,
शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और चरित्र निर्माण है। चाणक्य नीति का यह श्लोक यहाँ स्मरणीय है, “विद्या धनं सर्वधनं प्रधानम्” अर्थात् विद्या वह धन है जिसे न चोर चुरा सकता है, न राजा छीन सकता है; जो बाँटने से बढ़ता है और जीवन भर साथ देता है।
इसलिए, मैं सभी नव स्नातकों से कहना चाहूँगा कि उपाधि प्राप्त करना सीखने की यात्रा का अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत है।
मैं विशेष रूप से यह कहना चाहूँगा कि ज्ञान के साथ विनम्रता और सफलता के साथ संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है। गुरु नानक देव जी ने हमें सिखाया कि सच्चा ज्ञान वही है जो अहंकार को समाप्त करे और मानवता को जोड़े।
प्रिय विद्यार्थियो,
आज आप जीवन के एक महत्वपूर्ण चरण को पूर्ण कर एक तीव्रगामी और चुनौतीपूर्ण संसार में प्रवेश कर रहे हैं। यहाँ आपको पहले परखा जाएगा और फिर सीख मिलेगी। पर यह संसार संभावनाओं से भी भरा है।
आप पर अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति दायित्व है। ईमानदारी, परिश्रम और समर्पण से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। इतिहास रचने वाले लोग कोई विशेष वर्ग नहीं होते, वे आप जैसे ही होते हैं। आप में से अनेक एक दिन अपने माता-पिता, शिक्षकों और देश का नाम रोशन करेंगे।
अंत में, मैं पुनः सभी उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देता हूँ और कामना करता हूँ कि आप अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग राष्ट्र और समाज के कल्याण के लिए करेंगे।
आप सभी को मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ और आशीर्वाद।
आप स्वस्थ रहें, सुखी रहें और निरंतर प्रगति करें।
धन्यवाद,
जय हिन्द!