SPEECH OF HON’BLE GOVERNOR PUNJAB AND ADMINISTRATOR, UT CHANDIGARH, SHRI GULAB CHAND KATARIA ON THE OCCASION OF REPUBLIC DAY – 2026 AT FAZILKA ON JANUARY 26, 2026.
- by Admin
- 2026-01-26 14:15
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया जी का संबोधन | ||
| दिनांकः 26.01.2026, सोमवार | समयः सुबह 9:58 बजे | स्थानः फाज़िल्का |
प्यारे पंजाब वासियो,
आज 26 जनवरी के इस पावन अवसर पर मैं देशवासियों, विशेष रूप से पंजाब के समस्त नागरिकों को 77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देता हूँ। इसी दिन हमारा संविधान लागू हुआ और भारत एक संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में प्रतिष्ठित हुआ।
इस अवसर पर मैं वीरों, गुरुओं और संतों की धरती पंजाब को नमन करता हूँ और उन सभी सैनिक परिवारों के प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त करता हूँ, जिनके वीर सपूतों ने मातृभूमि की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान दिए।
यह दिन उन महान स्वतंत्रता सेनानियों के अनूठे बलिदान का स्मरण करने का भी पावन अवसर है, जिन्होंने अपने प्राणों की परवाह किए बिना हमें स्वतंत्रता दिलाई। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, पंडित जवाहरलाल नेहरू, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद सहित असंख्य देशवासियों ने भारत को स्वतंत्रता दिलाने में अमूल्य योगदान दिया।
इसी क्रम में मैं उन अमर शहीदों का भी स्मरण करता हूँ, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों का बलिदान दिया। शहीद भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, चन्द्रशेखर आज़ाद, करतार सिंह सराभा, मदन लाल ढींगरा, लाला लाजपत राय, गदरी बाबे तथा ऐसे अनेक वीर स्वतंत्रता सेनानी हमारे राष्ट्रीय इतिहास के स्वर्णिम अध्याय हैं।
आज के इस पावन अवसर पर मैं संविधान सभा के सभी सदस्यों का भी सादर स्मरण करता हूँ, जिनके अथक परिश्रम और दूरदर्शिता से हमें एक सशक्त संविधान प्राप्त हुआ। हमारा राष्ट्र सदैव डॉ. बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर का ऋणी रहेगा, जिन्होंने प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप में संविधान को अंतिम रूप देने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
मैं इस अवसर पर भारत के महान राष्ट्रनिर्माता, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी का विशेष रूप से स्मरण करना चाहूँगा। हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि हाल ही में हमने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 150वीं जयंती मनाई, जिन्होंने स्वतंत्रता के पश्चात् देश की 562 रियासतों का शांतिपूर्ण एवं दृढ़ नेतृत्व के साथ एकीकरण कर ‘भारत माता’ को अखंड स्वरूप प्रदान किया।
मेरे प्यारे पंजाब वासियो,
आज पूरा देश गणतंत्र दिवस का पर्व हर्षोल्लास के साथ मना रहा है। गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर झांकियों और समारोहों के लिए “वंदे मातरम्” और “आत्मनिर्भर भारत” विषय चुने गए हैं। “वंदे मातरम्” हमें स्वतंत्रता संग्राम, मातृभूमि के प्रति प्रेम और वीर बलिदानों की स्मृति कराता है, वहीं “आत्मनिर्भर भारत” रक्षा, प्रौद्योगिकी, कृषि, विनिर्माण और अर्थव्यवस्था सहित हर क्षेत्र में सशक्त और स्वावलंबी भारत के संकल्प को दर्शाता है।
अभी हाल ही में ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल पूरे होने पर पूरे भारत में जश्न मनाया गया है, जो बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 1874 में रचित इस गीत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाता है।
मेरे प्यारे पंजाब वासियो,
आज जब मुझे पंजाब की इस ऐतिहासिक सीमावर्ती शहर फाज़िल्का में राष्ट्रीय ध्वज फहराने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है, तो मैं स्वयं को अत्यंत गौरवान्वित, भावविभोर और कृतज्ञ अनुभव कर रहा हूँ।
फाज़िल्का ने सदैव राष्ट्र की सुरक्षा, अखंडता और सांप्रभुता की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यहाँ की धरती ने त्याग, साहस और देशभक्ति की असंख्य गाथाओं को अपने आँचल में सँजोया है।
देश के विभाजन से पूर्व फाज़िल्का अविभाजित पंजाब का सबसे बड़ा ऊन व्यापार केंद्र था। विभाजन के बाद ऊन व्यापार प्रभावित हुआ, फिर भी फाज़िल्का ‘धान’, ‘गेहूं’ और ‘किन्नू’ जैसे उत्पादों तथा प्रसिद्ध ‘तोशा’ मिठाइयों के लिए जाना जाता है।
गर्व का विषय है कि प्रसिद्ध पंजाबी नृत्य शैली “झुमर” का आविष्कार भी फ़ाज़िल्का में ही यहां रहने वाले बाबा पोखर सिंह द्वारा किया गया था।
यह भी हम सभी के लिए अपार हर्ष और गर्व की बात है कि भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल और International Shooting Sport Federation World Cup 2025 में रजत पदक जीतने वाले भारतीय शूटर अर्जुन बाबूता भी फाज़िल्का जिले से ही हैं।
यह शहर अनेक युद्धों का साक्षी रहा है। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में फाजिल्का सीमा पर हमारे वीर जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी स्मृति में आसफवाला गांव में स्थापित शहीदी स्मारक हमें निरंतर यह याद दिलाता है कि यह धरती साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति की प्रतीक है।
मेरे प्यारे पंजाब वासियो,
हमारा पंजाब देश का एक गौरवशाली, समृद्ध और प्रेरणास्रोत राज्य है, जिसने अपनी अदम्य बहादुरी, अथक परिश्रम और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के माध्यम से संपूर्ण भारत को सदैव प्रेरित किया है। यह धरती न केवल देश की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ रही है, बल्कि कृषि, उद्योग और उद्यमिता के क्षेत्र में भी प्रगति का सशक्त प्रतीक बनी है।
सीमाओं की रक्षा से लेकर राष्ट्र निर्माण के प्रत्येक क्षेत्र में पंजाब के लोगों ने अनुकरणीय भूमिका निभाई है। हम सभी ने अभी हाल ही में पंजाब में आई भीषण बाढ़ का भयावह रूप देखा है, जिसने जन-धन, कृषि, पशुधन और बुनियादी ढांचे को भारी क्षति पहुँचाई।
लेकिन इस प्राकृतिक आपदा के बीच जो बात सबसे अधिक प्रेरणादायी रही, वह थी पंजाब के लोगों की अदम्य साहस-शक्ति, आपसी सहयोग और सेवा-भावना। पंजाबियों के साहस, परिश्रम और जुझारूपन ने यह सिद्ध कर दिया कि सीमित संसाधनों के बावजूद जिस दृढ़ता से पंजाब इस आपदा से बाहर निकला, वह पूरे देश के लिए प्रेरणा है।
प्रदेश सरकार का मूल मंत्र ‘लोक सेवा और पारदर्शी शासन’ रहा है। मुझे यह बताते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि पिछले कुछ वर्षों में पंजाब ने विकास के हर क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक नई क्रांति का सूत्रपात करते हुए ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ की शुरूआत की गई है, जिसके अंतर्गत जनवरी 2026 से हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध होगा।
इतना ही नहीं, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच स्वास्थ्य सेवाओं की दूरी को मिटाते हुए 881 ‘आम आदमी क्लीनिक’ आज जनता की सेवा में तत्पर हैं। इनमें से 565 ग्रामीण क्षेत्रों में और 316 शहरी क्षेत्रों में कार्यशील हैं। साथ ही, राज्य में कुल 356 हाई-टेक एंबुलेंसें कार्यशील हैं, जो ‘सेहतमंद पंजाब’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
जुलाई 2022 से पंजाब सरकार द्वारा राज्य के लगभग 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली दी जा रही है, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें शून्य बिल प्राप्त हो रहे हैं। इससे प्रत्येक परिवार को प्रति वर्ष लगभग 35 हजार रुपये की बचत हो रही है। साथ ही, धान के मौसम में कृषि ट्यूबवेलों को 8 घंटे से ज्यादा बिना रुकावट बिजली की सप्लाई दी गई।
शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में प्रदेश सरकार ने ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ का आगाज़ किया है। 118 ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ के माध्यम से राज्य के बच्चों को विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान की जा रही है। शिक्षकों और प्रिंसिपलों को फिनलैंड और सिंगापुर जैसे देशों में प्रशिक्षण के लिए भेजना इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
हमारी बेटियों की शिक्षा में कोई भी बाधा न आए, इस उद्देश्य से 230 से अधिक वाहनों के माध्यम से सभी स्कूल ऑफ़ एमिनेंस और लड़कियों के 17 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के लिए ट्रांसपोर्ट की सुविधा दी जा रही है, जिससे 10 हज़ार से ज्यादा स्टूडेंट्स को फ़ायदा हो रहा है।
पंजाब ने केरल जैसे राज्यों को पीछे छोड़कर नेशनल अचीवमेंट सर्वे 2024 में पहला स्थान हासिल किया है। साथ ही, यह हमारे लिए गर्व की बात है कि सरकारी स्कूलों के 265 स्टूडेंट्स ने JEE Mains, 45 ने JEE Advance और 847 ने NEET पास किया है।
प्रदेश सरकार द्वारा ‘ग्रामीण लाइब्रेरी स्कीम’ के अंतर्गत राज्य में कुल 275 आधुनिक लाईब्रेरियां स्थापित की गई हैं, जो ग्रामीण युवाओं और विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, अध्ययन और कौशल-विकास के महत्वपूर्ण केंद्र बन रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर, युवाओं के लिए रोज़गार के द्वार खोलते हुए प्रदेश सरकार ने 63 हजार से अधिक सरकारी नौकरियाँ प्रदान कर राज्य में एक नई कार्य-संस्कृति विकसित की है।
कृषि और आधारभूत संरचना पंजाब की रीढ़ है। मुझे गर्व है कि राज्य सरकार ने सिंचाई के लिए नहरी पानी की उपलब्धता को 21 प्रतिशत से बढ़ाकर 72 प्रतिशत तक पहुँचा दिया है, जिससे दशकों बाद नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुँचा है। आज़ादी के बाद पहली बार 2 हजार 300 करोड़ रुपये की लागत से 150 किलोमीटर लंबी ‘मालवा नहर’ का निर्माण किया जाना है जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि सिद्ध होगी।
किसानों के कल्याण के लिए धान की सीधी बिजाई पर 1 हजार 500 रूपये की प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि और पराली प्रबंधन हेतु मशीनों पर किसान समूहों/पंचायतों को 80 प्रतिशत और किसानों को 50 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है।
इसके साथ ही, औद्योगिक विकास को गति देते हुए राज्य सरकार ने वर्ष 2022 से अब तक डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित किया है, जिससे 5 लाख से अधिक युवाओं को रोज़गार मिलेगा। भारत सरकार ने पंजाब को ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस के लिए ‘टॉप अचीवर’ का दर्जा दिया है।
गांवों को शहरों से जोड़ने वाली लगभग 19 हजार किलोमीटर लंबी लिंक सड़कों के निर्माण एवं व्यापक नवीनीकरण का कार्य भी प्रगति पर है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की संपर्क व्यवस्था सुदृढ़ हो रही है और समग्र ग्रामीण विकास को नई गति प्राप्त हो रही है।
राज्य सरकार ने तहसीलों से ‘बिचौलिया संस्कृति’ का अंत कर ‘ईज़ी रजिस्ट्री’ व्यवस्था लागू की है, जिससे जुलाई से दिसंबर 2025 तक 3 लाख 70 हजार से अधिक रजिस्ट्रियां हुई हैं।
भ्रष्टाचार के विरुद्ध ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति के अन्तर्गत हेल्पलाईन नंबर जारी करना और सड़क हादसों में जाने वाली कीमती जान बचाने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए ‘सड़क सुरक्षा बल’ का गठन जन-सुरक्षा के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा ड्यूटी दौरान शहीद होने वाले जवानों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये की सम्मान निधि देना केवल एक सहायता नहीं, बल्कि उनके सर्वोच्च बलिदान के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता है।
साथ ही, हाल ही में आई भीषण बाढ़ के बावजूद राज्य में धान खरीद सफल रही। 156 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की गई और किसानों के खातों में 37 हजार करोड़ रुपये से अधिक का समयबद्ध भुगतान कर उन्हें राहत और भरोसा दिया गया।
राज्य सरकार द्वारा किसानों को गन्ने का 416 रुपये प्रति क्विंटल का मूल्य प्रदान किया जा रहा है, जो वर्तमान में देश में सर्वाधिक है।
हरियाली भरा पंजाब के संकल्प के अंतर्गत राज्यभर में वन क्षेत्र बढ़ाने के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में 8 वन एवं प्रकृति जागरूकता पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इनमें से चार पार्क पठानकोट में, दो पटियाला में तथा एक-एक पार्क अमृतसर और होशियारपुर में विकसित किया जा रहा है।
राज्य सरकार द्वारा श्री गुरु तेग़ बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को अत्यंत श्रद्धा, सम्मान और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्री आनंदपुर साहिब में पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें गुरु साहिब के महान जीवन, बलिदान और शिक्षाओं पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया।
पंजाब में सिखों के तख्त साहिबानों से जुड़े तीन नगरों, श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को पवित्र नगर का दर्जा प्रदान किया गया।
यदि पंजाब सरकार की ‘नशों के विरूद्ध युद्ध’ अभियान की बात करें तो इसके अंतर्गत 1 मार्च 2025 से 17 जनवरी 2026 तक नशे के खिलाफ व्यापक और निर्णायक कार्रवाई की गई। इस अवधि में एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत 31 हजार 441 मामले दर्ज किए गए तथा 45 हजार 137 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान 1 हजार 962 किलोग्राम हेरोइन और 28 टन भुक्की बरामद की गई। इसके अतिरिक्त 15 करोड़ 47 लाख रुपये की ड्रग मनी भी ज़ब्त की गई।
इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 498 ड्रोन गतिविधियों का पता लगाया गया और 256 ड्रोन बरामद किए गए। राज्य सरकार द्वारा 299 करोड़ रुपये की संपत्ति भी ज़ब्त की गई।
‘नशों के विरुद्ध युद्ध’ अभियान के तहत सीमा पार से नशे और हथियारों की तस्करी में उपयोग किए जा रहे ड्रोनों पर काबू पाने के लिए पंजाब सरकार द्वारा तीन ‘बाज़ आँख’ एंटी-ड्रोन सिस्टम स्थापित किए गए हैं।
अदालतों में एन.डी.पी.एस. एक्ट के अंतर्गत 6 हजार 40 मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें से 5 हजार 317 मामलों में सजा सुनाई गई, जिससे सजा की दर 88 प्रतिशत रही। साथ ही, मार्च 2025 से अब तक राज्य के सभी जिलों में 50 हजार 433 नशा विरोधी जागरूकता बैठकों का आयोजन किया गया।
हर्ष का विषय है कि सरकार द्वारा पंजाब में 3 हजार 83 ग्रामीण खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। इससे युवाओं को खेलों से जोड़कर उन्हें नशे से दूर रखने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि हम शीघ्र ही पंजाब से नशे की समस्या को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे और अपने युवाओं को एक स्वस्थ, सशक्त, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर करेंगे ताकि हमारा पंजाब एक बार फिर अपनी ‘रंगला पंजाब’ की गौरवशाली पहचान को पुनः प्राप्त कर सके।
देश की बात करें तो आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, एक प्रभावशाली वैश्विक शक्ति और विकासशील राष्ट्रों की प्रेरणा बन चुका है।
आज भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम है, जहाँ 1 लाख 94 हजार से अधिक स्टार्ट-अप सक्रिय हैं, जिनमें 76 हजार से अधिक में महिला निदेशक हैं।
रक्षा क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भरता की नई ऊँचाइयों पर है। वर्ष 2024-25 में रक्षा उत्पादन 1 लाख 51 हजार करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा, रक्षा निर्यात 23 हजार 622 करोड़ रुपये रहा और लगभग 65 प्रतिशत रक्षा उपकरण देश में ही निर्मित हो रहे हैं।
अंतरिक्ष क्षेत्र में चंद्रयान-3, आदित्य-एल1, स्पेडेक्स और जैविक प्रयोगों ने भारत को अग्रणी अंतरिक्ष राष्ट्रों में स्थापित किया है। ‘इंडिया एआई मिशन’ के अंतर्गत 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से भारत वैश्विक एआई शक्ति के रूप में उभरा है। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 10 इकाइयों की स्थापना, जिनमें एक मोहाली में प्रस्तावित है, तकनीकी आत्मनिर्भरता का मजबूत संकेत है।
खेलों की बात करें तो वर्ष 2025 हमारे लिए ऐतिहासिक रहा। भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी, महिला टीम ने पहला विश्व कप, तथा पैरा और अन्य खेलों में भारत ने दर्जनों अंतरराष्ट्रीय पदक जीते। 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेज़बानी अहमदाबाद को मिलना भारत की खेल-क्षमता का वैश्विक प्रमाण है।
कृषि क्षेत्र में भारत ने 2024-25 में 357 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन कर नया रिकॉर्ड बनाया। किसान-केंद्रित योजनाओं, डिजिटल खेती और स्टार्ट-अप्स से किसान को सशक्त उद्यमी बनाया जा रहा है।
महिला सशक्तिकरण हेतु ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’, ‘लखपति दीदी’, ‘मुद्रा’ और ‘मिशन शक्ति’ जैसी पहलों से सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता को बल मिला है।
जीएसटी सुधारों द्वारा कर प्रणाली को सरल कर केवल दो स्लैब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत में समाहित किया गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में 2014 से अब तक 1 लाख से अधिक मेडिकल सीटें जुड़ी हैं, मेडिकल कॉलेज 800 से अधिक हो चुके हैं। “फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड” के रूप में भारत की भूमिका सुदृढ़ हुई है।
शिक्षा क्षेत्र में भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा उच्च शिक्षा तंत्र बन चुका है, जहाँ विश्वविद्यालयों की संख्या 1 हजार 338 और कॉलेज 52 हजार से अधिक हो गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने भविष्य-तैयार शिक्षा प्रणाली की नींव रखी है।
सांस्कृतिक क्षेत्र में राम मंदिर शिखर ध्वजारोहण, सोमनाथ स्वाभिमान पर्व और श्री गुरु तेग़ बहादुर जी का 350वाँ शहीदी दिवस राष्ट्रीय चेतना के प्रतीक बने।
सुरक्षा मोर्चे पर, पहलगाम आतंकी हमले के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘ऑपरेशन महादेव’ ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत आतंकवाद के विरुद्ध त्वरित, सटीक और निर्णायक कार्रवाई में विश्वास करता है।
समग्र रूप से, आज का भारत आत्मनिर्भर, तकनीकी रूप से सशक्त, सांस्कृतिक रूप से जागृत और वैश्विक मंच पर निर्णायक राष्ट्र के रूप में स्थापित हो चुका है।
प्यारे पंजाब वासियो,
आज का पंजाब परंपरा और प्रगति का सशक्त संगम है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि अपने परिश्रमी किसानों, कर्मठ श्रमिकों, प्रतिभाशाली युवाओं और प्रतिबद्ध प्रशासन के सहयोग से पंजाब आने वाले वर्षों में विकसित भारत के निर्माण में और अधिक प्रभावी योगदान देगा।
मैं पंजाब के सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों तथा अन्य शैक्षणिक संस्थानों से विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता हूँ कि वे राज्य के सीमावर्ती जिलों में अपने-अपने एक्सटेंशन सेंटर स्थापित करें, कौशल विकास केंद्र आरंभ करें अथवा सीमावर्ती गांवों को गोद लेकर वहाँ शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण, डिजिटल साक्षरता और स्वरोजगार को बढ़ावा दें।
इससे सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण अवसर प्राप्त होंगे, पलायन रुकेगा और ये क्षेत्र शिक्षा व कौशल के केंद्र के रूप में विकसित हो सकेंगे। यह पहल न केवल सामाजिक संतुलन को सुदृढ़ करेगी, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थायी विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा के सामाजिक आधार को भी मजबूत करेगी।
मैं विशेष रूप से पंजाब के युवाओं से आह्वान करता हूँ कि वे नशे के विरुद्ध एक जन-आंदोलन का नेतृत्व करें। नशा किसी भी समस्या का समाधान नहीं, बल्कि समूचे परिवार और समाज को तोड़ने वाला ज़हर है। अपने जीवन को शिक्षा, कौशल, खेल, उद्यमिता और सेवा के मार्ग पर केंद्रित करें।
याद रखिए, एक सजग, स्वस्थ और आत्मनिर्भर युवा ही पंजाब की सबसे बड़ी शक्ति है। जब युवा जागरूक होंगे, तभी तस्करी के ये नेटवर्क कमजोर पड़ेंगे और सीमावर्ती क्षेत्र राष्ट्र की सुरक्षा की एक सशक्त दीवार बनेंगे।
इस गणतंत्र दिवस पर, आइए हम संकल्प लें कि पंजाब सहित समस्त भारत को विकसित, सशक्त, आत्मनिर्भर और समावेशी राष्ट्र बनाने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे।
विकसित भारत होने का गौरव हमारे हृदय में केवल एक आकांक्षा नहीं, बल्कि एक साझा राष्ट्रीय चेतना है, जो हमें कर्तव्य, करुणा और राष्ट्रभक्ति के पथ पर निरंतर अग्रसर करती है।
इसी आह्वान के साथ एक बार फिर से आप सभी को 77वें गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत बधाई।
धन्यवाद,
जय हिन्द!
जय भारत!