SPEECH OF PUNJAB GOVERNOR AND ADMINISTRATOR, UT CHANDIGARH, SHRI GULAB CHAND KATARIA ON THE OCCASION OF FOUNDATION STONE OF POLICE STATION AT CHANDIGARH ON JANUARY 27, 2026.
- by Admin
- 2026-01-27 14:20
आई.टी. पार्क और मौली जागरां पुलिस थानों के शिलान्यास पर
राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया जी का संबोधन
दिनांकः 27.01.2026, मंगलवार
समयः दोपहर 12:00 बजे
स्थानः चंडीगढ़
नमस्कार!
आज का दिन चंडीगढ़ के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण है, क्योंकि आज हम आई.टी. पार्क और मौली जागरां, चंडीगढ़ में दो नए, अत्याधुनिक पुलिस थाना भवनों के शिलान्यास समारोह के साक्षी बन रहे हैं।
“Future-Ready Chandigarh 2030 and Beyond” के दृष्टिकोण के अनुरूप तथा तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों में मजबूत कानून-व्यवस्था अवसंरचना की बढ़ती आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, आज का यह अवसर एक सुरक्षित, उत्तरदायी और नागरिक-केन्द्रित प्रशासन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम है।
मैं इस महत्वपूर्ण पहल के लिए चंडीगढ़ प्रशासन, गृह विभाग तथा चंडीगढ़ पुलिस को हार्दिक बधाई देता हूँ। यह परियोजना शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, आधुनिक तथा जन-सुलभ बनाने की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
देवियो और सज्जनो,
पूरी दुनिया में ‘सिटी ब्यूटीफुल’ के रूप में विख्यात चंडीगढ़ को एक आदर्श और सुरक्षित शहर बनाए रखने में चंडीगढ़ पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। हालांकि शहर के योजनाकार ली-कार्बूज़ियर ने इसकी परिकल्पना केवल 5 लाख की आबादी के लिए की थी, परंतु आज इसकी जनसंख्या 10 लाख से अधिक हो चुकी है। इस बढ़ते दबाव के अनुरूप चंडीगढ़ पुलिस ने अपने बुनियादी ढांचे, जनशक्ति और यातायात प्रबंधन को निरंतर सुदृढ़ किया है। स्थापना के समय जहाँ बल की संख्या मात्र 1 हजार 643 थी, वहीं आज चंडीगढ़ पुलिस में 6 हजार से अधिक प्रशिक्षित पुरुष एवं महिला अधिकारी और कर्मचारी सेवा दे रहे हैं।
वर्ष 1966 में स्थापना के बाद से चंडीगढ़ पुलिस ने अपनी प्रतिबद्धता, निष्पक्षता और व्यावसायिकता के लिए विशिष्ट पहचान बनाई है। "We Care For You" का ध्येय वाक्य नागरिकों की सेवा और सुरक्षा के प्रति उसके संकल्प को दर्शाता है।
चंडीगढ़ पुलिस देश का पहला बल है जिसने 1 जुलाई 2024 से नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए पूरे बल को इसके लिए प्रशिक्षित किया। माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी द्वारा ई-साक्ष्य, ई-समन, न्याय सेतु और न्याय श्रुति जैसे अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ इस दिशा में एक ऐतिहासिक कदम रहा है।
सबसे सराहनीय तथ्य यह है कि चंडीगढ़ पुलिस नशे के विरुद्ध लड़ाई में केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक जागरूकता और युवा मार्गदर्शन में भी सक्रिय है।
“बल्ला घुमाओ, नशा भगाओ” के नारे के साथ गली क्रिकेट टूर्नामेंट के माध्यम से पुलिस युवाओं को सकारात्मक दिशा दे रही है। निःसंदेह, यह पहल चंडीगढ़ पुलिस को केवल एक प्रवर्तन एजेंसी नहीं, बल्कि एक सामाजिक साझेदार के रूप में स्थापित करती है।
देवियो और सज्जनो,
चंडीगढ़ सदैव अपने सुव्यवस्थित विकास, सुशासन और नागरिक अनुशासन के लिए जाना जाता रहा है। जैसे-जैसे यह शहर निरंतर विस्तार कर रहा है और नए आवासीय क्षेत्रों, वाणिज्यिक परिसरों तथा आई.टी. हब्स का विकास हो रहा है, वैसे-वैसे कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जिम्मेदारियाँ भी कई गुना बढ़ गई हैं।
आई.टी. पार्क, किशनगढ़, मौली जागरां कॉलोनी, विकास नगर, मौली गाँव, रायपुर कलां तथा आसपास के क्षेत्रों में तेज़ी से विकास हुआ है। इस तीव्र शहरी विस्तार को देखते हुए नागरिकों की बेहतर सेवा, सुरक्षा और सुविधा के लिए स्थायी, आधुनिक और सुसज्जित पुलिस थानों की स्थापना अत्यंत आवश्यक हो गई है।
विशेष रूप से आई.टी. पार्क और किशनगढ़ क्षेत्र आज चंडीगढ़ के सबसे तेजी से विकसित होते इलाकों में शामिल हैं। इस विकास ने जहाँ आर्थिक गतिविधियों को गति दी है, वहीं यातायात प्रबंधन, सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी नई चुनौतियाँ भी उत्पन्न की हैं। हाल तक इन क्षेत्रों में पुलिसिंग अस्थायी और सीमित अवसंरचना के माध्यम से संचालित की जा रही थी, जो वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप पर्याप्त नहीं थी।
इसी आवश्यकता को देखते हुए, चंडीगढ़ प्रशासन ने आई.टी. पार्क में एक स्थायी और आधुनिक पुलिस थाना स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह पुलिस थाना 0.366 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा, जिसका कुल निर्मित क्षेत्र लगभग 19 हजार 832 वर्ग फुट होगा। यह भवन बेसमेंट, ग्राउंड और तीन मंजिलों का होगा, जिसमें 14 वाहनों की पार्किंग सुविधा भी उपलब्ध होगी। इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए कुल 9 करोड़ 81 लाख रूपये का बजट मंजूर किया गया है।
आई.टी. पार्क के थाने को पुलिस कर्मियों और नागरिकों दोनों की परिचालन, प्रशासनिक तथा कल्याणकारी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अत्यंत सूक्ष्मता से डिज़ाइन किया गया है। इसमें मालखाना, अस्त्रागार, पूछताछ कक्ष, महिला सहायता डेस्क, पुरुष एवं महिला लॉक-अप, अधिकारियों के विश्राम कक्ष तथा बैरक जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं।
साथ ही, इसमें सम्मेलन कक्ष, कैंटीन, गियरलेस मशीन लिफ्ट, खेल कक्ष एवं व्यायामशाला जैसी प्रशासनिक एवं जन-सुविधाएँ भी उपलब्ध होंगी। दिव्यांगजनों की सुविधा हेतु इसमें बैरियर-फ्री शौचालय, टैक्टाइल फ़्लोरिंग, हैंड रेलिंग, उपयुक्त संकेतक तथा सुगम आवागमन क्षेत्र विकसित किए गए हैं।
यह पुलिस थाना ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप निर्मित होगा, जिसमें थर्मल इन्सुलेशन हेतु कैविटी वॉल्स, वर्षा जल संचयन प्रणाली, सौर जल तापन प्रणाली, हीट रिफ्लेक्टिंग रूफ टाइल्स तथा बाहरी सौर प्रकाश व्यवस्था शामिल है।
विशेष रूप से यह भवन आई.टी. पार्क की आधुनिक डिज़ाइन थीम के अनुरूप विशिष्ट एवं सौंदर्यपूर्ण वास्तुकला पर आधारित होगा।
इसी प्रकार, वर्तमान में मौली जागरां क्षेत्र की कानून-व्यवस्था एक छोटे से पुलिस थाने से संचालित की जा रही है, जिसमें मात्र 8 कमरे और केवल एक लॉक-अप कक्ष उपलब्ध है, जो क्षेत्र की तेजी से बढ़ती आबादी और शहरी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अपर्याप्त है।
इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, चंडीगढ़ प्रशासन ने मौली जागरां में भी एक स्थायी, आधुनिक और पूर्ण रूप से सुसज्जित पुलिस थाना स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह पहल मौली जागरां कॉलोनी, विकास नगर, मौली गांव, रायपुर कलां और आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों के लिए एक बड़ी सौगात है।
यह पुलिस थाना 0.789 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा, जिसका कुल निर्मित क्षेत्र लगभग 41 हजार 227 वर्ग फुट होगा। यह भवन बेसमेंट, ग्राउंड और तीन मंजिलों का होगा तथा इसके निर्माण के लिए 19 करोड़ 51 लाख रूपये की मंजूरी प्रदान की गई है। इसमें विभिन्न प्रयोजनों के लिए कुल 52 कमरे होंगे, जिनमें पुरुष एवं महिला लॉक-अप, पुरुष एवं महिला बैरक तथा उनके लिए अलग-अलग शौचालय शामिल हैं।
इस पुलिस थाने में मालखाना, अस्त्रागार, पूछताछ कक्ष, महिला सहायता डेस्क, अधिकारियों व ए.एस.आई. के कक्ष, सम्मेलन कक्ष, खेल कक्ष, कैंटीन, पैंट्री और व्यायामशाला जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। भवन में दो सीढ़ियाँ, लिफ्ट तथा अग्निशमन प्रणाली भी स्थापित की जाएगी।
दिव्यांगजनों की सुविधा हेतु रेलिंग, बैरियर-फ्री शौचालय, संकेतक और सुगम आवागमन क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। साथ ही यह पुलिस थाना ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप होगा, जिसमें वर्षा जल संचयन, सौर जल तापन प्रणाली तथा बाहरी सौर प्रकाश व्यवस्था शामिल होंगी।
मेरा पूर्ण विश्वास है कि ये दोनों नए पुलिस थाने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, आपातकालीन प्रतिक्रिया समय को कम करने, अपराध नियंत्रण, प्रभावी जांच और समुदाय-आधारित पुलिसिंग को सशक्त बनाएंगे। इससे नागरिकों का पुलिस पर विश्वास बढ़ेगा और उन्हें सुरक्षा की बेहतर अनुभूति होगी।
देवियो और सज्जनो,
कानून-व्यवस्था किसी भी सभ्य, लोकतांत्रिक और प्रगतिशील समाज की आधारशिला होती है। जिस समाज में नागरिक स्वयं को सुरक्षित, संरक्षित और निश्चिंत अनुभव करते हैं, वहीं शिक्षा का विस्तार होता है, व्यापार और उद्योग फलते-फूलते हैं, नवाचार को प्रोत्साहन मिलता है और सामाजिक जीवन संतुलित तथा सौहार्दपूर्ण बनता है। सुरक्षा का वातावरण केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह विश्वास, स्थिरता और विकास की मजबूत नींव तैयार करता है।
पुलिस थाने केवल ईंट, पत्थर और सीमेंट से बने भवन नहीं होते। वे नागरिकों के लिए भरोसे, संरक्षण और न्याय के जीवंत केंद्र होते हैं। यही वे स्थान होते हैं जहाँ संकट की घड़ी में आम नागरिक अपनी पीड़ा, अपनी आशा और अपने विश्वास के साथ सबसे पहले पहुँचता है। पुलिस थाना वह मंच होता है जहाँ पीड़ित को संबल मिलता है, निर्बल को सुरक्षा मिलती है और समाज को यह विश्वास मिलता है कि कानून उसके साथ खड़ा है।
आज के युग में पुलिसिंग की भूमिका निरंतर विस्तृत और जटिल होती जा रही है। साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी, नशा तस्करी, महिला एवं बाल अपराध, यातायात प्रबंधन और आपदा प्रबंधन, ये सभी आधुनिक पुलिस व्यवस्था के सामने नई चुनौतियाँ हैं। ऐसे में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त, तकनीकी रूप से सशक्त और नागरिक-अनुकूल पुलिस थानों का निर्माण समय की आवश्यकता है।
इसलिए, आधुनिक, सुलभ और संवेदनशील पुलिस थानों का निर्माण केवल अवसंरचना विकास नहीं, बल्कि नागरिक विश्वास के तंत्र को सुदृढ़ करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे केंद्र जब मानवीय दृष्टिकोण, तकनीकी सक्षमता और प्रशासनिक दक्षता से युक्त होते हैं, तभी वे वास्तव में सेवा, सुरक्षा और न्याय के मूल्यों को साकार करते हैं।
साथियो,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का दृष्टिकोण हमें एक ऐसे भारत की ओर ले जा रहा है जो 2047 तक पूरी तरह से विकसित हो। उनका विजन एक ऐसे भारत का है जो आतंकवाद और नशीले पदार्थों से मुक्त हो, जहाँ आंतरिक सुरक्षा मजबूत हो, और जहाँ मानवाधिकारों और नागरिकों के अधिकारों की पूरी सुरक्षा हो। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में हमारी पुलिस बल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के “सुरक्षित भारत, सशक्त भारत” के संकल्प को साकार करने में चंडीगढ़ पुलिस महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। बदलते समय में तकनीक का उपयोग, सामुदायिक पुलिसिंग और नागरिकों के साथ सतत संवाद की दिशा में आपके प्रयास अत्यंत सराहनीय हैं।
देवियो और सज्जनो,
चंडीगढ़ को ‘सिटी ब्यूटीफुल’ के रूप में जाना जाता है, परंतु किसी भी शहर की वास्तविक सुंदरता उसकी इमारतों से नहीं, बल्कि उसके नागरिकों की सुरक्षा, व्यवस्था और जीवन-गुणवत्ता से मापी जाती है। सुरक्षित शहर ही स्मार्ट शहर होता है, और स्मार्ट पुलिसिंग ही सुरक्षित शहर की पहचान है।
मुझे यह कहते हुए गर्व होता है कि चंडीगढ़ पुलिस ने बीते वर्षों में अत्यंत पेशेवर, तकनीकी नवाचार और नागरिक-मैत्री दृष्टिकोण के साथ उत्कृष्ट कार्य किया है। हाल ही में पुलिस की तेज़ आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। ऐसे में आई.टी. पार्क और मौली जागरां में बनने वाले ये नए पुलिस थाने पुलिस की क्षमताओं को और अधिक विस्तार देंगे।
मैं इस महत्वपूर्ण पहल के लिए चंडीगढ़ पुलिस, इंजीनियरिंग विभाग और सभी संबंधित एजेंसियों के प्रयासों की सराहना करता हूँ। मैं आशा करता हूँ कि ये दोनों परियोजनाएँ समयबद्ध, पारदर्शी और उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ पूर्ण की जाएँगी, ताकि शीघ्र ही ये जनता की सेवा में समर्पित हो सकें।
आज जब हम इन दोनों पुलिस थाना भवनों की आधारशिला रख रहे हैं, तो हम यह संकल्प दोहराते हैं कि कानून का शासन, नागरिक सुरक्षा और न्यायपूर्ण प्रशासन हमारे कार्यों का मूल आधार रहेगा और चंडीगढ़ को एक सुरक्षित, उत्तरदायी और नागरिक-मैत्री शहर बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी।
इन्हीं शुभकामनाओं के साथ, मैं इन दोनों परियोजनाओं के शीघ्र पूर्ण होने तथा इनके माध्यम से क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था, नागरिक सुविधाओं और पुलिसिंग क्षमता को नई मजबूती मिलने की कामना करता हूँ।
धन्यवाद,
जय हिन्द!