SPEECH OF PUNJAB GOVERNOR AND ADMINISTRATOR, UT CHANDIGARH, SHRI GULAB CHAND KATARIA ON THE OCCASION OF INTERACTION WITH NCC CADETS WHO PARTICIPATED AT REPUBLIC DAY ON 26TH JANUARY, 2026 AT LOK BHAVAN, PUNJAB ON FEBRUARY 2, 2026.
- by Admin
- 2026-02-02 18:10
एन.सी.सी. कैडेट्स के अभिनंदन समारोह के अवसर पर राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया जी का संबोधनदिनांकः 02.02.2026, सोमवार समयः शाम 4:00 बजे स्थानः लोकभवन
प्यारे एनसीसी कैडेट्स!
पंजाब लोक भवन में आप सभी का स्वागत करते हुए मुझे अपार प्रसन्नता और गर्व का अनुभव हो रहा है। आज का यह समारोह केवल सम्मान का अवसर नहीं, बल्कि उस अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्रभक्ति का उत्सव है, जिसे आप अपने आचरण से प्रतिदिन सिद्ध करते हैं। आपमें से प्रत्येक ने 77वें गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेकर पंजाब और चंडीगढ़ का मान बढ़ाया है, इसके लिए आप सभी को हार्दिक बधाई।
नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर कदमताल करना केवल परेड का हिस्सा बनना नहीं है; यह संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्र की संप्रभुता के प्रति आपकी सार्वजनिक प्रतिबद्धता है। लाखों युवाओं में से आपका चयन, आपकी प्रतिभा, अनुशासन और चरित्र की पहचान है।
यह हमारे लिए अत्यंत गर्व और सम्मान की बात है कि हमारे चंडीगढ़ स्थित एन.सी.सी. पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश एवं चंडीगढ़ निदेशालय, ने नई दिल्ली में आयोजित रिपब्लिक डे कैंप में भाग लेने के लिए 133 कैडेट्स का एक सशक्त दल भेजा था। इनमें से 63 कैडेट पंजाब से तथा 28 कैडेट चंडीगढ़ से थे।
हम सभी जानते हैं कि रिपब्लिक डे कैंप के दौरान विभिन्न निदेशालयों के बीच अनेक प्रशिक्षण प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती हैं, साथ ही अपने-अपने क्षेत्र की संस्कृति और विरासत को प्रदर्शित करने के अवसर भी प्रदान किए जाते हैं।
हमारे एनसीसी चंडीगढ़ निदेशालय के कैडेट्स ने सांस्कृतिक नृत्य, बैले (नृत्य नाटक) तथा राष्ट्रीय एकता प्रस्तुति के माध्यम से पंजाब और चंडीगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों की सराहना शिविर में पधारे अनेक वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों द्वारा की गई, जिनमें माननीय प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री भी शामिल थे।
मुझे यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि हमारे चंडीगढ़ निदेशालय ने पूर्ण उत्साह और प्रतिस्पर्धात्मक भावना के साथ इन प्रतियोगिताओं में भाग लिया तथा 17 एनसीसी निदेशालयों के मध्य उपविजेता ट्रॉफी (Runner-Up Trophy) प्राप्त की, साथ ही अनेक पदक और ट्रॉफियाँ भी जीतीं।
यह गर्व का विषय है कि ऑल इंडिया बेस्ट कैडेट प्रतियोगिता में हमारे 02 कैडेट्स ने स्वर्ण पदक तथा 01 कैडेट ने रजत पदक अर्जित किया।
इसी प्रकार, 1 पंजाब आर.एंड.वी. स्क्वाड्रन, लुधियाना के कैडेट्स ने रिपब्लिक डे कैंप प्रतियोगिताओं में 09 पदक (03 स्वर्ण, 03 रजत एवं 03 कांस्य) तथा 04 ट्रॉफियाँ प्राप्त कीं।
जानकर अत्यंत हर्ष हुआ कि 26 जनवरी 2026 को कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में हमारे एन.सी.सी. निदेशालय चंडीगढ़ के 11 कैडेट्स ने एनसीसी दल के साथ मार्च पास्ट में भाग लिया और प्रथम स्थान प्राप्त किया।
इसी प्रकार, 28 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री रैली के दौरान आयोजित गार्ड ऑफ ऑनर में हमारे चंडीगढ़ निदेशालय के 8 कैडेट्स ने भाग लिया और वहाँ भी प्रथम स्थान प्राप्त किया।
यह हमारे लिए अत्यंत हर्ष का विषय है कि पिछले एक वर्ष में, पंजाब के 36 कैडेट्स तथा चंडीगढ़ के 18 कैडेट्स ने अधिकारी के रूप में रक्षा सेवाओं में प्रवेश किया है, जबकि 216 कैडेट्स ने अग्निवीर के रूप में सशस्त्र सेनाओं में शामिल होकर राष्ट्रसेवा का संकल्प लिया है।
यह उपलब्धि आप सभी कैडेट्स के कठिन प्रशिक्षण, आपके प्रशिक्षकों के समर्पण और आपके अभिभावकों के विश्वास का सुंदर प्रतिफल है। मैं एनसीसी निदेशालय, चंडीगढ़ के अधिकारियों तथा आप सभी कैडेट्स को विभिन्न व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में ट्रॉफियां और पदक जीतने के लिए बधाई देता हूँ। साथ ही, एनएसएस के वे स्वयंसेवक और प्रोग्राम अधिकारी भी अभिनंदन के पात्र हैं जिन्होंने रिपब्लिक डे परेड कैंप में भाग लेकर सेवा-भाव का परिचय दिया।
साथियों,
एनसीसी की स्थापना 1948 में हुई थी। लगभग 20 हजार कैडेट्स से प्रारंभ हुई यह यात्रा आज 13.5 लाख से अधिक कैडेट्स तक पहुँच चुकी है।
फिर भी, 140 करोड़ की आबादी वाले देश में यह संख्या और बढ़नी चाहिए। संतोष की बात है कि एनसीसी में पंजाब और चंडीगढ़ का सशक्त प्रतिनिधित्व है। यह हमारे प्रदेशों की देशभक्ति और लोकसेवा की भावना का प्रमाण है।
एनसीसी का आदर्श वाक्य “एकता और अनुशासन” लोकतांत्रिक जीवन के सार को व्यक्त करता है। ये संगठन युवाओं को राष्ट्रीय लक्ष्यों, सामाजिक सरोकारों और सेवा-भाव से जोड़ता है। कोरोना काल में इन स्वयंसेवकों ने जिस प्रकार समाज की सेवा की, उसे देश ने कृतज्ञता के साथ याद किया।
प्रिय कैडेट्स,
हमारा पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है। यहाँ समय-समय पर अनेक चुनौतियाँ आती रहती हैं। आप जैसे प्रशिक्षित, जागरूक और अनुशासित युवा आवश्यकता पड़ने पर फर्स्ट रिस्पॉन्डर की भूमिका निभा सकते हैं, चाहे वह आपदा प्रबंधन हो, जन-जागरूकता हो, या सामाजिक सहयोग।
इसी संदर्भ में, मैं एक गंभीर विषय आपके सामने रखना चाहता हूँ, नशे की रोकथाम। जब से मैं पंजाब का राज्यपाल बना हूं तब से मैं राज्य के सभी सरहदी जिलों में कई बार गया और लोगों को ड्रग्स की रोकथाम के लिए जागरूक किया। मैं आपसे भी कहूंगा कि स्कूल व कॉलेज कैंपसों को नशा मुक्त रखने में आप अपना सहयोग दें।
ड्रग माफिया कॉलेज कैंपस में युवाओं को ड्रग्स बेचने और उन्हें इसका आदी बनाने के लिए निशाना बना रहे हैं। जिस स्कूल या कॉलेज में एनसीसी है वहां नशा नहीं पहुंचना चाहिए। ड्रग्स के खिलाफ निरंतर अभियान चलाएं। कैंपसों में एनसीसी स्वयंसेवकों को शामिल करते हुए एंटी ड्रग फोर्स का गठन करें।
स्वयंसेवी बल नुक्कड़ नाटकों और सोशल मीडिया जैसे मंचों के माध्यम से छात्रों और जनता के बीच जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से गतिविधियां चलाएं। एनसीसी के यूनिट कैंपसों में प्रतिबंधित पदार्थों की बिक्री और उपयोग पर निगरानी बनाए रखें।
प्रिय कैडेट्स,
याद रखिए कि "Once a Cadet, Always a Cadet" वर्दी भले उतर जाए, पर अनुशासन, देशभक्ति और नेतृत्व जीवनभर आपके साथ रहना चाहिए। आप जिस भी क्षेत्र में जाएँ, परिवर्तन के वाहक बनें।
स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था, “मुझे सौ युवा दीजिए, मैं भारत को बदल दूँगा।” आप वही युवा हैं।
माननीय प्रधानमंत्री जी ने भी कहा है कि हमारी सफलताएँ केवल हमारे प्रयासों से नहीं आतीं; उनमें माता-पिता, गुरुजन, मित्र और समाज का योगदान होता है। इसलिए, अपने लक्ष्यों को देश के लक्ष्यों से जोड़कर देखिए, आपकी सफलता, भारत की सफलता बन जाएगी।
ऐतिहासिक सफलताएँ वही होती हैं जो केवल उपलब्धि बनकर न रह जाएँ, बल्कि पूरी मानवता के विकास की सीढ़ियाँ बनें। यही “सबका प्रयास” की भावना की वास्तविक शक्ति है।
राष्ट्रीय कैडेट कोर का गीत भी हमें यही संदेश देता हैः
हम सब भारतीय हैं, हम सब भारतीय हैं...
रंग-बिरंगे दीपक हैं हम, लेकिन जगमग एक है...
हम सब भारतीय हैं, हम सब भारतीय हैं...
अर्थात विविधताओं से भरे इस देश में हमारी पहचान भिन्न हो सकती है, पर हमारी चेतना, हमारा लक्ष्य और हमारा राष्ट्रभाव एक है।
इस विचार का सार यह है कि परिवर्तन हमेशा किसी एक छोटे, सच्चे और साहसी कदम से शुरू होता है। जब एक व्यक्ति पहल करता है, तो उसका प्रभाव अनेक लोगों तक पहुँचता है और वही छोटी लहरें मिलकर बड़े बदलाव का रूप ले लेती हैं।
प्रिय कैडेट्स, आप वही लहरें हैं। आपका अनुशासन, आपका सेवा-भाव और आपका नेतृत्व समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा बन सकता है।
प्रिय कैडेट्स,
भारत आज विश्व के सबसे युवा देशों में अग्रणी है और आप उस युवा शक्ति के प्रतिनिधि हैं, जो आने वाले भारत की दिशा तय करेगी। राष्ट्र का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि आप स्वयं को ज्ञान, कौशल, अनुशासन और चरित्र से कितना सशक्त बनाते हैं; आप विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और सेवा-भाव के माध्यम से देश की प्रगति में कितना योगदान देते हैं; और आप अपनी क्षमताओं का उपयोग केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्रहित में कैसे करते हैं।
आज हम आज़ादी के अमृतकाल में अग्रसर हैं। यह वह समय है जब भारत तेज़ी से डिजिटल परिवर्तन, आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष अनुसंधान, हरित प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप संस्कृति और नवाचार के नए युग में आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत के सबसे बड़े लाभार्थी आप होंगे, क्योंकि यह भविष्य आपके सामने आकार ले रहा है। साथ ही, इस विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी जिम्मेदारी भी आपके ही कंधों पर है।
आप केवल परेड ग्राउंड के अनुशासित कैडेट नहीं हैं, बल्कि डिजिटल युग के जागरूक नागरिक भी हैं। आपको तकनीक का उपयोग ज्ञान, रचनात्मकता, राष्ट्रसेवा और सामाजिक जागरूकता के लिए करना है, न कि भटकाव के लिए।
आने वाला समय उन्हीं युवाओं का है जो अनुशासन के साथ तकनीकी दक्षता, नवाचार के साथ नैतिकता, और आधुनिक सोच के साथ राष्ट्रभक्ति का संतुलन स्थापित कर सकें। मुझे विश्वास है कि आप उसी संतुलन के साथ भारत को नई ऊँचाइयों तक ले जाएंगे।
प्रिय कैडेट्स,
आपका गणतंत्र दिवस परेड के लिए चयन आपके समर्पण की पहचान है। मुझे विश्वास है कि एनसीसी में सीखा हुआ अनुशासन आपको शिक्षा, करियर और जीवन के हर क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।
मैं एनसीसी निदेशालय, इसके अधिकारियों, कैडेट्स, और प्रोग्राम अधिकारियों को हार्दिक बधाई देता हूँ और आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ।
अन्त में इतना ही कहूंगा कि, ‘‘कौन कहता है कि आसमां में छेद नहीं हो सकता जरा एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो”
धन्यवाद,
जय हिन्द!