SPEECH OF PUNJAB GOVERNOR AND ADMINISTRATOR, UT CHANDIGARH, SHRI GULAB CHAND KATARIA ON THE OCCASION OF NATIONAL URBAN CONCLAVE CONFERENCE IN CHANDIGARH ON MARCH 13, 2026.

"Urban Innovation Summit 2026" के अवसर पर

माननीय राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया जी का संबोधन

दिनांकः 13.03.2026, शुक्रवारसमयः सुबह 10:30 बजेस्थानः चंडीगढ़

      

सभी विशिष्ट अतिथियों, नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, शहरी योजनाकारों, नवप्रवर्तकों और यहाँ उपस्थित सभी सम्मानित जनों को मेरा नमस्कार।

Urban Innovation Summit 2026 में आप सभी को संबोधित करना मेरे लिए गर्व और प्रसन्नता की बात है। मैं नगर निगम चंडीगढ़ और एलेट्स टेक्नोमीडिया (Elets Technomedia) को इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए हार्दिक बधाई देता हूँ, जिन्होंने शहरी विकास और प्रशासन के क्षेत्र में काम कर रहे विशेषज्ञों और नेताओं को एक मंच पर एकत्र किया है।

मेरा मानना है कि यह केवल एक सम्मेलन नहीं है, बल्कि सहयोग और नवाचार की एक जीवंत प्रयोगशाला है, जहाँ विचारशील नेता, नवप्रवर्तक, नीति-निर्माता और उद्योग जगत के प्रतिनिधि मिलकर उन समाधानों पर विचार, परीक्षण और प्रस्तुति करते हैं जो भारत के अगली पीढ़ी के शहरों को आकार देंगे। ऐसे शहर जो अधिक स्मार्ट, अधिक हरित, अधिक समावेशी और अधिक सशक्त तथा अनुकूल हों।

चंडीगढ़ केवल एक शहर नहीं है, बल्कि यह भारत में सुनियोजित शहरीकरण का एक उत्कृष्ट और ऐतिहासिक मॉडल है। इस ‘सिटी ब्यूटीफुल’ की सुंदरता, स्वच्छता और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे को बनाए रखने में नगर निगम चंडीगढ़ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और सराहनीय रही है।

समय के साथ कदम मिलाते हुए, नगर निगम ने केवल पारंपरिक नागरिक सेवाएं ही नहीं दी हैं, बल्कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत अभूतपूर्व कार्य किए हैं। चाहे वह ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का आधुनिकीकरण हो, निर्बाध जल आपूर्ति हो, पार्कों का सौंदर्यीकरण हो या फिर नागरिक सेवाओं को डिजिटल रूप देकर ‘ई-गवर्नेंस’ को आम जन तक पहुँचाना हो, नगर निगम चंडीगढ़ ने हमेशा ‘नागरिक-प्रथम’ के दृष्टिकोण को अपनाया है। यह समिट इस बात का प्रमाण है कि हमारा नगर निगम भविष्य की चुनौतियों के लिए आज से ही तैयारी कर रहा है।

मैं इस आयोजन के नॉलेज पार्टनर, एलेट्स टेक्नोमीडिया की भी विशेष रूप से सराहना करना चाहूँगा। पिछले दो दशकों से अधिक समय से, यह संस्था ई-गवर्नेंस, स्मार्ट सिटीज, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में कार्य कर रही है। सरकार, उद्योगों और विशेषज्ञों के बीच संवाद स्थापित करने और बेहतरीन कार्यप्रणालियों को साझा करने में एलेट्स का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुझे विश्वास है कि आपकी यह विशेषज्ञता इस समिट को अत्यंत परिणामोन्मुखी बनाएगी।

देवियो और सज्जनो,

आज भारत अपने शहरी विकास के एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण शहरों का विस्तार हो रहा है और उनके सामने नई चुनौतियाँ भी आ रही हैं। ऐसे समय में हमें ऐसे शहरों के निर्माण पर ध्यान देना होगा जो सतत, नवाचार से भरपूर और नागरिकों की जरूरतों के अनुसार विकसित हों। हमारे शहर केवल आर्थिक गतिविधियों के केंद्र ही नहीं हैं, बल्कि वे नवाचार, ज्ञान और अवसरों के भी महत्वपूर्ण केंद्र हैं।

इस संदर्भ में चंडीगढ़ का स्थान देश के शहरी विकास के नक्शे पर बहुत खास है। यह शहर अपनी सुव्यवस्थित योजना, हरित क्षेत्रों और बेहतर बुनियादी ढांचे के लिए लंबे समय से जाना जाता है। चंडीगढ़ का सेक्टर आधारित विकास मॉडल आज भी भारत में शहरी योजना का एक बेहतरीन उदाहरण माना जाता है।

आज शहर अपने इस मजबूत आधार को आगे बढ़ाते हुए नई तकनीकों व सतत विकास की दिशा में भी तेजी से कदम बढ़ा रहा है।

चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण परियोजनाएँ शुरू की गई हैं, जिनका उद्देश्य डिजिटल प्रशासन को मजबूत करना, शहरी परिवहन को बेहतर बनाना और नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।

इन पहलों में Integrated Command and Control Centre एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से शहर की कई सेवाओं जैसे ट्रैफिक प्रबंधन, सार्वजनिक सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की निगरानी रियल-टाइम में की जा सकती है। इससे प्रशासन को शहर की व्यवस्थाओं को और बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिलती है।

स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना भी हमारी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। चंडीगढ़ देश के उन शहरों में शामिल है जहाँ रूफटॉप सोलर ऊर्जा को तेजी से अपनाया गया है।

सरकारी भवनों और सार्वजनिक ढांचों पर बड़े स्तर पर सोलर सिस्टम लगाए जा रहे हैं, जिससे स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिल रहा है और कार्बन उत्सर्जन भी कम हो रहा है।

इसके साथ ही प्रशासन सतत परिवहन व्यवस्था को भी बढ़ावा दे रहा है। शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बुनियादी ढांचा विकसित किया जा रहा है, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है और पैदल चलने वालों के लिए अनुकूल स्थानों का भी विकास किया जा रहा है। यह प्रयास पर्यावरण के अनुकूल शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

चंडीगढ़ में कचरा प्रबंधन, जल संरक्षण और हरित क्षेत्रों के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कचरे के पृथक्करण और प्रसंस्करण की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है तथा शहर के हरित क्षेत्रों को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि नागरिकों को एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके।

मैं आपको यह बताते हुए प्रसन्नता का अनुभव कर रहा हूँ कि वन महोत्सव 2025 के दौरान चंडीगढ़ में एक ही दिन में 1 लाख से अधिक पौधे लगाए गए, जो पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है। 

यह पहल न केवल शहर के हरित आवरण को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण-अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने की हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। 

हालाँकि, भविष्य के शहरों का निर्माण केवल सरकार के प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए सरकार, उद्योग, तकनीकी विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और समाज के सभी वर्गों के सहयोग की आवश्यकता होती है। इस प्रकार के सम्मेलन विचारों के आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

देवियो और सज्जनों, 

आज भारत सहित पूरा विश्व तेजी से शहरीकरण के दौर से गुजर रहा है। अनुमान है कि आने वाले कुछ ही दशकों में हमारी आधी से अधिक आबादी शहरों में निवास करेगी। यह तीव्र शहरीकरण अपने साथ कई जटिल चुनौतियां लेकर आता है, जैसे कि यातायात की भीड़, प्रदूषण, संसाधनों की कमी, और कचरा प्रबंधन।

इन चुनौतियों का समाधान हम पुरानी सोच और पुराने तरीकों से नहीं कर सकते। यहीं पर ‘नवाचार’ यानी Innovation की आवश्यकता होती है। हमें अपनी नागरिक सेवाओं और बुनियादी ढांचे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)] इंटरनेट ऑफ थिंग्स ; (IoT)] डेटा एनालिटिक्स और ग्रीन एनर्जी जैसी आधुनिक तकनीकों को एकीकृत करना होगा। ‘अर्बन इनोवेशन’ का अर्थ केवल तकनीक का उपयोग करना नहीं है, बल्कि इसका अर्थ है, कम संसाधनों में अधिक और बेहतर नागरिक सेवाएं प्रदान करना।

साथियो,

हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने ‘विकसित भारत 2047’ का एक स्पष्ट और भव्य संकल्प हमारे सामने रखा है। इस संकल्प की सिद्धि में हमारे शहर ‘ग्रोथ इंजन’ की भूमिका निभाएंगे। लेकिन यह विकास टिकाऊ होना चाहिए। हमें ऐसे शहरों का निर्माण करना है जो आर्थिक रूप से समृद्ध होने के साथ-साथ पर्यावरणीय रूप से भी सुरक्षित हों।

चंडीगढ़ में हम इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ली कार्बूज़ियर ने इस शहर का जो विजन देखा था, उसमें प्रकृति और मनुष्य के बीच एक अद्भुत सामंजस्य था। आज हमारी चुनौती उस सामंजस्य को बनाए रखते हुए शहर को तकनीकी रूप से स्मार्ट बनाना है। स्मार्ट पार्किंग, स्मार्ट कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, और पब्लिक बाइक शेयरिंग जैसे प्रोजेक्ट्स इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं।

साथियो, 

जब हम शहरी विकास की बात करते हैं, तो हमें “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” के उस भारतीय दर्शन को स्मरण रखना चाहिए, जिसका अर्थ है, सभी के हित और सभी के सुख के लिए कार्य करना।

यह केवल एक आदर्श वाक्य नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्था का मूल सिद्धांत है। हमारी परंपरा सदैव यह सिखाती रही है कि विकास तभी सार्थक है, जब उसका लाभ समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुँचे और कोई भी वर्ग उससे वंचित न रहे।

हमारे लिए इस बात पर ध्यान देना आवश्यक है कि विकास केवल भौतिक सुविधाओं तक सीमित न रहे, बल्कि समाज के हर वर्ग यानी बच्चों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और कमजोर वर्गों के जीवन को बेहतर बनाने वाला हो।

इसी भावना से प्रेरित होकर हमें ऐसे समावेशी और नागरिक-केंद्रित शहरों का निर्माण करना होगा, जहाँ स्वच्छ पर्यावरण, सुगम परिवहन, सुरक्षित सार्वजनिक स्थान और बेहतर स्वास्थ्य व शिक्षा सुविधाएँ सभी को समान रूप से उपलब्ध हों।

जब विकास “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” की भावना से प्रेरित होगा, तभी हम एक संतुलित, समृद्ध और सशक्त समाज का निर्माण कर सकेंगे।

मैं समझता हूं कि कोई भी शहर केवल तकनीक या प्रशासन से स्मार्ट नहीं बनता; वह ‘स्मार्ट’ बनता है अपने जागरूक नागरिकों से। जनभागीदारी के बिना कोई भी इनोवेशन सफल नहीं हो सकता।

मैं आशा करता हूँ कि इस ‘अर्बन इनोवेशन समिट 2026’ में होने वाले विचार-विमर्श और मंथन से कई नए, व्यावहारिक और दूरदर्शी समाधान सामने आएंगे, जो न केवल चंडीगढ़ बल्कि देश के अन्य शहरों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल सिद्ध होंगे। नीति-निर्माताओं और नवप्रवर्तकों का यह संगम निश्चित रूप से शहरी प्रशासन को एक नई दिशा देगा। 

इस सम्मेलन में डिजिटल शहरी परिवर्तन, स्मार्ट प्रशासन, सतत बुनियादी ढांचा, साइबर सुरक्षा और नई शहरी तकनीकों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर होने वाली चर्चाएँ भविष्य के शहरों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी। यहाँ से निकलने वाले विचार और सुझाव हमारे शहरी तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाएंगे तथा शहरों को अधिक स्मार्ट, सुरक्षित और नागरिकों के अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

आगे बढ़ते हुए हमारा लक्ष्य ऐसे शहर बनाना होना चाहिए जो तकनीकी रूप से उन्नत होने के साथ-साथ समावेशी, सुरक्षित, पर्यावरण के अनुकूल और नागरिकों के लिए सुविधाजनक हों। शहरी विकास का अंतिम उद्देश्य नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना होना चाहिए।

मुझे पूरा विश्वास है कि इस सम्मेलन से प्राप्त विचार और अनुभव हमारे शहरी तंत्र को मजबूत बनाने और देश के शहरों को और अधिक स्मार्ट तथा सक्षम बनाने में सहायक होंगे।

अंत में, मैं एक बार फिर आयोजकों को इस महत्वपूर्ण पहल के लिए बधाई देता हूँ और सभी वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद करता हूँ।

मैं Urban Innovation Summit 2026 की सफलता की कामना करता हूँ और आशा करता हूँ कि यहाँ होने वाली चर्चाएँ भविष्य में ठोस परिणामों में बदलेंगी।

धन्यवाद,

जय हिंद!