SPEECH OF PUNJAB GOVERNOR AND ADMINISTRATOR, UT CHANDIGARH, SHRI GULAB CHAND KATARIA ON THE OCCASION OF FOUNDATION CUM TRADERS DAY AND BLOOD DONATION CAMP AT AT PUNJAB LOK BHAVAN ON MARCH 22, 2026.

चंडीगढ़ बेओपार मंडल के ‘ट्रेडर्स डे एवं फाउंडर्स डे’ समारोह पर

माननीय राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया जी का संबोधन

दिनांकः 22.03.2026, रविवारसमयः शाम 4:30 बजेस्थानः चंडीगढ़

 

नमस्कार!

आज चंडीगढ़ बेओपार मंडल के इस “ट्रेडर्स डे”एवं “फाउंडर्स डे”समारोह में आप सभी के बीच उपस्थित होकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता और गर्व का अनुभव हो रहा है। यह आयोजन केवल एक वार्षिक उत्सव नहीं है, बल्कि उस जीवंत व्यापारी परंपरा, उद्यमशीलता और सामूहिक शक्ति का उत्सव है, जिसने चंडीगढ़ को एक सशक्त आर्थिक और सामाजिक पहचान प्रदान की है।

सबसे पहले, मैं इस प्रतिष्ठित संगठन के संस्थापक स्वर्गीय श्री इंदर लाल बत्रा जी को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। वर्ष 1992 में उन्होंने जिस दूरदर्शिता, साहस और समर्पण के साथ इस संगठन की नींव रखी, वह आज भी हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका यह प्रयास केवल एक संस्था का निर्माण नहीं था, बल्कि चंडीगढ़ के व्यापारी समुदाय को एक सशक्त मंच प्रदान करने का एक दूरगामी और दूरदर्शी कदम था। जैसा कि कहा गया है, “महान विचार केवल सोचने से नहीं, बल्कि उन्हें क्रियान्वित करने के साहस से जन्म लेते हैं।”बत्रा जी का जीवन इसी सत्य का प्रमाण है।

चंडीगढ़ बेओपार मंडल की एक विशेषता इसकी लोकतांत्रिक और प्रतिनिधिक संरचना है, जो इसे अन्य संगठनों से अलग पहचान देती है। विभिन्न मार्केट एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों द्वारा गठित इसकी सदस्यता वास्तव में पूरे शहर के व्यापारी वर्ग की आवाज़ को एक मंच पर लाती है। लगभग 400 से कम मतदान सदस्य होने के बावजूद, यह संगठन पूरे चंडीगढ़ के व्यापारियों की भावनाओं, अपेक्षाओं और चुनौतियों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करता है। यह न केवल संगठन की मजबूती का परिचायक है, बल्कि उसकी विश्वसनीयता का भी प्रमाण है।

हर दो वर्ष में आयोजित होने वाले चुनाव इस संगठन की पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। वर्तमान में श्री संजीव चड्ढा जी के नेतृत्व में जो कार्य हो रहा है, वह निश्चित रूप से सराहनीय है। 

मैं उन्हें और उनकी पूरी टीम को हार्दिक बधाई देता हूँ कि वे न केवल व्यापारियों के हितों की रक्षा कर रहे हैं, बल्कि संगठन को नई दिशा और ऊर्जा भी प्रदान कर रहे हैं। मेरा मानना है कि नेतृत्व का अर्थ केवल मार्ग दिखाना नहीं, बल्कि साथ चलकर लक्ष्य तक पहुँचाना है। एक सच्चा नेतृत्वकर्ता वही है जो अपने साथियों को प्रेरित करते हुए उन्हें सफलता की ओर अग्रसर करे।

देवियो और सज्जनो,

चंडीगढ़ केवल एक शहर नहीं, बल्कि सुव्यवस्थित शहरी विकास, आधुनिक सोच और संतुलित आर्थिक गतिविधियों का एक आदर्श उदाहरण है। इस शहर की पहचान इसके स्वच्छ वातावरण, उत्कृष्ट बुनियादी ढांचे और सुव्यवस्थित बाजारों से जुड़ी हुई है। 

सेक्टर आधारित मार्केट प्रणाली, स्थानीय बाजारों की विविधता और संगठित व्यापारिक ढांचा चंडीगढ़ को अन्य शहरों से अलग पहचान प्रदान करता है। यहाँ का व्यापारी वर्ग न केवल व्यापार करता है, बल्कि शहर की संस्कृति, अनुशासन और विकास को भी सशक्त बनाता है।

चंडीगढ़ के व्यापारिक परिदृश्य की विशेषता इसकी विविधता और संतुलन है। यहाँ छोटे दुकानदारों से लेकर मध्यम और बड़े व्यापारी, रिटेल सेक्टर से लेकर सेवा क्षेत्र, पारंपरिक व्यवसायों से लेकर आधुनिक ई-कॉमर्स तक सभी का समावेश है। 

यह विविधता न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति देती है, बल्कि रोजगार के व्यापक अवसर भी उत्पन्न करती है। यह कहना बिल्कुल उचित होगा कि व्यापार केवल लाभ का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के विकास का आधार है।

हम सभी जानते हैं कि व्यापारी वर्ग किसी भी शहर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होता है और चंडीगढ़ में यह बात पूर्ण रूप से परिलक्षित होती है। आप सभी न केवल राजस्व सृजन में योगदान देते हैं, बल्कि हजारों लोगों को रोजगार भी प्रदान करते हैं। आपकी मेहनत, प्रतिबद्धता और उद्यमशीलता इस शहर की आर्थिक मजबूती का आधार हैं। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि जब व्यापार आगे बढ़ता है, तो समाज और राष्ट्र भी प्रगति के पथ पर अग्रसर होते हैं।

आज के इस अवसर पर मैं यह भी विशेष रूप से रेखांकित करना चाहूँगा कि प्रशासन और व्यापारी वर्ग के बीच एक मजबूत, सकारात्मक और निरंतर संवाद अत्यंत आवश्यक है। आपकी समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को गंभीरता से सुनना और उनके समाधान के लिए मिलकर प्रयास करना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। जब शासन और व्यापारी एक साथ मिलकर कार्य करते हैं, तब विकास की गति कई गुना बढ़ जाती है। सहयोग ही सफलता की सबसे मजबूत नींव है।

साथियो,

मैं हमेशा यह मानता हूँ कि हमारे व्यापारी ‘ब्रांड इंडिया’ के सच्चे दूत और सबसे बड़े ध्वजवाहक हैं। आज जब हमारा देश एक वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनने की दिशा में अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहा है, तो आपकी भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। मैं चाहता हूँ कि आप सभी व्यापारी माननीय प्रधानमंत्री जी के “वोकल फॉर लोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” के आह्वान को पूरी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाएं।

जब आप अपनी दुकानों और शोरूमों में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देते हैं, तो आप केवल एक वस्तु नहीं बेचते, बल्कि आप किसी स्थानीय कारीगर, किसी लघु उद्योग और अंततः देश की अर्थव्यवस्था को सीधे तौर पर मजबूत करते हैं।

आज भारत सरकार द्वारा संचालित अनेक पहलें, जैसे ‘मेक इन इंडिया, ‘स्टार्टअप इंडिया, ‘डिजिटल इंडिया, ‘स्टैंड अप इंडिया, और ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’देश के व्यापार और उद्योग को सशक्त बनाने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान कर रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य न केवल उत्पादन और नवाचार को बढ़ावा देना है, बल्कि छोटे और मध्यम व्यापारियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना भी है।

‘मेक इन इंडिया’पहल का उद्देश्य भारत को एक वैश्विक विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इसके अंतर्गत देश में उत्पादन को बढ़ावा देने, विदेशी निवेश को आकर्षित करने तथा औद्योगिक अवसंरचना को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। 

‘स्टार्टअप इंडिया’योजना नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से युवाओं को अपने नए विचारों को व्यवसाय में बदलने के लिए वित्तीय सहायता, कर में छूट, सरल पंजीकरण प्रक्रिया और मेंटरशिप जैसी सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं। 

‘डिजिटल इंडिया’अभियान का उद्देश्य देश को डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में परिवर्तित करना है। इसके तहत डिजिटल अवसंरचना का विस्तार, ऑनलाइन सेवाओं की उपलब्धता और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा दिया गया है। 

‘स्टैंड अप इंडिया’योजना का लक्ष्य अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत उन्हें 10 लाख से 1 करोड़ रुपये तक के ऋण की सुविधा प्रदान की जाती है, जिससे वे अपने व्यवसाय की शुरुआत कर सकें। यह पहल सामाजिक समावेशन के साथ-साथ आर्थिक सशक्तिकरण को भी सुनिश्चित करती है।

‘एक जिला एक उत्पाद’जैसी योजनाओं के माध्यम से आज हमारे स्थानीय और पारंपरिक उत्पादों को एक नई वैश्विक पहचान मिल रही है। इसके साथ ही, ‘पीएम विश्वकर्मा योजना’हमारे पारंपरिक हस्तशिल्पियों और कारीगरों को सशक्त कर रही है। 

एक व्यापारी के रूप में, यदि आप इन कारीगरों, बुनकरों और छोटे उद्यमियों के उत्कृष्ट उत्पादों को बाज़ार और ग्राहकों तक पहुँचाने का सेतु बनते हैं, तो आप सही मायने में ‘ब्रांड इंडिया’के सबसे सशक्त प्रतिनिधि कहलाएंगे।

आज का युग तकनीकी बदलाव और डिजिटल क्रांति का युग है। ‘डिजिटल इंडिया’अभियान ने भारत में व्यापार करने के तरीके को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। मुझे यह देखकर अत्यंत गर्व होता है कि आज हमारा छोटे से छोटा व्यापारी भी ‘यूपीआई’के माध्यम से निर्बाध डिजिटल लेन-देन कर रहा है, जिसकी सफलता की मिसाल आज पूरी दुनिया दे रही है। 

ई-कॉमर्स के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए, भारत सरकार ने ‘ओएनडीसी’ (ONDC - Open Network for Digital Commerce) जैसा एक क्रांतिकारी प्लेटफॉर्म शुरू किया है। मेरा आप सभी से आग्रह है कि आप इस नेटवर्क से जुड़ें, ताकि आप ई-कॉमर्स के क्षेत्र में भी बड़ी कंपनियों के साथ पूरी क्षमता से प्रतिस्पर्धा कर सकें और अपना व्यापार बढ़ा सकें।

इसके अतिरिक्त, सूक्ष्म और लघु उद्यमों को वित्तीय संबल प्रदान करने के लिए ‘पीएम मुद्रा योजना’ के तहत आसान ऋण उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि पूंजी के अभाव में किसी भी व्यापारी के विकास की गति न रुके।

देवियो और सज्जनो,

मुझे यह जानकर अत्यंत संतोष हुआ कि इस कार्यक्रम में सामाजिक सरोकारों को भी प्रमुखता दी गई है, जैसे रक्तदान शिविर और स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन। यह इस बात का प्रमाण है कि व्यापारी समाज केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व को भी समान महत्व देता है। 

समाज सेवा के ऐसे कार्य यह संदेश देते हैं कि सच्चा विकास वही है, जिसमें मानवता और संवेदनशीलता का समावेश हो। जैसा कि कहा जाता है कि व्यापार में सफलता तभी सार्थक है, जब वह समाज के लिए उपयोगी सिद्ध हो।

आज का समय तेजी से बदलते आर्थिक परिदृश्य का समय है, जहाँ डिजिटल तकनीक, ई-कॉमर्स और नवाचार व्यापार के नए आयाम खुल रहे हैं। ऐसे में यह आवश्यक है कि हमारा व्यापारी वर्ग इन परिवर्तनों को अपनाए, डिजिटल प्लेटफॉम्र्स का उपयोग करे और प्रतिस्पर्धा के इस युग में स्वयं को सशक्त बनाए। जो समय के साथ नहीं बदलता, वह समय के साथ पीछे छूट जाता है। इसलिए नवाचार और अनुकूलन ही सफलता की कुंजी है।

मैं विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि चंडीगढ़ बेओपार मंडल भविष्य में भी इसी प्रकार व्यापारी वर्ग के हितों की रक्षा करते हुए उन्हें नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा। यह संगठन न केवल व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करेगा, बल्कि एक ऐसे सशक्त मंच के रूप में उभरेगा जो नीति निर्माण, सामाजिक विकास और आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

अंत में, मैं एक प्रेरणादायक विचार के साथ अपनी बात समाप्त करना चाहूँगा, “सपने वह नहीं जो हम सोते समय देखते हैं, बल्कि सपने वह हैं जो हमें सोने नहीं देते।” मुझे विश्वास है कि आप सभी अपने परिश्रम, समर्पण और एकजुटता से चंडीगढ़ के व्यापारिक परिदृश्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाएंगे।

मैं चंडीगढ़ बेओपार मंडल को इस सफल और भव्य आयोजन के लिए हार्दिक बधाई देता हूँ और आप सभी को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देता हूँ।                                     

धन्यवाद,

जय हिंद!