SPEECH OF PUNJAB GOVERNOR AND ADMINISTRATOR, UT CHANDIGARH, SHRI GULAB CHAND KATARIA ON THE OCCASION OF EXECUTIVE COMMITTEE MEETING OF CRAWFED AT CHANDIGARH ON APRIL 12, 2026.
- by Admin
- 2026-04-12 16:05
क्रॉफ़ेड की डायरेक्टरी एवं स्मारिका विमोचन के अवसर पर माननीय राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया जी का संबोधनदिनांकः 12.04.2026, रविवार समयः सुबह 11:30 बजे स्थानः चंडीगढ़
नमस्कार!
मुझे चंडीगढ़ रेजिडेंट्स एसोसिएशन वेलफेयर फेडरेशन यानी क्रॉफ़ेड की डायरेक्टरी एवं स्मारिका के विमोचन के इस गरिमामय अवसर पर आप सभी के मध्य उपस्थित होकर अत्यंत प्रसन्नता एवं संतोष का अनुभव हो रहा है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए मैं क्रॉफ़ेड के समस्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं।
मैं समझता हूं कि आज हमने क्रॉफ़ेड की जो ‘डायरेक्टरी’ जारी की है, वह केवल कुछ पन्नों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह चंडीगढ़ जैसे सुव्यवस्थित और जीवंत शहर के नागरिक तंत्र को सशक्त बनाने वाला एक महत्वपूर्ण माध्यम है। यह डायरेक्टरी शहर के विभिन्न रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों, उनके पदाधिकारियों और संबंधित प्रशासनिक इकाइयों के बीच एक प्रभावी सेतु का कार्य करेगी।
इससे न केवल आपसी संवाद सरल और त्वरित होगा, बल्कि समस्याओं के समाधान में भी गति आएगी। आज के समय में, जब सूचना और समन्वय ही सुशासन की कुंजी हैं, ऐसी डायरेक्टरी नागरिक सहभागिता को और अधिक मजबूत बनाती है और “ईज ऑफ लिविंग” को साकार करने में सहायक सिद्ध होती है।
वहीं, यह ‘स्मारिका’ केवल एक प्रकाशन नहीं, बल्कि आपके सामूहिक प्रयासों, संघर्षों और उपलब्धियों की एक जीवंत गाथा है। इसमें उन अनगिनत पहलों, जनहित के कार्यों और सकारात्मक परिवर्तनों का प्रतिबिंब है, जिन्हें आप सभी ने मिलकर साकार किया है।
यह स्मारिका न केवल वर्तमान पीढ़ी को प्रेरित करेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक मार्गदर्शक दस्तावेज के रूप में कार्य करेगी। यह हमें याद दिलाती है कि जब समाज संगठित होकर कार्य करता है, तो वह किसी भी चुनौती का समाधान निकाल सकता है और एक आदर्श नागरिक संस्कृति का निर्माण कर सकता है।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह डायरेक्टरी और स्मारिका, दोनों ही, चंडीगढ़ में नागरिक सहभागिता को एक नई दिशा देंगे, सामुदायिक भावना को और सुदृढ़ करेंगे तथा प्रशासन और जनता के बीच विश्वास और सहयोग को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएंगे।
देवियो और सज्जनो,
हम सभी जानते हैं कि किसी भी शहर की आत्मा उसके नागरिकों में बसती है। एक शहर केवल अपने बुनियादी ढांचे से महान नहीं बनता, बल्कि वह महान बनता है अपने लोगों की सक्रिय भागीदारी से। यहीं पर रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।
मैं समझता हूं कि रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन लोकतंत्र की सबसे निचली लेकिन सबसे मजबूत सीढ़ी हैं। वे प्रशासन और आम जनता के बीच एक ‘मज़बूत सेतु’ का काम करती हैं। चाहे मोहल्ले की साफ-सफाई हो, पार्कों का रखरखाव हो, सुरक्षा व्यवस्था हो या फिर किसी आपदा के समय एक-दूसरे का साथ देना हो, ये हमेशा सबसे आगे खड़ी मिलती हैं। प्रशासन नीतियां बना सकता है, लेकिन उन नीतियों को धरातल पर सफलतापूर्वक लागू करने का काम आप जैसे जागरूक नागरिक संगठनों के बिना संभव नहीं है।
आज जब हम वर्ष 2018 में स्थापित ‘चंडीगढ़ रेजिडेंट्स एसोसिएशन वेलफेयर फेडरेशन’ (क्रॉफ़ेड) की बात करते हैं, तो हमें इसके गौरवशाली इतिहास और इसकी विकास यात्रा पर गर्व होता है। वर्षों पहले जब चंडीगढ़ में अलग-अलग सेक्टर्स की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनें काम कर रही थीं, तब यह महसूस किया गया कि उन सभी को एक मंच पर लाने के लिए एक सर्वाेच्च संस्था की आवश्यकता है। इसी सोच के साथ क्रॉफ़ेड का जन्म हुआ।
यह विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि क्रॉफ़ेड एक गैर राजनीतिक संस्था के रूप में विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं, धर्म, जाति एवं समाज के प्रतिनिधियों को साथ लेकर चलने का कार्य कर रही है। इसकी सदस्यता में सेवानिवृत्त नौकरशाह, न्यायाधीश, वरिष्ठ चिकित्सक, अनुभवी अधिवक्ता, चार्टर्ड अकाउंटेंट, प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, पूर्व सैनिक, उद्योगपति और व्यवसायिक नेता शामिल हैं, जो समाज के अनुभवी और प्रभावशाली वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं।
चंडीगढ़ शहर के समग्र विकास, उत्थान एवं सुधार के लिए क्रॉफ़ेड द्वारा किए जा रहे उल्लेखनीय एवं सराहनीय कार्य वास्तव में प्रशंसनीय हैं। उत्तर भारत की सबसे बड़ी रेजिडेंट वेलफेयर फेडरेशन के रूप में क्रॉफ़ेड ने जो प्रतिष्ठा अर्जित की है, वह संगठन की प्रतिबद्धता, समर्पण एवं सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
चंडीगढ़ के विभिन्न सेक्टरों की 106 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन का इस फेडरेशन से जुड़कर एक साझा मंच पर कार्य करना नागरिक एकता एवं सामाजिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।
समय-समय पर प्रशासन, नगर निगम, पुलिस तथा शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंधित जनहित के विषयों पर क्रॉफ़ेड द्वारा रचनात्मक एवं सकारात्मक रूप से अपनी बात रखना लोकतांत्रिक परंपराओं को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध हुआ है। यह संस्था सकारात्मक एवं सहयोगात्मक भावना के साथ चंडीगढ़ प्रशासन और आम नागरिकों के मध्य एक प्रभावी सेतु के रूप में कार्य कर रही है, जो अत्यंत सराहनीय है।
यह भी संतोष का विषय है कि चंडीगढ़ प्रशासन एवं नगर निगम द्वारा समय-समय पर क्रॉफ़ेड के पदाधिकारियों को विभिन्न महत्वपूर्ण समितियों एवं इकाइयों में सम्मिलित किया जाता रहा है, जिससे नागरिक सहभागिता को प्रोत्साहन मिला है और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व की भावना को बल मिला है।
हर्ष का विषय है कि क्रॉफ़ेड ने अपने समर्पित एवं उत्कृष्ट कार्यों के कारण उल्लेखनीय पहचान अर्जित की है। इसी के परिणामस्वरूप इसे वर्ष 2020 में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रशंसा-पत्र से सम्मानित किया गया। साथ ही, वर्ष 2025 के स्वतंत्रता दिवस पर इसके अध्यक्ष श्री हितेश पुरी जी को भी इसी सम्मान से नवाजा गया, जो संस्था की प्रतिबद्धता और प्रभावी योगदान का प्रमाण है।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि क्रॉफ़ेड भविष्य में भी इसी समर्पण, अनुशासन एवं सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य करता रहेगा तथा चंडीगढ़ को एक आदर्श, स्वच्छ, सुरक्षित एवं विकसित शहर बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।
देवियो और सज्जनो,
चंडीगढ़ केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारत के आधुनिक शहरी दृष्टिकोण का जीवंत उदाहरण है। जब देश ने आज़ादी की सांस ली थी, तब भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी के विज़न और महान वास्तुकार ली कार्बूजियर की अद्भुत वास्तुकला ने इस ‘सिटी ब्यूटीफुल’ को जन्म दिया।
हमारे इस आधुनिक शहर का निर्माण 1951 में आरंभ हुआ और 75 वर्षों बाद आज भी चंडीगढ़ एक वैश्विक मॉडल के रूप में स्थापित है। यह एक सुव्यवस्थित, संतुलित और उच्च गुणवत्ता वाला शहरी जीवन प्रदान करने वाला शहर है। भारत ही नहीं, संभवतः विश्व में भी चंडीगढ़ जैसा कोई अन्य शहर नहीं है।
चंडीगढ़ की सेक्टर आधारित ग्रिड प्रणाली, सुव्यवस्थित और विस्तृत सड़क नेटवर्क, पब्लिक बाइक शेयरिंग सिस्टम, हरित क्षेत्र, उद्यान, आधुनिक वास्तुकला की विशिष्ट शैली, उत्तम जल आपूर्ति और भूमिगत सीवरेज प्रणाली, ये सभी इसके निवासियों को प्रकृति के निकट एक संतुलित और सामंजस्यपूर्ण जीवन जीने का अवसर प्रदान करते हैं।
चंडीगढ़ की इस अनूठी कहानी और इसके विरासत मूल्यों को संरक्षित, प्रोत्साहित और व्यापक स्तर पर प्रसारित करने की आवश्यकता है, ताकि देश और विश्व के लोग इससे परिचित हों और इसकी महत्ता को समझ सकें।
जब भी चंडीगढ़ की वास्तुकला की बात होती है, तो महान फ्रांसीसी वास्तुकार ‘ली कार्बूज़ियर’ का नाम स्वाभाविक रूप से सबसे पहले लिया जाता है। उनका मास्टर प्लान अद्वितीय था।
ली कार्बूज़ियर के उस विशाल और जटिल विज़न को भारतीय परिस्थितियों, यहाँ की जलवायु, संस्कृति और सीमित संसाधनों के बीच ज़मीन पर उतारने का असली भागीरथ प्रयास हमारे भारतीय वास्तुकारों, इंजीनियरों और प्रशासकों ने ही किया था। आज हम जिस सुव्यवस्थित और उत्कृष्ट जीवन का अनुभव चंडीगढ़ में करते हैं, वह उनके दूरदर्शी विचारों और उच्च स्तर के कार्यों का परिणाम है।
जिस शहर की परिकल्पना 5 लाख की आबादी के लिए की गई थी, वह आज 11 लाख से अधिक लोगों का घर है। 75 वर्षों की इस यात्रा में हमारे सामने यातायात, बुनियादी ढांचे और जनसंख्या के दबाव जैसी अनेक नई चुनौतियाँ खड़ी हुई हैं। लेकिन चंडीगढ़ की यह खासियत रही है कि इसने अपनी ‘मूल विरासत’ से समझौता किए बिना विकास को अपनाया है।
आज प्रशासन ‘स्मार्ट सिटी’ पहल के तहत शहर को तकनीकी रूप से उन्नत बनाने और कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों व सौर ऊर्जा को बढ़ावा दे रहा है। हमारी चुनौती यह है कि हम इस ऐतिहासिक शहर को एक ‘जीवंत संग्रहालय’ के साथ-साथ एक ‘भविष्योन्मुखी महानगर’ भी बनाए रखें।
चंडीगढ़ आज विश्वभर में शहरी नियोजन और आधुनिक वास्तुकला के एक उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में जाना जाता है। यह शहर स्वच्छता, हरित वातावरण, सुव्यवस्थित जीवनशैली और उच्च मानव विकास के मानकों के लिए प्रसिद्ध है। “सिटी ब्यूटीफुल” के रूप में इसकी पहचान केवल इसके सौंदर्य में नहीं, बल्कि इसकी संरचना, संतुलन और जीवन की गुणवत्ता में निहित है।
हमें यह स्मरण रखना चाहिए कि भविष्य की चुनौतियाँ हमारे सामने हैं। बढ़ती जनसंख्या, शहरी दबाव, पर्यावरणीय संकट और संसाधनों की सीमाएँ हमें यह सोचने के लिए प्रेरित करती हैं कि हम इस शहर की मूल भावना को संरक्षित रखते हुए इसे और अधिक टिकाऊ, समावेशी और स्मार्ट कैसे बना सकते हैं।
मैं समझता हूं कि चंडीगढ़ केवल एक विरासत नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी भी है। आपको अनुशासन, स्वच्छता, नवाचार और संवेदनशीलता जैसे इस शहर के मूल्यों को आगे बढ़ाना है। एक महान शहर का निर्माण केवल योजनाओं से नहीं, बल्कि जागरूक और जिम्मेदार नागरिकों से होता है। आप सभी इस परिवर्तन के वाहक हैं और आपके प्रयास ही इस शहर के भविष्य को दिशा देंगे।
“विकसित भारत 2047” के लक्ष्य की दिशा में चंडीगढ़ एक आदर्श मॉडल के रूप में उभर सकता है। सतत विकास, हरित ऊर्जा, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और मानव-केंद्रित शहरीकरण के क्षेत्र में यह शहर देश के अन्य नगरों के लिए प्रेरणा बन सकता है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि विकास और विरासत के बीच संतुलन बना रहे और आने वाली पीढ़ियाँ भी इस अद्वितीय शहर की गरिमा और सुंदरता का अनुभव कर सकें।
देवियो और सज्जनो,
मैं आज इस अवसर पर ‘चंडीगढ़ रेजिडेंट्स एसोसिएशन वेलफेयर फेडरेशन’ और इससे जुड़े सभी रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों से आग्रह करता हूँ कि वे चंडीगढ़ के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका को और सशक्त करें। किसी भी शहर की प्रगति केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि जागरूक नागरिकों की भागीदारी से संभव होती है, और इस दिशा में आपकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
नशे की समस्या आज एक गंभीर चुनौती है। यदि प्रत्येक रेज़िडेंट एसोसिएशन अपने क्षेत्र को “नशा-मुक्त क्षेत्र” बनाने का संकल्प ले और युवाओं को खेल, योग एवं सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करे, तो यह एक प्रभावी जनआंदोलन बन सकता है।
इसी प्रकार, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नियमित अभियान, कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक उपयोग में कमी तथा जल संरक्षण को बढ़ावा देना आवश्यक है, ताकि चंडीगढ़ की “सिटी ब्यूटीफुल” की पहचान बनी रहे।
साथ ही, ट्रैफिक नियमों का पालन, जैसे हेलमेट, सीट बेल्ट, गति सीमा का अनुपालन एक अनुशासित समाज का परिचायक है, जिसे हमें स्वयं अपनाकर दूसरों को भी प्रेरित करना होगा।
इसके अतिरिक्त, साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा, वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल तथा ऊर्जा संरक्षण जैसे विषयों पर भी क्रॉफ़ेड जागरूकता फैलाकर महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
मुझे विश्वास है कि आपके निरंतर प्रयासों से चंडीगढ़ एक स्वच्छ, सुरक्षित और जागरूक शहर के रूप में देश के लिए आदर्श बना रहेगा।
मैं एक बार पुनः ‘चंडीगढ़ रेजिडेंट्स एसोसिएशन वेलफेयर फेडरेशन’ (क्रॉफ़ेड) के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों को उनकी डायरेक्टरी एवं स्मारिका के विमोचन की इस महत्वपूर्ण पहल के लिए हार्दिक बधाई देता हूं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं।
धन्यवाद,
जय हिंद!