SPEECH OF PUNJAB GOVERNOR AND ADMINISTRATOR, UT CHANDIGARH, SHRI GULAB CHAND KATARIA ON THE OCCASION OF FLAG OFF NEW ORDINARY NON AC BUSES AT BUS STAND SECTOR 17, CHANDIGARH ON MAY 7, 2026.
- by Admin
- 2026-05-07 19:45
सीटीयू की 40 नई बासों की फ़्लैग-ऑफ़ सेरेमनी के अवसर पर राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया जी का संबोधन | ||
| दिनांकः 07.05.2025, गुरूवार | समयः शाम 05:30 बजे | स्थानः चंडीगढ़ |
नमस्कार!
आज इस विशेष अवसर पर, जब हम चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) के बेड़े में 40 नई बसों को शामिल करने का गौरव प्राप्त कर रहे हैं, मैं आप सभी को बधाई देता हूँ।
आज इस ऐतिहासिक अवसर पर आप सभी के बीच उपस्थित होकर मुझे अत्यंत गर्व और जिम्मेदारी का अनुभव हो रहा है। यह क्षण हमारे सार्वजनिक परिवहन तंत्र के विकास की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि का प्रतीक है, एक ऐसा पड़ाव, जो हमारी सामूहिक प्रगति, नवाचार और सतत विकास के संकल्प को दर्शाता है।
1 नवम्बर 1966 को, जब पंजाब रोडवेज के पुनर्गठन के परिणामस्वरूप एक नए परिवहन चंडीगढ़ परिवहन उपक्रम की शुरुआत हुई थी, तब केवल 30 बसों के छोटे से बेड़े के साथ यह यात्रा प्रारंभ हुई थी। यह एक विनम्र शुरुआत थी, लेकिन इसमें भविष्य की एक सशक्त और व्यापक परिवहन व्यवस्था की नींव छिपी हुई थी।
आज, वर्ष 2026 में, 60 वर्षों की निरंतर मेहनत, समर्पण और नवाचार के बाद, हम एक और महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा रहे हैं। मुझे यह घोषणा करते हुए प्रसन्नता हो रही है कि हम अपने बेड़े में 40 नई साधारण (नॉन-एसी) बसों को शामिल कर रहे हैं, जिससे कुल बसों की संख्या बढ़कर 657 हो जाएगी। ये नई बसें हमारी क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ पड़ोसी सात राज्यों तक बेहतर और सुगम कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी।
इन 657 बसों में से 398 बसें स्थानीय मार्गों के लिए समर्पित हैं। वहीं, 259 बसें लंबी दूरी के मार्गों पर अपनी सेवाएं देना जारी रखेंगी, जो हमें सात राज्यों से जोड़ती हैं और यह सुनिश्चित करती हैं कि हमारे कस्बे, शहर और गांव एक-दूसरे से अच्छी तरह जुड़े रहें और सभी की पहुँच में हों।
मैं समझता हूं कि अब इस विस्तारित बेड़े से जनता के लिए परिवहन के विकल्प बेहतर होंगे, प्रतीक्षा का समय कम होगा, और हमारे पूरे क्षेत्र में लोगों की सुगम आवाजाही में मदद मिलेगी।
लेकिन सार्वजनिक परिवहन की भूमिका केवल आवाजाही तक ही सीमित नहीं है। एक विश्वसनीय और कुशल परिवहन प्रणाली किसी भी बढ़ती अर्थव्यवस्था की रीढ़ होती है। यह व्यापार, श्रमिकों, छात्रों, परिवारों और माल की आवाजाही के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह अवसरों को बढ़ावा देती है, यात्रा के समय को कम करती है, और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करती है।
जब परिवहन सुलभ और किफायती होता है, तो इसका प्रभाव शिक्षा से लेकर रोजगार तक, पर्यटन से लेकर उद्योग तक हर चीज पर पड़ता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि कोई भी पीछे न छूटे।
देवियो और सज्जनो,
हमारा उद्देश्य केवल संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि गुणवत्ता में सुधार लाना भी है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए, हमने कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। वर्तमान में 140 इलेक्ट्रिक बसें सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं और आने वाले समय में इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी। यह हमारी सतत और हरित परिवहन व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
स्थानीय मार्गों पर चलने वाली डिपो-4 की 100 डीजल बसों के कंडम (निष्कासित) हो जाने के बाद, चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग ने एक अस्थायी उपाय के रूप में डिपो-1 से लंबी दूरी की बसों को तैनात करके निर्बाध सार्वजनिक सेवा सुनिश्चित की, जिससे नागरिकों के लिए सुगम स्थानीय कनेक्टिविटी बनी रही। इन बाधाओं के बावजूद, व्यापक जनहित में स्थानीय संचालन को कुशलतापूर्वक जारी रखा गया।
मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि डिपो-4 के लिए स्वीकृत 100 इलेक्ट्रिक बसों में से 60 बसों को पहले ही शामिल किया जा चुका है और वे शहर के मार्गों पर सफलतापूर्वक चल रही हैं, जबकि शेष 40 बसों को जून 2026 तक बेड़े में शामिल करने की योजना है। यह आधुनिकीकरण और स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इसके अलावा, इस वर्ष के अंत तक 328 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसें शुरू की जाएंगी, जो स्थानीय मार्गों पर चलने वाली सभी मौजूदा डीजल बसों की जगह लेंगी। यह पहल शहर के लिए स्वच्छ, हरित और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इसके साथ ही, यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्नत ‘इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम’ के माध्यम से हमारी सभी सिटी बसों और रूटों की निगरानी की जा रही है। सेक्टर-43 के बस अड्डे पर स्थित कंट्रोल रूम से हर सिटी बस पर नजर रखी जाती है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित, विश्वसनीय और समयबद्ध सेवा प्रदान की जा सके।
मैं समझता हूँ कि चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) इसी प्रकार जनसेवा के अपने संकल्प को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रगति के पथ पर अग्रसर रहेगी और हर नागरिक के सफर को सुगम व सुरक्षित बनाती रहेगी।
देवियो और सज्जनो,
इस अवसर पर मैं सभी नागरिकों से आग्रह करना चाहूँगा कि सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करें, क्योंकि यह केवल व्यक्तिगत सुविधा नहीं, बल्कि हमारे समाज और पर्यावरण के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। जब हम बसों और अन्य सार्वजनिक साधनों का उपयोग करते हैं, तो सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होती है, जिससे प्रदूषण घटता है और प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन भी कम होता है।
मेरा मानना है कि हम सब एक छोटा-सा संकल्प लें कि सप्ताह में कम से कम एक दिन निजी वाहनों का उपयोग न करते हुए केवल सार्वजनिक परिवहन अपनाएँ। यह एक सरल कदम है, लेकिन इसका प्रभाव पर्यावरण संरक्षण, यातायात सुधार और संसाधनों की बचत के रूप में बहुत बड़ा हो सकता है।
बसें, मेट्रो और ट्रेन जैसी सार्वजनिक सेवाएँ सरकार द्वारा सभी नागरिकों के लिए उपलब्ध कराई जाती हैं। इसलिए इनका सम्मान करना और उनकी देखभाल करना हम सभी का दायित्व है। यदि हम इनका जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें, तो ये सेवाएँ लंबे समय तक प्रभावी और सुचारू रूप से चलती रहेंगी।
देवियो और सज्जनो,
पिछले एक दशक में, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व में, भारत ने परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में जो ऐतिहासिक छलांग लगाई है, वह अभूतपूर्व है। एक समय था जब हमारे देश में धीमी गति से काम होता था, लेकिन आज ‘न्यू इंडिया’ की डिक्शनरी में सिर्फ ‘रफ्तार’ और ‘स्केल’ शब्द हैं।
प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ‘पीएम गति शक्ति’ राष्ट्रीय मास्टर प्लान ने देश के काम करने का तरीका बदल दिया है। आज अलग-अलग विभाग फाइलों में नहीं उलझते, बल्कि एक साथ मिलकर देश की प्रगति का हाईवे तैयार कर रहे हैं।
‘भारतमाला परियोजना’ के तहत देश के कोने-कोने को वर्ल्ड-क्लास एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जा रहा है। आज भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क वाला देश बन गया है। प्रतिदिन किलोमीटर के हिसाब से रिकॉर्ड स्तर पर हाईवे बन रहे हैं।
भारतीय रेलवे आज एक नए युग में प्रवेश कर चुकी है। स्वदेशी तकनीक से बनी ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ आज नए भारत की गति और गरिमा का प्रतीक बन गई है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।
‘उड़ान’ योजना के तहत हवाई चप्पल पहनने वाला आम नागरिक भी हवाई जहाज की यात्रा कर रहा है। वहीं, ‘सागरमाला’ परियोजना से हमारे बंदरगाहों और जलमार्गों का आधुनिकीकरण हो रहा है।
इस अभूतपूर्व विकास के साथ-साथ, मोदी सरकार ने पर्यावरण की भी पूरी चिंता की है। आज देश भर में इलेक्ट्रिक वाहनों की क्रांति चल रही है। मुझे यह कहते हुए बेहद गर्व होता है कि हमारे चंडीगढ़ और विशेषकर सी.टी.यू. ने इस राष्ट्रीय संकल्प में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। इसके बेड़े में शामिल हो रही शानदार इलेक्ट्रिक बसें न केवल प्रदूषण कम कर रही हैं, बल्कि शहरवासियों को एक शांत और आरामदायक सफर भी दे रही हैं।
मेरे सी.टी.यू. के कर्मठ साथियों,
जब देश इतनी तेजी से आगे बढ़ रहा है, तो क्या आपने कभी सोचा है कि इस महायज्ञ में आपकी भूमिका क्या है?
मैं आज आपको बताना चाहता हूँ कि आप केवल एक बस का स्टीयरिंग नहीं घुमाते; आप इस शहर और देश की अर्थव्यवस्था के पहिए को घुमाते हैं। आप सुबह अंधेरे में उठकर डिपो पहुंचते हैं, ताकि कोई छात्र समय पर अपनी परीक्षा देने स्कूल-कॉलेज पहुंच सके, कोई मरीज समय पर अस्पताल पहुंच सके, और कोई कर्मचारी ड्यूटी पर जा सके।
किसी ने बहुत खूब कहा है, ‘‘मंजिलें क्या हैं, रास्ता क्या है? हौसला हो तो फासला क्या है!’’
आपका यही हौसला चंडीगढ़ की लाइफलाइन है। बारिश हो, कड़ाके की ठंड हो, या चिलचिलाती धूप, आपका पहिया कभी नहीं रुकता। कोविड जैसी भीषण महामारी के दौरान भी जब सब घरों में थे, हमारे ट्रांसपोर्ट के कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना आवश्यक सेवाएं चालू रखीं। मैं आपके इस जज्बे को, आपके इस समर्पण को आज मंच से सलाम करता हूँ।
हमेशा याद रखिए, एक अच्छी बस, एक अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर तब तक बेजान है, जब तक उसे चलाने वाले ड्राइवर और कंडक्टर के चेहरे पर सेवा भाव और मुस्कान न हो। आप चंडीगढ़ प्रशासन का चेहरा हैं। जब कोई बाहर से आने वाला यात्री आपकी बस में बैठता है, तो वह आपके व्यवहार से ही पूरे शहर की छवि अपने मन में बनाता है।
साथियो,
हमारा चंडीगढ़ केवल अपने उत्कृष्ट सार्वजनिक परिवहन के लिए ही नहीं, बल्कि स्वतंत्र भारत के पहले सुनियोजित शहर के रूप में भी अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। महान वास्तुकार ली कार्बूज़ियर द्वारा डिज़ाइन किया गया यह शहर अपनी सुव्यवस्थित सड़कों, सुविकसित सेक्टरों और हरित वातावरण के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। प्रत्येक सेक्टर में बाजार, पार्क और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता यहाँ के नागरिकों के जीवन को सहज और संतुलित बनाती है।
चंडीगढ़ को ‘ग्रीन सिटी’ के रूप में भी जाना जाता है। यहाँ के विस्तृत पार्क, हरित पट्टियाँ और वृक्षारोपण इसे स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण-अनुकूल बनाते हैं। यही कारण है कि यह शहर बार-बार देश के सबसे स्वच्छ और सुव्यवस्थित शहरों में शामिल होता रहा है। साथ ही, रॉक गार्डन, सुखना लेक और रोज़ गार्डन जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल इसकी पहचान को और समृद्ध बनाते हैं। ‘हॉप ऑन-हॉप ऑफ’ जैसी बस सेवाएँ और पर्यटन को बढ़ावा देने वाले प्रयास इस शहर को आगंतुकों के लिए और भी आकर्षक बनाते हैं।
यहाँ की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था, प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन और सुदृढ़ सड़क नेटवर्क चंडीगढ़ को आधुनिक शहरी जीवन का आदर्श उदाहरण बनाते हैं। इलेक्ट्रिक बसों और पर्यावरण-अनुकूल पहलों के माध्यम से यह शहर तेजी से ‘स्मार्ट सिटी’ की दिशा में अग्रसर है।
मैं यह भी कहना चाहूँगा कि चंडीगढ़ की प्रगति केवल चंडीगढ़ परिवहन उपक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासन के हर विभाग के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। यह सामूहिक कार्यसंस्कृति ही इस शहर को निरंतर विकास और उत्कृष्टता की ओर अग्रसर कर रही है।
देवियो और सज्जनो,
आज, जब हम इस सी.टी.यू. की 60 वर्षों की यात्रा को देखते हैं, तो हमें उन सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करना चाहिए, जिनके अथक प्रयासों और समर्पण ने इस उपलब्धि को संभव बनाया है। ड्राइवरों से लेकर इंजीनियरों तक, प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर नीति-निर्माताओं तक, आप सभी इस सफलता के सच्चे भागीदार हैं।
मैं परिवहन विभाग के सभी अधिकारियों, इंजीनियरों, ड्राइवरों और कंडक्टरों को उनके अथक परिश्रम के लिए बधाई देता हूँ। आप ही वह मजबूत पहिए हैं जिन पर इस शहर की गति निर्भर करती है।
मैं आम जनता का भी विशेष रूप से आभार व्यक्त करता हूँ। आपका विश्वास, धैर्य और सहयोग ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। जब आप हमारी बसों का उपयोग करते हैं, तो आप केवल यात्रा नहीं करते, बल्कि हमारे शहर और राज्य के विकास में भी योगदान देते हैं।
अंत में, मैं यही कहना चाहूँगा कि हमारी हर बस, हर रूट और हर नई पहल केवल आँकड़े नहीं हैं, ये हमारे समाज की जीवन रेखाएँ हैं। ये बेहतर सुविधा, सुरक्षित यात्रा और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक हैं।
आइए, हम सभी मिलकर इस उपलब्धि पर गर्व करें और एक ऐसे भविष्य की ओर अग्रसर हों, जहाँ कोई दूरी लंबी न लगे, कोई मार्ग कठिन न हो और कोई भी गंतव्य दूर न रह जाए।
मैं एक बार फिर आप सभी को इन 40 नई बसों के जुड़ने पर बहुत-बहुत बधाई देता हूँ। आपकी यात्रा हमेशा सुरक्षित और मंगलमय हो!
धन्यवाद,जय हिन्द!