SPEECH OF PUNJAB GOVERNOR AND ADMINISTRATOR, UT CHANDIGARH, SHRI GULAB CHAND KATARIA ON THE OCCASION OF INAUGURATION OF SKILL DEVELOPMENT CENTRE OF EXCELLENCE AT FARIDKOT ON JUNE 15, 2026.
- by Admin
- 2026-06-15 15:40
‘मल्टी स्किल डिवेलपमेंट सेंटर’ के उद्घाटन के अवसर पर माननीय राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया जी का संबोधनदिनांकः 15.06.2026, सोमवार समयः सुबह 11:30 बजे स्थानः फरीदकोट
नमस्कार!
सबसे पहले, मैं इस पावन धरा को नमन करता हूँ। फरीदकोट केवल एक जिला नहीं है, बल्कि यह महान सूफी संत बाबा फरीद जी की तपस्थली है, जिनके आध्यात्मिक संदेशों और मानवता के प्रति प्रेम ने पूरे विश्व को एक नई दिशा दी।
उनके द्वारा दिया गया प्रेम, करुणा, सर्वधर्म समभाव और आपसी भाईचारे का संदेश आज भी इस मिट्टी की महक में बसा हुआ है। बाबा फरीद जी के वे पवित्र ‘लोक और उनकी बाणी, जिन्हें ‘श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी’ में भी सर्वोच्च सम्मान के साथ सुशोभित किया गया है, हमें गहराई से यह सिखाते हैं कि सच्चा धर्म केवल इंसानियत की सेवा करने और टूटे हुए दिलों को जोड़ने में है।
‘‘फरीदा जो तै मारनि मुकीआं तिन्हा न मारे घुमि।
आपनड़ै घरि जाईऐ पैर तिन्हा दे चुमि’’
अर्थात, यदि कोई आपको दुखी करे या आप पर हाथ उठाए, तो बदले में पलटकर उसे न मारें, बल्कि उसके प्रति प्रेम और सम्मान रखें।
क्षमा और सहनशीलता का ऐसा महान दर्शन दुनिया में दुर्लभ है। आज की इस संघर्षपूर्ण और तनावग्रस्त दुनिया को जिस ‘रूहानियत’ और मार्गदर्शन की सबसे ज्यादा जरूरत है, उसकी नींव बाबा फरीद जी ने सदियों पहले इसी धरती पर रखी थी। इसलिए, इस महान संत की कर्मभूमि पर खड़े होकर मुझे आज एक असीम शांति और अलौकिक ऊर्जा की अनुभूति हो रही है।
आज बाबा फरीद जी की इस पवित्र नगरी में, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और समाज के सर्वांगीण विकास से जुड़े इन महत्वपूर्ण प्रकल्पों का उद्घाटन करते हुए मुझे जो आत्मिक संतोष और गर्व की अनुभूति हो रही है, उसे मैं शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकता।
देवियो और सज्जनो,
कोई भी महान कार्य केवल ईंट-पत्थरों या सरकारी योजनाओं से पूरा नहीं होता; उसके पीछे किसी कर्मयोगी की दृढ़ इच्छाशक्ति और समाज के प्रति उसका निस्वार्थ समर्पण होता है।
आज फरीदकोट की इस पावन धरती पर ‘मल्टी स्किल डेवलपमेंट सेंटर’ और अन्य विश्वस्तरीय सुविधाओं का जो यह शानदार सपना साकार हुआ है, उसके पीछे जिस शख़्सियत का अथक परिश्रम है, मैं उनका विशेष रूप से उल्लेख करना चाहूंगा। वे हैं हमारे कर्मठ और जनप्रिय सांसद (राज्य सभा), डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी जी।
डॉ. साहनी जी ने वर्ष 1998 में ‘सन फाउंडेशन’ की स्थापना करके समाज सेवा का जो दीपक प्रज्वलित किया था, वह आज एक विशाल सूर्य की भांति समाज के कमज़ोर और वंचित वर्ग के लोगों के जीवन के अंधकार को दूर कर रहा है। संस्था का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि लोगों को अपने पैरों पर खड़ा करना है।
एक सफल उद्योगपति, समाजसेवी, सांसद और दूरदर्शी मार्गदर्शक के रूप में उन्होंने हजारों युवाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है। उनका यह विश्वास कि ‘‘किसी जरूरतमंद की सहायता करना प्रार्थना में हाथ जोड़ने के समान है’’ वास्तव में प्रेरणादायक है।
डॉ. साहनी जी का जीवन और उनका कार्य ‘नर सेवा, नारायण सेवा’ का सबसे प्रत्यक्ष और ज्वलंत उदाहरण है। वे जमीन से जुड़े एक ऐसे दूरदर्शी नेता और परोपकारी हैं, जिन्होंने पंजाब की मिट्टी और यहाँ के युवाओं का दर्द बहुत करीब से महसूस किया है। आज से पहले लुधियाना, अमृतसर, पटियाला और पहुविंड जैसे शहरों में सफलतापूर्वक चल रहे स्किल डेवलपमेंट सेंटर उन्हीं की दूरदर्शी सोच का परिणाम हैं।
उन्होंने यह भली-भांति समझा है कि अगर पंजाब के युवाओं को नशे के चंगुल से बचाना है और उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाना है, तो उन्हें केवल उपदेश नहीं, बल्कि ‘रोजगार के अवसर’ देने होंगे। हजारों युवाओं को बिल्कुल मुफ्त में अत्याधुनिक औद्योगिक प्रशिक्षण दिलाना और उसके बाद उन्हें शत-प्रतिशत नौकरी दिलवाना, यह कोई सामान्य कार्य नहीं है; यह सही मायने में राष्ट्र-निर्माण है।
इसके अतिरिक्त, फरीदकोट में ‘बाबा फरीद कल्चर एंड हेरिटेज सेंटर’ के एम्फीथिएटर का जीर्णोद्धार हो, या फिर सरकारी बृजिंद्रा कॉलेज में ओलिंपिक स्तर के हॉकी टर्फ स्टेडियम का निर्माण, ये सभी कार्य पंजाब की संस्कृति और यहाँ के खेल-कूद को पुनर्जीवित करने के प्रति डॉ. साहनी जी के गहरे प्रेम और उनकी कटिबद्धता को दर्शाते हैं। एक ओर जहाँ वे युवाओं के हाथों में आधुनिक कौशल दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वे उनके पैरों को खेल के मैदान की ओर मोड़ रहे हैं।
मैं आज इस पवित्र मंच से, पंजाब के युवाओं और नागरिकों की ओर से, डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी जी का उनके इस निस्वार्थ योगदान के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। समाज को ऐसे ही समर्पित और कर्मशील नेतृत्व की आवश्यकता है, जो युवाओं के सपनों को उड़ान दे सके और पंजाब को फिर से एक खुशहाल और ‘रंगला पंजाब’ बना सके।
देवियो और सज्जनो,
पंजाब की धरती ने देश को वीरता, परिश्रम, उद्यमिता और राष्ट्रभक्ति की अनगिनत मिसालें दी हैं। आज आवश्यकता है कि हम अपने युवाओं को आधुनिक कौशल, रोजगारपरक शिक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर प्रदान करें ताकि वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी पहचान बना सकें।
इस दिशा में आज हमने यहाँ जिला रेड क्रॉस सोसाइटी, फरीदकोट के इस परिसर में एक अत्याधुनिक ‘मल्टी स्किल डेवलपमेंट सेंटर’ का उद्घाटन किया है। मुझे बताया गया है कि लगभग 1 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित यह दो-मंजिला केंद्र प्रतिवर्ष लगभग 1 हजार युवाओं को विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षित करेगा। इन पाठ्यक्रमों में असिस्टेंट ब्यूटी थेरेपिस्ट, वेयरहाउस मैनेजमेंट, फ्रंट ऑफिस (गेस्ट सर्विस एसोसिएट), इलेक्ट्रिशियन, कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव, फैशन डिज़ाइनर तथा डिजिटल मित्र जैसे सात महत्वपूर्ण कोर्स शामिल हैं।
मुझे यह जानकर विशेष गर्व हुआ है कि इस केंद्र के संचालन पर आने वाला लगभग 8 लाख रुपये प्रतिमाह का व्यय श्री साहनी द्वारा स्वयं वहन किया जाएगा। समाजसेवा और मानव कल्याण के प्रति उनकी यह प्रतिबद्धता वास्तव में अनुकरणीय है। ऐसे प्रयास न केवल युवाओं के जीवन को बदलते हैं, बल्कि पूरे समाज को प्रगति और समृद्धि की नई दिशा प्रदान करते हैं।
मुझे यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता हुई कि लुधियाना, अमृतसर, पटियाला और पहुविंड जैसे शहरों में पहले से ही ऐसे केंद्र सफलतापूर्वक चल रहे हैं, जहाँ हजारों युवाओं को बिल्कुल मुफ्त और उच्च स्तर का औद्योगिक कौशल प्रदान किया जा रहा है।
मुझे बताया गया है कि सन फाउंडेशन के ये प्रशिक्षण केंद्र ‘राष्ट्रीय कौशल विकास निगम’ के मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। यहां केवल तकनीकी शिक्षा ही नहीं, बल्कि संचार कौशल, व्यक्तित्व विकास, डिजिटल दक्षता और कार्यस्थल की तैयारी पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है।
मेरे युवा साथियो, आज के तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। आज उद्योगों को हुनरमंद हाथों की जरूरत है। यह मल्टी स्किल डेवलपमेंट सेंटर इसी कमी को पूरा करेगा। यहाँ आधुनिक तकनीकों का जो प्रशिक्षण आपको मिलेगा, और उसके बाद जो रोजगार की सुनिश्चित व्यवस्था यहाँ की गई है, वह वास्तव में फरीदकोट और आसपास के युवाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
केंद्र सरकार की नीतियों का भी यही मूल विजन है। माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ‘स्किल इंडिया मिशन’ और ‘प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना’ जैसी कल्याणकारी योजनाओं ने देश के करोड़ों युवाओं को हुनरमंद बनाया है। जब हमारे युवा सशक्त होंगे, जब उनके हाथों में रोजगार होगा, तभी हम ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को सिद्ध कर पाएंगे, जो आज पूरे राष्ट्र का सपना बन चुका है।
आज जब दुनिया तेजी से बदल रही है, तब केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है। उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल ही रोजगार की कुंजी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, डिजिटल सेवाएं, स्वास्थ्य सेवाएं, इलेक्ट्रिकल, हॉस्पिटैलिटी, फैशन, मैन्युफैक्चरिंग और अन्य अनेक क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यह केंद्र युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करेगा।
प्रिय युवा साथियों,
मैं विशेष रूप से यहाँ उपस्थित सभी युवाओं से कहना चाहता हूँ कि जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। सफलता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि कठोर परिश्रम, अनुशासन, समर्पण और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति से प्राप्त होती है। आज का युग ज्ञान और कौशल का युग है, जहाँ केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक दक्षता और कार्यकुशलता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। जो व्यक्ति समय के साथ स्वयं को निखारता रहता है, नई तकनीकों और नए ज्ञान को अपनाता है तथा चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करता है, वही आगे बढ़कर सफलता के नए आयाम स्थापित करता है।
यह केंद्र आपको केवल प्रशिक्षण ही नहीं देगा, बल्कि आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव भी प्रदान करेगा। इसलिए मैं आप सभी से आग्रह करता हूँ कि इस अवसर को केवल एक कोर्स के रूप में न देखें, बल्कि इसे अपने जीवन को नई दिशा देने और अपने सपनों को साकार करने के माध्यम के रूप में अपनाएँ।
आपमें से प्रत्येक युवा अपने परिवार की उम्मीद, समाज की शक्ति और राष्ट्र के भविष्य का प्रतिनिधि है। आपकी सफलता केवल आपकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होगी, बल्कि आपके परिवार, आपके क्षेत्र और हमारे देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। मुझे विश्वास है कि आप सभी इस सुनहरे अवसर का पूरा लाभ उठाएँगे, अपने कौशल को निखारेंगे, आत्मनिर्भर बनेंगे और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनकर अपने जीवन को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँगे।
मेरे युवा साथियो,
जहाँ एक तरफ हमारे सामने विकास, शिक्षा और खेलों के इतने असीम अवसर हैं, वहीं दूसरी तरफ हमें एक बहुत कड़वी सच्चाई का भी सामना करना पड़ रहा है। आज हमारे पंजाब की उस महान जवानी को, जिसके शौर्य की मिसालें पूरी दुनिया देती थी, ‘नशे’ नाम की भयानक बीमारी ने घेर लिया है।
सीमा पार बैठे हमारे दुश्मन गोलियों से नहीं, बल्कि इस सिंथेटिक ड्रग्स के जहर से हमारे पंजाब के युवाओं को खोखला करने की साजिश रच रहे हैं। लेकिन मैं आज इस मंच से यह स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि पंजाब कभी किसी दुश्मन के आगे नहीं झुका है, और न ही इस नशे के आगे झुकेगा!
आज जो यह ‘मल्टी स्किल डेवलपमेंट सेंटर’ खुला है, यह केवल ईमारतें नहीं हैं; ये ‘नशा-मुक्त पंजाब’ बनाने का हमारा सबसे बड़ा हथियार है। मैं युवाओं से आह्वान करता हूँ कि नशे की खोखली दुनिया से बाहर निकलिए। अपने शरीर का पसीना खेल के मैदान पर बहाइए। अपनी ऊर्जा को इस स्किल सेंटर में नया हुनर सीखने में लगाइए।
स्वामी विवेकानंद जी ने युवाओं से कहा था, ‘‘उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक कि लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए।’’ आपके जीवन का लक्ष्य अपने परिवार का सम्मान बढ़ाना और राष्ट्र के निर्माण में योगदान देना होना चाहिए, न कि नशे के अंधकार में खुद को खो देना।
मुझे यह जानकर संतोष हुआ कि सन फाउंडेशन ने नशा मुक्ति और पुनर्वास के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किया है। अमृतसर, जालंधर, मोहाली और तरनतारन के नशा मुक्ति केंद्रों में प्रशिक्षण और पुनर्वास कार्यक्रम चलाकर युवाओं को नई शुरुआत का अवसर प्रदान किया गया है। यह अत्यंत सराहनीय प्रयास है क्योंकि नशे से मुक्ति के बाद रोजगार और कौशल ही व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन की ओर वापस ले जाते हैं।
हमें यह समझना होगा कि नशे के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार शिक्षा, कौशल और रोजगार हैं। जब युवा आत्मविश्वास से भरपूर होगा, आर्थिक रूप से सक्षम होगा और उसके पास जीवन का उद्देश्य होगा, तब वह गलत रास्तों से दूर रहेगा।
मैं फरीदकोट और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं से आग्रह करता हूँ कि इस केंद्र को केवल प्रशिक्षण संस्थान न समझें, बल्कि इसे अपने सपनों की उड़ान का मंच बनाएं। यहां प्राप्त कौशल आपके जीवन को बदल सकता है और आपको देश एवं दुनिया में नई पहचान दिला सकता है। अंत में, मैं एक बार पुनः डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी जी, सन फाउंडेशन की पूरी टीम, प्रशिक्षकों, प्रशासन और सभी सहयोगियों को हार्दिक बधाई देता हूँ जिन्होंने इस उत्कृष्ट केंद्र की स्थापना में योगदान दिया है।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह ‘स्किल डेवलपमेंट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, फरीदकोट’ आने वाले वर्षों में हजारों युवाओं को रोजगार, आत्मविश्वास और सम्मानजनक जीवन प्रदान करेगा तथा पंजाब को कौशल, प्रगति और समृद्धि के नए आयामों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
आइए, हम सब मिलकर एक ऐसे पंजाब का निर्माण करें जो नशा मुक्त हो, कौशल युक्त हो, रोजगार युक्त हो और आत्मनिर्भर हो।
आप सभी को मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ।
बहुत-बहुत धन्यवाद।
जय हिंद!
जय भारत!