SPEECH OF PUNJAB GOVERNOR AND ADMINISTRATOR, UT CHANDIGARH, SHRI GULAB CHAND KATARIA ON THE OCCASION OF DISTRICT ASSEMBLY 2026 OF ROTARY INTERNATIONAL DISTRICT 3090 AT ZIRAKPUR ON JUNE 5, 2026.

‘रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3090 इंस्टॉलेशन एवं सेवा सम्मान समारोह’ पर

राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया जी का संबोधन

दिनांकः 05.06.2026, शुक्रवारसमयः शाम 5:30 बजेस्थानः चंडीगढ़

नमस्कार!

मुझे आज ‘रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3090 इंस्टॉलेशन एवं सेवा सम्मान समारोह’ के इस गरिमामयी और प्रेरणादायक कार्यक्रम में आप सभी के बीच उपस्थित होकर असीम हर्ष की अनुभूति हो रही है। आज का यह दिन दोहरे उत्सव का दिन है। एक ओर जहाँ हम रोटरी डिस्ट्रिक्ट के नए नेतृत्व का स्वागत कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हम निस्वार्थ कर्मयोगियों का सम्मान कर रहे हैं।

आज रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3090 के नवनिर्वाचित डिस्ट्रिक्ट गवर्नर श्री अमित सिंगला जी और उनकी पूरी टीम ने आगामी वर्ष के लिए अपना पदभार ग्रहण किया है। मैं नई टीम को इस नई ज़िम्मेदारी के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएँ देता हूँ। साथ ही, निवर्तमान टीम को उनके द्वारा पिछले एक वर्ष में किए गए शानदार कार्यों के लिए साधुवाद देता हूँ।

नेतृत्व परिवर्तन एक निरंतर प्रक्रिया है, लेकिन सेवा का जो संकल्प रोटरी ने लिया है, वह शाश्वत है। नई टीम के कंधों पर अब यह जिम्मेदारी है कि वे पुरानी टीम के अच्छे कार्यों को आगे बढ़ाएं और नई ऊर्जा, नए विचारों के साथ समाज की वर्तमान चुनौतियों का सामना करें।

साथ ही मैं आज इस मंच पर सम्मानित होने वाले सभी 6 विशिष्ट समाजसेवियों एवं उद्यमियों को भी अपनी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। आपने अपने सामाजिक उत्तरदायित्व और परोपकार की भावना का परिचय देते हुए समाज कल्याण के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया है, जो न केवल प्रशंसनीय है, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।

श्री नरेश जैन एवं श्री संजीव बंसल द्वारा चीका के अस्पताल में सी.टी. स्कैन मशीन की स्थापना हेतु, चार्टड आउंटेंट श्री अमित सिंगला द्वारा समाना (पटियाला) अस्पताल के विकास हेतु, एडवोकेट श्री ललित मोहन गुप्ता, फरीदकोट द्वारा अस्पताल के लिए आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध करवाने हेतु, श्री माखन लाल गर्ग, धूरी द्वारा बालाजी ट्रस्ट, सालासर के माध्यम से जनसेवा कार्यों हेतु तथा श्री घनश्याम कंसल, सुनाम द्वारा सुनाम के ब्लड बैंक को सुदृढ़ बनाने हेतु दिए गए उदार सहयोग समाज के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता और सेवा भावना को दर्शाते हैं।

मुझे विश्वास है कि आपके प्रेरणादायी कार्य भविष्य में भी समाज सेवा की नई मिसालें स्थापित करते रहेंगे और अधिक से अधिक लोगों को जनकल्याण के कार्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित करेंगे।

देवियो और सज्जनो, 

जब भी विश्व में निस्वार्थ समाज सेवा का जिक्र होता है, तो ‘रोटरी इंटरनेशनल’ का नाम सबसे अग्रणी पंक्तियों में लिया जाता है। रोटरी का मूल मंत्र है, "Service Above Self" अर्थात् ‘स्वयं से ऊपर सेवा’। यह मात्र एक वाक्य नहीं है, बल्कि यह एक संपूर्ण जीवन दर्शन है।

रोटरी की प्रेरणादायक यात्रा एक दूरदर्शी विचार और मानवता की सेवा के संकल्प से प्रारंभ हुई। इसके संस्थापक श्री पॉल हैरिस, जो शिकागो के एक प्रतिष्ठित वकील थे, ने 23 फरवरी 1905 को ‘रोटरी क्लब ऑफ शिकागो’ की स्थापना इस उद्देश्य से की कि विभिन्न व्यवसायों और पृष्ठभूमियों से जुड़े लोग एक साझा मंच पर आकर मित्रता, नैतिकता, नेतृत्व और समाज सेवा की भावना को सशक्त बना सकें।

रोटरी इंटरनेशनल आज विश्व का सबसे बड़ा और सर्वाधिक प्रतिष्ठित सेवा संगठन है, जिसकी उपस्थिति 200 से अधिक देशों और भौगोलिक क्षेत्रों में है। आज रोटरी के लाखों सदस्य शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, शांति स्थापना, मातृ एवं शिशु कल्याण तथा सामुदायिक विकास जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। यह संस्था वास्तव में हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति के महान आदर्श “वसुधैव कुटुम्बकम्” को साकार रूप प्रदान करती है।

रोटरी के संस्थापक पॉल हैरिस ने कहा था, “दुनिया हमें हमारे विचारों से नहीं, बल्कि हमारे कार्यों और उपलब्धियों से पहचानती है।” यह विचार आज भी रोटरी की कार्यसंस्कृति का मूल आधार है।

रोटरी ने सदैव बड़े लक्ष्य निर्धारित किए हैं और उन्हें साकार करने के लिए समर्पण के साथ कार्य किया है। पोलियो उन्मूलन अभियान इसका सबसे प्रेरणादायक उदाहरण है। 1979 में फिलीपींस में लाखों बच्चों के टीकाकरण से शुरू हुई यह पहल आज वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य के इतिहास की सबसे सफल जन-आंदोलन आधारित पहलों में गिनी जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ और अन्य साझेदार संस्थाओं के साथ मिलकर रोटरी ने पोलियो को विश्व के अधिकांश देशों से समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

यह उपलब्धि केवल एक स्वास्थ्य अभियान की सफलता नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि जब सेवा, नेतृत्व और सामूहिक संकल्प एक साथ आते हैं, तो मानवता की सबसे बड़ी चुनौतियों का भी समाधान संभव हो जाता है। रोटरी आज भी इसी भावना के साथ एक अधिक स्वस्थ, समावेशी, शिक्षित और मानवीय विश्व के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

यदि हम रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3090 की बात करें, तो यह उत्तर भारत के पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे महत्वपूर्ण राज्यों के विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र में अपनी सेवाओं का प्रभावी विस्तार किए हुए है। इस डिस्ट्रिक्ट के अंतर्गत लगभग 20 जिले आते हैं, जहाँ 162 से अधिक रोटरी क्लबों के माध्यम से लगभग 3 हजार 500 समर्पित रोटेरियन समाज सेवा के विविध क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

सुनाम (शहीद उधम सिंह वाला) में नेत्र चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के लिए आई हॉस्पिटल का विकास, संगरूर में कैंसर अस्पताल को सहयोग, धूरी के सरकारी अस्पताल में आधुनिक डेंटल सुविधाएँ, मालेरकोटला में डायलिसिस मशीनों की स्थापना तथा मानसा में डिजिटल एक्स-रे मशीनों की उपलब्धता, ये सभी परियोजनाएँ समाज के प्रति आपकी संवेदनशीलता और समर्पण व सेवा भाव का प्रमाण हैं।

विशेष रूप से आपकी अत्याधुनिक कैंसर स्क्रीनिंग एवं डिटेक्शन बस की जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर प्रारंभिक जांच और जागरूकता के माध्यम से यह परियोजना अनगिनत जीवन बचाने का कार्य कर रही है।

इसी प्रकार सालासर और समाना में सार्वजनिक उपयोगिता भवनों का निर्माण तथा शिक्षा के क्षेत्र में आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को सहयोग प्रदान करना भविष्य के भारत को मजबूत और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान है।

मुझे यह जानकर प्रसन्नता है कि रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3090 ने सेवा को केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि एक जन-आंदोलन का रूप देने का प्रयास किया है। इसके सदस्य अपने समय, संसाधनों, अनुभव और विशेषज्ञता को समाज के कल्याण के लिए समर्पित करते हुए "Service Above Self"  अर्थात ‘स्वयं से ऊपर सेवा’ के आदर्श को सार्थक रूप से जीवंत बना रहे हैं।

मुझे विश्वास है कि रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3090 आने वाले वर्षों में भी सेवा, नेतृत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व की नई मिसालें स्थापित करता रहेगा। 

देवियो और सज्जनो,

समाज सेवा और परोपकार कोई नई अवधारणा नहीं है। यह हमारी महान भारतीय संस्कृति के मूल में रची-बसी है। हमारे ऋषियों और मुनियों ने हमेशा यही संदेश दिया है कि अपने लिए तो पशु भी जी लेते हैं, लेकिन मनुष्य वही है जो दूसरों के काम आए।

महर्षि वेदव्यास जी ने अठारह पुराणों का सार केवल दो पंक्तियों में समेटते हुए कहा था, ‘‘अष्टादश पुराणेषु व्यासस्य वचनद्वयम्। परोपकारः पुण्याय पापाय परपीडनम्।।’’ अर्थात् परोपकार ही सबसे बड़ा पुण्य है और दूसरों को कष्ट देना ही सबसे बड़ा पाप है।

स्वामी विवेकानंद जी ने भी कहा था, ‘‘वे ही जीवित हैं, जो दूसरों के लिए जीते हैं, बाकी सब तो मृत समान हैं।’’ आज यहाँ उपस्थित रोटरी के सदस्य और सम्मानित होने वाले समाजसेवी, स्वामी जी के इन्हीं विचारों का जीवंत उदाहरण हैं।

आज भारत जिस विकास यात्रा पर अग्रसर है, उसका मूल मंत्र है, “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास।”

यह केवल एक सरकारी नारा नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का व्यापक दर्शन है। मुझे प्रसन्नता है कि रोटरी इंटरनेशनल भी इसी भावना को लेकर कार्य कर रही है। रोटरी का उद्देश्य भी यही है कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक विकास, सम्मान, अवसर और न्याय पहुंचे।

हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति सदैव “वसुधैव कुटुम्बकम्” अर्थात सम्पूर्ण विश्व एक परिवार है, का संदेश देती रही है। रोटरी इसी भावना को व्यवहार में उतारते हुए जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र और सीमाओं से ऊपर उठकर मानवता की सेवा कर रही है। यही सेवा भाव किसी भी सभ्य और संवेदनशील समाज की सबसे बड़ी शक्ति होती है।

हमारी संस्कृति में भी कहा गया है, “परोपकाराय सतां विभूतयः” अर्थात् सज्जन और महान व्यक्तियों की सम्पत्ति, शक्ति, ज्ञान तथा जीवन का उद्देश्य दूसरों के कल्याण के लिए समर्पित होता है। यही भारतीय संस्कृति का मूल संदेश है कि व्यक्ति केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज और मानवता के लिए भी जिए।

हम उस पवित्र भूमि के वासी हैं जिसने भगवान बुद्ध के करुणा, अहिंसा और मानव कल्याण के संदेश को विश्व तक पहुँचाया तथा महात्मा गांधी के रूप में ऐसा युगपुरुष दिया जिसने सत्य, सेवा और त्याग के माध्यम से यह सिद्ध किया कि दूसरों के सुख और सम्मान के लिए समर्पित जीवन ही सबसे सार्थक जीवन है। इन महापुरुषों ने हमें सिखाया कि सच्ची महानता पद, प्रतिष्ठा या संपत्ति में नहीं, बल्कि मानवता की सेवा में निहित है।

आज के समय में जब समाज अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब यह और भी आवश्यक हो जाता है कि हमारी धरती को अधिक समृद्ध, समावेशी और मानवीय बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक, प्रत्येक संस्था और प्रत्येक सरकार अपनी-अपनी भूमिका जिम्मेदारीपूर्वक निभाए। 

सामाजिक परिवर्तन केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं होता; इसके लिए जनभागीदारी, सामाजिक संगठनों की सक्रियता और सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना भी उतनी ही आवश्यक है।

वास्तव में, कोई भी राष्ट्र तभी महान बन सकता है जब उसके नागरिक अपने व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता दें। निःस्वार्थ सेवा, सामाजिक उत्तरदायित्व और सामूहिक कल्याण की भावना ही किसी देश की वास्तविक शक्ति होती है। जब नागरिक सेवा को अपना धर्म और समाज को अपना परिवार मानकर कार्य करते हैं, तभी एक सशक्त, संवेदनशील और विकसित राष्ट्र का निर्माण संभव होता है।

देवियों और सज्जनों,

आज भारत केवल आर्थिक विकास का प्रतीक नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व की वैश्विक मिसाल भी बन रहा है।

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और प्रेरणा से कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) को एक व्यापक जन-आंदोलन का स्वरूप मिला है। आज देश की बड़ी-बड़ी कंपनियाँ केवल लाभ अर्जित करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।

यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि CSR के माध्यम से प्रतिवर्ष हजारों करोड़ रुपये समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों के कल्याण के लिए लगाए जा रहे हैं। यह केवल आर्थिक निवेश नहीं है, बल्कि एक संवेदनशील, समावेशी और सशक्त भारत के निर्माण की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

जब सरकार, उद्योग जगत और सामाजिक संगठन एक साथ मिलकर कार्य करते हैं, तब विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचता है और राष्ट्र निर्माण की गति कई गुना बढ़ जाती है।

प्रिय साथियों,

यदि किसी राष्ट्र को मजबूत बनाना है तो उसके दो सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, शिक्षा और स्वास्थ्य। रोटरी ने इन दोनों क्षेत्रों में जो उल्लेखनीय कार्य किए हैं, वे न केवल वर्तमान पीढ़ी बल्कि आने वाली पीढ़ियों के जीवन को भी सकारात्मक दिशा प्रदान करेंगे।

आज सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों को शैक्षिक संसाधन उपलब्ध कराना, छात्रवृत्तियाँ प्रदान करना तथा स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाना वास्तव में विकसित भारत के निर्माण में एक महत्वपूर्ण निवेश है।

साथियो,

आज विश्व अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है। कई क्षेत्रों में तनाव, संघर्ष और अस्थिरता का वातावरण है। ऐसे समय में रोटरी द्वारा शांति स्थापना, संवाद और वैश्विक सहयोग के लिए किए जा रहे प्रयास मानवता को नई दिशा प्रदान करते हैं।

मुझे विशेष प्रसन्नता है कि भारत में पुणे स्थित सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में रोटरी पीस सेंटर की स्थापना की गई है, जहाँ युवाओं को शांति, नेतृत्व और वैश्विक सहयोग के मूल्यों के साथ तैयार किया जा रहा है। यह पहल न केवल भारत बल्कि सम्पूर्ण विश्व के लिए आशा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है।

रोटरी इंटरनेशनल ने यह सिद्ध किया है कि जब सेवा, संवेदना और नेतृत्व एक साथ चलते हैं, तब परिवर्तन अवश्यंभावी हो जाता है।

आज आवश्यकता इस बात की है कि हम सभी सेवा को एक जन-आंदोलन का स्वरूप दें। यदि प्रत्येक सक्षम नागरिक समाज के लिए थोड़ा समय, थोड़ा संसाधन और थोड़ा सहयोग समर्पित कर दे, तो भारत को विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता।

आज के समय में नशा मुक्ति, जल संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, और डिजिटल साक्षरता जैसे विषयों पर हमें ज़मीनी स्तर पर काम करने की आवश्यकता है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि नई टीम के नेतृत्व में डिस्ट्रिक्ट 3090 इन क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।

आइए, हम सब मिलकर सेवा, सद्भाव, करुणा और मानवता के इस पवित्र अभियान को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँ तथा एक ऐसे भारत के निर्माण में योगदान दें जहाँ प्रत्येक नागरिक को सम्मान, अवसर, शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय प्राप्त हो।

मैं रोटरी इंटरनेशनल, रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3090 तथा इसके सभी समर्पित सदस्यों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देता हूँ। 

इन्हीं शुभकामनाओं के साथ मैं अपनी वाणी को विराम देता हूँ।

आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद।

जय हिन्द!

जय भारत!