SPEECH OF PUNJAB GOVERNOR AND ADMINISTRATOR, UT CHANDIGARH, SHRI GULAB CHAND KATARIA ON THE OCCASION OF TIMES OF INDIA’S LEADERSHIP SUMMIT AND ICONS 2026 AT LUDHIANA ON JULY 29, 2026.
- by Admin
- 2026-07-29 21:05
टाइम्स ऑफ इंडिया के ‘लीडरशिप समिट एंड आईकॉन 2026’ पर राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया जी का संबोधनदिनांकः 29.07.2026, बुधवार समयः शाम 7:00 बजे स्थानः लुधियाना
नमस्कार!
आज पंजाब की औद्योगिक राजधानी लुधियाना की इस कर्मशील और उद्यमशील धरती पर आयोजित ‘टाइम्स लीडरशिप समिट एंड आइकॉन्स-2026’ में आप सभी के बीच उपस्थित होना, मेरे लिए अत्यंत प्रसन्नता और गौरव का विषय है। मैं इस शानदार आयोजन के लिए ‘टाइम्स इंटरनेट लिमिटेड’ के विशेष प्रभाग, ‘ऑप्टिमल मीडिया सॉल्यूशंस’ को अपनी ओर से हार्दिक बधाई देता हूँ।
साथियो,
जब हम ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ का जिक्र करते हैं, तो हम केवल एक समाचार-पत्र की नहीं, बल्कि भारत के एक ऐतिहासिक कालखंड की बात कर रहे होते हैं। 3 नवंबर 1838 को ‘द बॉम्बे टाइम्स एंड जर्नल ऑफ कॉमर्स’ के रूप में शुरू हुआ यह सफर, 1861 में ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ के नाम के साथ एक नए युग का सूत्रधार बना।
लगभग दो शताब्दियों की अपनी इस गौरवशाली यात्रा में, इस संस्थान ने औपनिवेशिक काल से लेकर स्वतंत्रता संग्राम, संविधान निर्माण, आर्थिक उदारीकरण और आज के ‘डिजिटल भारत’ तक देश के महत्वपूर्ण परिवर्तनों का साक्षी बनने के साथ-साथ जनमत और सार्वजनिक विमर्श को भी दिशा दी है।
समय और तकनीक के साथ स्वयं को निरंतर ढालना ही किसी भी महान संस्थान की असली पहचान होती है। ‘टाइम्स ग्रुप’ ने प्रिंट मीडिया से आगे बढ़कर डिजिटल और मल्टीमीडिया पत्रकारिता में भी अपना जो परचम लहराया है, ‘टाइम्स इंटरनेट लिमिटेड’ उसी दूरदर्शिता का सजीव उदाहरण है। आज यह भारत की सबसे बड़ी डिजिटल मीडिया और टेक्नोलॉजी कंपनियों में शुमार है।
इसी आधुनिक सोच का एक बेहद अहम हिस्सा है, ‘ऑप्टिमल मीडिया सॉल्यूशंस’। यह प्रभाग ब्रांड बिल्डिंग, जनसंपर्क और ऐसे भव्य आयोजनों के माध्यम से समाज के उन सफल उद्यमियों और असल नायकों को दुनिया के सामने लाने का भगीरथ प्रयास कर रहा है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में चुपचाप राष्ट्र निर्माण का कार्य कर रहे हैं।
टाइम्स ग्रुप की सबसे बड़ी शक्ति उसकी विश्वसनीयता, प्रासंगिकता और नवाचार के साथ आगे बढ़ने की क्षमता रही है। ‘टाइम्स लीडरशिप समिट एंड आइकॉन्स’ जैसे आयोजन उसी समृद्ध परंपरा का एक सुंदर विस्तार हैं। आज मीडिया का दायित्व केवल समाचार आप तक पहुँचाना नहीं रह गया है; बल्कि समाज को दिशा देने वाले प्रेरणादायी व्यक्तित्वों, विचारों और उपलब्धियों को एक सशक्त मंच प्रदान करना भी है, और आज का यह आयोजन इसी उद्देश्य की एक बेहतरीन मिसाल है।
देवियो और सज्जनो,
आज का यह सम्मेलन केवल सफल व्यक्तियों और प्रतिष्ठित संस्थाओं के सम्मान का मंच नहीं है, बल्कि उन विचारों, मूल्यों और प्रयासों का उत्सव है, जो समाज को नई दिशा देते हैं।
आज हम 38 विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित कर रहे हैं, जिन्होंने अपनी दूरदृष्टि, परिश्रम, नवाचार और सामाजिक प्रतिबद्धता से अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय पहचान बनाई है। मैं सभी सम्मानित विभूतियों को बधाई देता हूँ।
मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई है कि सम्मानित होने वालों में ज्योतिष, शिक्षा, फैशन डिजाइनिंग, वित्त, एफएमसीजी, स्वास्थ्य, उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी, जनसंपर्क एवं संचार, रियल एस्टेट और यात्रा क्षेत्र से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तित्व शामिल हैं। विशेष रूप से शिक्षा क्षेत्र से 5, स्वास्थ्य क्षेत्र से 5 और उद्योग जगत से 18 प्रतिनिधियों की उपस्थिति इस आयोजन की व्यापकता और विविधता को दर्शाती है।
यह सम्मान आपकी उपलब्धियों की सार्वजनिक स्वीकृति है, लेकिन इसके साथ एक नई जिम्मेदारी भी जुड़ी है। अब समाज विशेष रूप से युवा पीढ़ी आपसे और अधिक प्रेरणा, मार्गदर्शन तथा नेतृत्व की अपेक्षा करेगी।
देवियो और सज्जनो,
जब हम लीडरशिप, साहस और नवाचार की बात करते हैं, तो पंजाब का नाम स्वतः ही सबसे ऊपर आ जाता है। पंजाब केवल एक राज्य का नाम नहीं है, यह एक भावना है, साहस की, बलिदान की, उद्यम की और ‘चढ़दी कला’ (हमेशा सकारात्मक और ऊर्जावान रहने) की। यह केवल पाँच नदियों की भूमि नहीं है। यह त्याग, साहस, आध्यात्मिकता, कृषि, उद्यम और सेवा की भूमि है।
गुरु साहिबान ने हमें सत्य, समानता, परिश्रम, सेवा और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का संदेश दिया। श्री गुरू नानक देव जी का ‘किरत करो, नाम जपो और वंड छको’ का सिद्धांत आज भी नैतिक नेतृत्व और समावेशी विकास का श्रेष्ठ मार्ग प्रस्तुत करता है।
पंजाब की धरती ने स्वतंत्रता आंदोलन को अनेक महान क्रांतिकारी दिए। शहीद-ए-आजम भगत सिंह, लाला लाजपत राय, शहीद ऊधम सिंह, करतार सिंह सराभा और असंख्य ज्ञात-अज्ञात वीरों ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया।
स्वतंत्रता के बाद पंजाब के किसानों ने हरित क्रांति के माध्यम से देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत किया। पंजाब के कृषि विभाग के अनुसार, देश के भू-क्षेत्र का लगभग डेढ़ प्रतिशत हिस्सा होने के बावजूद राज्य ने गेहूँ, धान और अन्य फसलों के उत्पादन तथा केंद्रीय खाद्यान्न भंडार में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है।
पंजाब के सैनिक देश की सीमाओं की रक्षा में सदैव अग्रणी रहे हैं। पंजाब के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में तिरंगे का सम्मान बढ़ाया है। विदेशों में बसे पंजाबियों ने भी अपनी मेहनत और उद्यमशीलता से भारत का नाम रोशन किया है।
आज, पंजाब कृषि, विनिर्माण, निर्यात, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, हॉस्पिटैलिटी और सेवाओं में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। हमारे लोगों में गजब का दृढ़ संकल्प, व्यावसायिक समझ और बदलती वैश्विक आर्थिक स्थितियों के अनुकूल ढलने की क्षमता है। इन्हीं खूबियों ने पंजाब को देश के सबसे जीवंत आर्थिक क्षेत्रों में से एक बना दिया है।
लेकिन आज हमारा राज्य नशा, गिरता भूजल स्तर, बेरोजगारी और युवाओं के पलायन जैसी कुछ गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। इन समस्याओं पर केवल चिंता जताने से काम नहीं चलेगा; बल्कि सरकार, उद्योग, समाज और मीडिया को मिलकर एक ‘समाधान-आधारित दृष्टिकोण’ अपनाना होगा।
साथियो,
इस आयोजन के लिए लुधियाना से बेहतर स्थान शायद ही कोई हो सकता था। पंजाब की यह औद्योगिक नगरी परिश्रम, उद्यमशीलता और आत्मनिर्भरता की प्रतीक है। जब भी हम पंजाब की औद्योगिक सफलता की बात करते हैं, तो इस शहर का नाम सबसे ऊपर आता है। यह शहर उद्यम का प्रतीक है। ‘पंजाब की औद्योगिक राजधानी’ के रूप में जाने जाते लुधियाना ने कई दशकों में एक असाधारण प्रतिष्ठा बनाई है।
इस शहर ने हमें भारती एंटरप्राइज़िस के संस्थापक श्री सुनील भारती मित्तल, ट्राईडेंट ग्रुप के संस्थापक श्री राजिंदर गुप्ता, हीरो साइकिल्स के संस्थापक स्व. श्री ओम प्रकाश मुंजाल जी, वर्धमान ग्रुप के संस्थापक श्री एस.पी. ओसवाल, एवन साइकिल्स के अध्यक्ष ओंकार सिंह पाहवा जैसे दिग्गज दिए हैं। यहां पर क्रैमिका, किट्टी और बॉन ब्रेड जैसी कंपनियां भी हैं।
यहाँ निर्मित साइकिलें दुनिया के अनेक देशों तक पहुँचती हैं। इसके होजरी और कपड़ा उत्पादों को विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त है। इसके इंजीनियरिंग सामान, ऑटो पार्ट्स, मशीन टूल्स, खेल के सामान और मैन्युफैक्चरिंग इकाइयाँ भारत के निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
हजारों सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम लुधियाना की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। ये उद्यम रोजगार पैदा करते हैं, स्थानीय सप्लाई चेन को मजबूत करते हैं, नवाचार को प्रोत्साहित करते हैं और राष्ट्रीय आर्थिक विकास में बहुत बड़ा योगदान देते हैं। लुधियाना की सफलता हमें यह सिखाती है कि निरंतर सफलता का आधार उद्यमशीलता, कौशल, अनुशासन और निरंतर नवाचार है।
देवियो और सज्जनो,
आज, दुनिया भर के उद्योगों में तेजी से बदलाव आ रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन, रोबोटिक्स, डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग, डेटा एनालिटिक्स, क्लीन टेक्नोलॉजी और टिकाऊ उत्पादन वैश्विक प्रतिस्पर्धा को फिर से परिभाषित कर रहे हैं। यह बदलाव चुनौतियां और अवसर दोनों पेश करता है।
पंजाब के उद्योगों में इन नई तकनीकों को अपनाने और दुनिया के सबसे प्रतिस्पर्धी मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम में खुद को स्थापित करने की पूरी क्षमता है। नवाचार हमारी सबसे बड़ी ताकत बननी चाहिए। अनुसंधान, प्रौद्योगिकी, डिजाइन, ब्रांडिंग और गुणवत्ता में सुधार पर किया गया निवेश हमारी भविष्य की प्रतिस्पर्धा तय करेगा।
स्थिरता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। आर्थिक विकास और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी, दोनों साथ-साथ चलने चाहिए। जो उद्योग स्वच्छ तकनीक, ऊर्जा की बचत, जिम्मेदार मैन्युफैक्चरिंग और पर्यावरण के प्रति जागरूक प्रथाओं को अपनाएंगे, वे ही कल के लीडर बनेंगे।
देवियों और सज्जनों,
शिक्षा में निवेश किए बिना कोई भी समाज स्थायी आर्थिक समृद्धि प्राप्त नहीं कर सकता। मुझे आज के इस शिखर सम्मेलन में प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों को भाग लेते देखकर बहुत खुशी हो रही है।
लुधियाना और इसके आस-पास का क्षेत्र उत्तर भारत में उच्च शिक्षा के सबसे महत्वपूर्ण केंद्रों में से एक के रूप में उभरा है। यहाँ के विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज, प्रबंधन संस्थान, मेडिकल कॉलेज, शोध संस्थान और व्यावसायिक प्रशिक्षण केन्द्र युवाओं को भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं।
आज शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं है। इसका उद्देश्य तार्किक सोच विकसित करना है। नवाचार को बढ़ावा देना है। जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है। और युवाओं को उन भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करना है जो आज शायद अस्तित्व में भी नहीं हैं।
इसी कारण उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गया है। शिक्षण संस्थानों को उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं को समझना होगा। उद्योगों को भी इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप, पाठ्यक्रम विकास, कौशल प्रशिक्षण, शोध सहयोग और नवाचार केन्द्रों में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
जब विश्वविद्यालय और उद्योग साथ मिलकर काम करते हैं, तब नवाचार तेज़ी से आगे बढ़ता है। जब नवाचार बढ़ता है, तब उद्योग विकसित होते हैं। जब उद्योग बढ़ते हैं, तब रोजगार बढ़ता है। और जब रोजगार बढ़ता है, तब समाज समृद्ध बनता है। पंजाब के उज्ज्वल भविष्य के लिए यह साझेदारी अत्यंत आवश्यक है।
साथियो,
हमारे युवा हमारी सबसे बड़ी शक्ति हैं। उनमें नई सोच है, आत्मविश्वास है, तकनीकी समझ है और वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने की आकांक्षा है। आज के युवा स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, विनिर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, फिनटेक, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल सेवाओं जैसे अनेक क्षेत्रों में नए समाधान विकसित कर रहे हैं।
आज जिन बड़ी कंपनियों को हम सफल मानते हैं, उनमें से अनेक की शुरुआत कभी एक छोटे से विचार से हुई थी। इसलिए हमें उद्यमशीलता को लगातार प्रोत्साहित करना होगा। हमें ऐसा वातावरण बनाना होगा जहाँ नवाचार को समर्थन मिले, जोखिम उठाने वालों को सम्मान मिले और स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन तथा अवसर मिलें।
हमारे शिक्षण संस्थान, उद्योग, वित्तीय संस्थान और नीति निर्माता मिलकर इस उद्यमशील वातावरण को और मजबूत बना सकते हैं। भविष्य उन्हीं समाजों का होगा जो अपने युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाएँगे।
देवियो और सज्जनो,
मेरा मानना है कि नेतृत्व के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। सच्चे नेतृत्व का मूल्यांकन केवल आर्थिक सफलता से नहीं होता। उसका मूल्यांकन इस बात से होता है कि उसने लोगों के जीवन में कितना सकारात्मक परिवर्तन लाया।
एक सफल उद्योग रोजगार देता है। एक सफल शिक्षण संस्थान भविष्य के नेता तैयार करता है। एक सफल अस्पताल जीवन बचाता है। एक सफल उद्यमी दूसरों को प्रेरित करता है। एक सफल संस्था समाज के विकास में योगदान देती है।
आज जिन प्रतिष्ठित लोगों का सम्मान किया जा रहा है, उन्होंने अपने कार्यों से इन मूल्यों को सिद्ध किया है। उन्होंने ऐसी संस्थाएँ खड़ी की हैं जो रोजगार देती हैं, लोगों के जीवन की गुणवत्ता सुधारती हैं, नवाचार को बढ़ावा देती हैं और आर्थिक विकास में योगदान करती हैं।
उनकी उपलब्धियाँ प्रशंसा की पात्र हैं। और उससे भी अधिक, वे समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। सम्मान श्रेष्ठता को बढ़ावा देता है। उत्कृष्टता नवाचार को जन्म देती है। नवाचार प्रगति को आगे बढ़ाता है। और प्रगति राष्ट्र को मजबूत बनाती है। यही कारण है कि टाइम्स लीडरशिप समिट एंड आइकॉन्स जैसे मंच अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
देवियो और सज्जनो,
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प देश के सामने रखा है। विकसित भारत केवल बड़ी अर्थव्यवस्था या आधुनिक आधारभूत संरचना वाला भारत नहीं होगा। वह शिक्षित, स्वस्थ, सुरक्षित, आत्मनिर्भर, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार और सामाजिक रूप से न्यायपूर्ण भारत होगा।
इस संकल्प की सफलता सरकार के प्रयासों से ही संभव नहीं है। इसमें उद्योग, मीडिया, शिक्षण संस्थानों, वैज्ञानिकों, सामाजिक संगठनों और प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ केवल नारा नहीं, बल्कि विकसित भारत की कार्य-पद्धति है।
उद्योग रोजगार और नवाचार प्रदान करेगा। शिक्षा संस्थान ज्ञान एवं कौशल विकसित करेंगे। मीडिया जागरूकता और उत्तरदायित्व को मजबूत करेगा। समाज सेवा एवं सहभागिता को बढ़ाएगा।
आज सम्मानित होने वाले आइकन्स विकसित भारत की इस यात्रा के नेतृत्वकर्ता हैं। आप अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्टता के साथ नैतिकता, समावेशिता और राष्ट्रहित को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
आज का सम्मान आपकी यात्रा का अंत नहीं, यह नई जिम्मेदारियों व नए अवसरों का आरंभ है। सम्मान समारोह प्रेरित करता है कि हम अपनी सफलता का उपयोग समाज में और अधिक सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए करें।
एक सच्चा आइकन वह नहीं, जिसे केवल लोग जानते हों; बल्कि वह है, जिसके विचार, कार्य और जीवन दूसरों को प्रेरित करें। आपकी सफलता तभी सार्थक है, जब उससे समाज में विश्वास, अवसर और सकारात्मक बदलाव पैदा हो।
जैसा कहा गया है, “सम्मान सफलता की पहचान है, लेकिन सेवा सफलता की सार्थकता है।”
मैं एक बार फिर टाइम्स समूह को इस अनूठी पहल के लिए हार्दिक बधाई देता हूँ, जिसने विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित करने तथा आपसी सहयोग, विचार-विमर्श और नेटवर्किंग का एक प्रभावी मंच उपलब्ध कराया है।
मुझे पूरा विश्वास है कि पंजाब के उद्यमी, उद्योगपति, शिक्षाविद्, नवप्रवर्तक, पेशेवर और युवा नेता मिलकर राज्य को और अधिक समृद्ध, सशक्त और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएँगे।
आइए, हम पंजाब के औद्योगिक वातावरण को और मजबूत करें। अपने शिक्षण संस्थानों को और सशक्त बनाएँ। नवाचार और उद्यमशीलता को बढ़ावा दें। सतत विकास में निवेश करें। अपने युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करें। और यह सुनिश्चित करें कि लुधियाना भारत के अग्रणी औद्योगिक, व्यापारिक, शैक्षिक और नवाचार केन्द्र के रूप में निरंतर आगे बढ़ता रहे।
अंत में, मैं सभी पुरस्कार विजेताओं को एक बार फिर हार्दिक बधाई देता हूँ। आपकी सफलता अनेक नई सफलताओं की प्रेरणा बने।
मैं आयोजकों, प्रतिभागियों, सहयोगियों और सभी अतिथियों को टाइम्स लीडरशिप समिट एंड आइकॉन्स-लुधियाना 2026 के सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएँ देता हूँ।
बहुत-बहुत धन्यवाद,
जय हिन्द!
जय भारत!