SPEECH OF PUNJAB GOVERNOR AND ADMINISTRATOR, UT CHANDIGARH, SHRI GULAB CHAND KATARIA ON THE OCCASION OF ADDRESSING THE ALUMNI AT THE EVENT OF THE OLD NABITIES ASSOCIATION OF PUNJAB PUBLIC SCHOOL, NABHA ON AUGUST 2, 2026.

ओल्ड नबाइट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम के अवसर पर

राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया जी का संबोधन

दिनांकः 02.08.2026,  रविवारसमयः दोपहर 12:30 बजेस्थानः चंडीगढ़

         

नमस्कार!

आज पंजाब पब्लिक स्कूल, नाभा की ‘ओल्ड नबाइट्स एसोसिएशन’ के इस गरिमामय आयोजन में आप सभी के बीच उपस्थित होकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। मैं इस प्रतिष्ठित पूर्व छात्र परिवार के प्रत्येक सदस्य को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ। यह आयोजन केवल पूर्व विद्यार्थियों का पुनर्मिलन नहीं है, बल्कि स्मृतियों, संस्कारों, मित्रता, कृतज्ञता और संस्था के प्रति उत्तरदायित्व का उत्सव है।

मैं ओल्ड नबाइट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री प्रदीप कुमार गुप्ता, उपाध्यक्ष श्रीमती पुनीता संधू, सचिव श्री अजीत बंसल, संयुक्त सचिव श्रीमती रामनदीप खत्रा और कोषाध्यक्ष डॉ. जे.पी. नरूला सहित पूरी कार्यकारिणी को इस आयोजन के लिए हार्दिक बधाई देता हूँ।

वर्ष 1982 में स्थापित ओल्ड नबाइट्स एसोसिएशन इस बात का उत्तम उदाहरण है कि पूर्व छात्र किस प्रकार अपनी जड़ों से जुड़े रह सकते हैं। विद्यालय के प्रति आपका निरंतर सहयोग, विद्यार्थियों का मार्गदर्शन, इसकी समृद्ध परंपराओं का संरक्षण तथा संस्थान के विकास में आपका योगदान, आपके गहरे आभार-बोध और उत्तरदायित्व की भावना को दर्शाता है।

विद्यालय के विकास में आपके इस योगदान की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। बीते वर्षों में नबाइट्स ने लगभग 2 करोड़ रुपये का अभूतपूर्व आर्थिक सहयोग देकर विद्यालय के प्रति अपने असीम समर्पण को प्रमाणित किया है। आपके संगठन ने हेडमास्टर्स कॉन्फ्रेंस का प्रायोजन करने से लेकर, विद्यार्थियों को प्रति वर्ष 2 लाख रूपये की छात्रवृत्तियां और 20 नई ट्रॉफियां भेंट करने तक, हर कदम पर स्कूल का साथ दिया है। 

बुनियादी ढांचे को उन्नत बनाने में भी आपकी भूमिका सराहनीय रही है। टेनिस कोर्ट व स्क्वैश कोर्ट का निर्माण, विद्यालय की नई फ्लोरिंग, एयर कंडीशनर की व्यवस्था और एम.आई. रूम का जीर्णोद्धार आपके सहयोग के जीते-जागते प्रमाण हैं। 

विद्यालय की स्वर्ण जयंती के अवसर पर विभिन्न बैचों द्वारा दिया गया उदार दान, और ‘एस.सी. कॉवेल हिंदी वाद-विवाद प्रतियोगिता’ जैसी गतिविधियों को आपका निरंतर समर्थन अत्यंत प्रशंसनीय है।

मैं इस एसोसिएशन को पीढ़ियों के बीच एकता, मित्रता और सेवा की भावना को सुदृढ़ करने के लिए हार्दिक बधाई देता हूँ। ऐसे संगठन अनुभव, विशेषज्ञता और सद्भावना को एक मंच पर लाकर शैक्षणिक संस्थानों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुझे विश्वास है कि एसोसिएशन विद्यालय की गौरवशाली परम्पराओं को आगे बढ़ाने, पूर्व छात्रों को जोड़ने और वर्तमान विद्यार्थियों के मार्गदर्शन में और अधिक सक्रिय भूमिका निभाएगी।

देवियो और सज्जनो,

मुझे गर्व है कि आप जिस स्कूल के छात्र रहे हैं, उस पंजाब पब्लिक स्कूल, नाभा की स्थापना वर्ष 1960 में हुई थी। इस संस्थान की स्थापना का उद्देश्य रक्षा सेनाओं के सेवारत एवं पूर्व सैनिकों तथा सामान्य नागरिक परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना था।

105 एकड़ में फैले इस विद्यालय की स्थापना के पीछे पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री सरदार प्रताप सिंह कैरों की दूरदर्शी सोच और प्रेरणा रही। विद्यालय का औपचारिक उद्घाटन अप्रैल 1961 में भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा किया गया। विद्यालय का आदर्श वाक्य “आगे और ऊपर- Onward and Upwardß हमें निरंतर प्रगति, ऊँचे लक्ष्य और श्रेष्ठता की प्रेरणा देता है। 

यह गर्व का विषय है कि विद्यालय के अनेक पूर्व छात्रों ने सशस्त्र सेनाओं और अन्य क्षेत्रों में उच्च पद प्राप्त किए हैं। पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह, वाइस एडमिरल सतीश सोनी, लेफ्टिनेंट जनरल ओ.पी. नंदराजोग, वाइस एडमिरल जे.एस. बेदी और उद्योगपति डॉ. पवन कांत मुंजाल इसके प्रमुख उदाहरण हैं। राजनीति, खेल, न्यायपालिका और प्रशासनिक सेवाओं में भी ओल्ड नबाइट्स ने उल्लेखनीय पहचान बनाई है।

प्रारंभ में ‘सैनिक स्कूल’ के रूप में स्थापित इस संस्थान का उद्देश्य राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के लिए अनुशासित और प्रतिभाशाली युवाओं को तैयार करना था। आज भी सेना, नौसेना, वायुसेना व गर्ल्स एनसीसी की इकाइयाँ विद्यार्थियों में नेतृत्व, साहस और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित कर रही हैं।

पंजाब पब्लिक स्कूल ने उत्तर भारत में गुणवत्तापूर्ण और समग्र शिक्षा की मजबूत परंपरा स्थापित की है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप विद्यालय ज्ञान, जीवन-कौशल, नैतिक मूल्यों, रचनात्मक सोच और नेतृत्व क्षमता के विकास पर बल दे रहा है। आधुनिक शिक्षण पद्धतियाँ, बेहतर मूल्यांकन और शिक्षकों का निरंतर प्रशिक्षण इसे श्रेष्ठता की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।

साथियो,

शैक्षणिक संस्थान केवल ज्ञान के केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण के संस्कार-स्थल होते हैं। एक अच्छा विद्यालय विद्यार्थियों को केवल यह नहीं सिखाता कि जीवन में सफलता कैसे प्राप्त करनी है। वह यह भी सिखाता है कि सफलता का उपयोग समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए कैसे करना है।

शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छी नौकरी प्राप्त करना नहीं है। शिक्षा का उद्देश्य एक अच्छा मनुष्य बनना, सही और गलत में अंतर करना, समाज की समस्याओं को समझना तथा अपने ज्ञान और क्षमता से उनका समाधान करना है। स्वामी विवेकानंद ने कहा था, “शिक्षा मनुष्य में पहले से विद्यमान पूर्णता की अभिव्यक्ति है।” इसलिए सच्ची शिक्षा विद्यार्थी के भीतर छिपी प्रतिभा, आत्मविश्वास, संवेदनशीलता और नेतृत्व क्षमता को जागृत करती है।

पंजाब पब्लिक स्कूल, नाभा ने वर्षों से शिक्षा, अनुशासन, नेतृत्व, खेल, साहसिक गतिविधियों और समाज सेवा के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की परम्परा को आगे बढ़ाया है। यहाँ का अनुशासन जीवन को सीमित नहीं करता, बल्कि जीवन को व्यवस्थित करता है। यहाँ की प्रतिस्पर्धा दूसरों को पीछे छोड़ने के बजाय स्वयं को बेहतर बनाने की प्रेरणा देती है।

देवियो और सज्जनो,

पूर्व छात्र किसी भी शैक्षणिक संस्थान की जीवंत विरासत होते हैं। भवन समय के साथ बदल सकते हैं, पाठ्यक्रम बदल सकते हैं और शिक्षण की तकनीक बदल सकती है, लेकिन पूर्व छात्रों के अनुभव, मूल्य और संस्था से जुड़ाव पीढ़ियों को जोड़ते रहते हैं।

मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई है कि ओल्ड नबाइट्स एसोसिएशन ने अपने संस्थापक तथा प्रारंभिक वर्षों के शिक्षकों और कर्मचारियों के योगदान को सम्मानित करने जैसे सार्थक प्रयास भी किए हैं। यह अपने शिक्षकों और संस्था निर्माताओं के प्रति आभार प्रकट करने का सुंदर उदाहरण है।

किसी संस्था की महानता उसके सफल विद्यार्थियों से नहीं, बल्कि इस बात से भी पहचानी जाती है कि उसके विद्यार्थी अपने शिक्षकों, कर्मचारियों और संस्था की नींव रखने वालों को कितनी श्रद्धा से स्मरण करते हैं।

मेरे सम्मानित पूर्व छात्रगणों,

आपके पास अनुभव, विशेषज्ञता, नेटवर्क और जीवन के संघर्षों से अर्जित ज्ञान का समृद्ध भंडार है। यदि यह अनुभव वर्तमान विद्यार्थियों तक पहुँचे, तो वह उनके लिए अमूल्य मार्गदर्शन बन सकता है।

आज के विद्यार्थी ऐसे समय में आगे बढ़ रहे हैं, जब अवसर भी बहुत हैं और चुनौतियाँ भी। तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, बदलता रोजगार बाजार, जलवायु परिवर्तन, वैश्विक प्रतिस्पर्धा और सामाजिक बदलाव उनके भविष्य को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में युवाओं को केवल करियर संबंधी जानकारी ही नहीं, बल्कि जीवन के सही निर्णय लेने, असफलता से उबरने, नैतिकता बनाए रखने और मानसिक दबाव का सामना करने के लिए अनुभवी मार्गदर्शकों की आवश्यकता है।

ओल्ड नबाइट्स एसोसिएशन एक व्यवस्थित मेंटरशिप कार्यक्रम प्रारंभ कर सकती है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी पूर्व छात्र वर्तमान विद्यार्थियों को शिक्षा, करियर, उद्यमिता, सशस्त्र सेना, प्रशासन, विज्ञान, खेल और सामाजिक सेवा के विषय में मार्गदर्शन प्रदान करें। 

किसी विद्यार्थी को केवल यह बताना पर्याप्त नहीं है कि उसे कौन-सा करियर चुनना चाहिए। उसे यह भी सिखाना होगा कि अपनी रुचि और क्षमता को कैसे पहचानें, निर्णय कैसे लें और कठिनाइयों के बीच धैर्य कैसे बनाए रखें। पुराने विद्यार्थियों के अनुभव और नई पीढ़ी की ऊर्जा का संगम विद्यालय के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोल सकता है।

साथियो,

आभार जताना व्यक्ति के चरित्र की सबसे सुंदर अभिव्यक्तियों में से एक है। जिस संस्था ने हमें ज्ञान, अवसर, पहचान और आत्मविश्वास दिया, उसके प्रति कुछ वापस देना हमारा नैतिक दायित्व है। यह योगदान केवल धनराशि के रूप में होना आवश्यक नहीं है। कोई पूर्व छात्र अपना समय दे सकता है, कोई मार्गदर्शन दे सकता है, कोई छात्रवृत्ति स्थापित कर सकता है, कोई खेल उपकरण प्रदान कर सकता है और कोई विद्यालय को तकनीकी या संस्थागत सहयोग दे सकता है।

कुछ पूर्व छात्र आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की शिक्षा में सहयोग कर सकते हैं। कुछ पुस्तकालय, प्रयोगशाला, खेल सुविधाओं और नवाचार केंद्रों को सुदृढ़ बनाने में सहायता कर सकते हैं। यह आवश्यक है कि पूर्व छात्रों के सहयोग का उपयोग पारदर्शी, सुव्यवस्थित और दीर्घकालिक उद्देश्यों के लिए किया जाए, ताकि उसका लाभ आने वाली अनेक पीढ़ियों को मिले।

मैं पंजाब पब्लिक स्कूल, नाभा के प्रधानाचार्य, शिक्षकों और कर्मचारियों की सराहना करता हूँ, जिन्होंने समर्पण और निष्ठा के साथ ऐसी पीढ़ियों का निर्माण किया है, जो सफल पेशेवर होने के साथ जिम्मेदार नागरिक भी हैं।

देवियो और सज्जनो,

पंजाब की धरती त्याग, परिश्रम, साहस, आध्यात्मिकता और सेवा की भूमि है। गुरु साहिबानों ने हमें सत्य, समानता, करुणा, न्याय और मानवता का मार्ग दिखाया। श्री गुरु नानक देव जी का संदेश, “किरत करो, नाम जपो और वंड छको” आज भी परिश्रम, नैतिकता और सामाजिक सहभागिता का सर्वोत्तम मार्गदर्शन प्रदान करता है। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने हमें अन्याय के विरुद्ध निर्भय होकर खड़े होने और मानवता की रक्षा करने की प्रेरणा दी।

पंजाब की धरती ने स्वतंत्रता संग्राम को शहीद-ए-आजम भगत सिंह, लाला लाजपत राय, शहीद ऊधम सिंह, करतार सिंह सराभा और अनेक महान सेनानी दिए।

स्वतंत्रता के बाद पंजाब के किसानों ने हरित क्रांति के माध्यम से देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत किया। पंजाब के सैनिकों ने सीमाओं पर अदम्य साहस दिखाया, खिलाड़ियों ने विश्व स्तर पर तिरंगा ऊँचा किया और उद्यमियों ने देश एवं विदेश में अपनी मेहनत से विशिष्ट पहचान बनाई।

मेरा मानना है कि पंजाब की पहचान केवल वीरता और कृषि से नहीं, बल्कि शिक्षा, सेवा, उद्यमशीलता और विश्व बंधुत्व से भी है। आज आवश्यकता है कि पंजाब अपनी गौरवशाली विरासत से प्रेरणा लेकर नई चुनौतियों का समाधान खोजे।

साथियो,

पंजाब के सामने नशे की समस्या, युवाओं का पलायन, भूजल का गिरता स्तर, कृषि विविधीकरण, पर्यावरण प्रदूषण और गुणवत्तापूर्ण रोजगार जैसे विषय गंभीर चुनौती के रूप में उपस्थित हैं।

इन चुनौतियों का समाधान केवल सरकार नहीं कर सकती। शिक्षण संस्थानों, पूर्व छात्रों, उद्योग जगत, सामाजिक संस्थाओं, धार्मिक संगठनों और नागरिकों को मिलकर कार्य करना होगा। हमारे शिक्षण संस्थानों को युवाओं में नशे के विरुद्ध जागरूकता, कौशल विकास, उद्यमिता, खेल और सामाजिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देना होगा।

युवाओं को केवल नौकरी पाने के लिए तैयार नहीं करना है, बल्कि उन्हें रोजगार सृजित करने, नवाचार करने और समाज की समस्याओं के समाधान खोजने में सक्षम बनाना है। विद्यालयों और पूर्व छात्र संगठनों को जल संरक्षण, वृक्षारोपण, स्वच्छता, नशामुक्ति और ग्रामीण शिक्षा जैसे अभियानों को जन-आंदोलन बनाने में सक्रिय योगदान देना चाहिए।

साथियो,

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प देश के सामने रखा है। विकसित भारत वह होगा, जहाँ प्रत्येक नागरिक शिक्षित, स्वस्थ, कुशल, आत्मनिर्भर और जिम्मेदार हो। और मैं समझता हूं कि विकसित भारत की इस यात्रा में पंजाब की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। जिस पंजाब ने देश को खाद्य सुरक्षा प्रदान की, वही पंजाब अब कृषि नवाचार, खाद्य प्रसंस्करण, जैव प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा, खेल, शिक्षा और उद्यमिता में भी देश का नेतृत्व कर सकता है।

पंजाब को खेती के परम्परागत स्वरूप से आगे बढ़कर कम जल वाली फसलों, मूल्य संवर्धन, कृषि आधारित उद्योगों और आधुनिक तकनीक को अपनाना होगा। उद्योगों को हरित उत्पादन, ऊर्जा दक्षता और वैश्विक गुणवत्ता की ओर बढ़ना होगा। शिक्षा संस्थानों को शोध, नवाचार, कौशल और उद्यमिता का केंद्र बनना होगा। विदेशों में बसे पंजाबियों और प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों के ज्ञान, अनुभव और संसाधनों को पंजाब के विकास से जोड़ना होगा।

पंजाब पब्लिक स्कूल और ओल्ड नबाइट्स एसोसिएशन इस दिशा में एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत कर सकते हैं। विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब विकसित पंजाब उसकी गति और शक्ति बनेगा।

साथियो,

भारतीय संस्कृति ने हमें सिखाया है, “नर सेवा ही नारायण सेवा है।” एक शिक्षित और सफल व्यक्ति की सबसे बड़ी पहचान यह नहीं है कि उसने अपने लिए क्या अर्जित किया। उसकी वास्तविक पहचान यह है कि उसने अपने ज्ञान, क्षमता और संसाधनों से समाज को क्या लौटाया।

जो चिकित्सक गरीब रोगी की सहायता करता है, जो शिक्षक किसी कमजोर विद्यार्थी को आगे बढ़ाता है, जो उद्यमी रोजगार देता है और जो पूर्व छात्र जरूरतमंद विद्यार्थी की शिक्षा का दायित्व उठाता है, वह राष्ट्र निर्माण करता है। ओल्ड नबाइट्स एसोसिएशन सामुदायिक सेवा, स्वास्थ्य शिविर, शिक्षा सहायता, पर्यावरण संरक्षण और कौशल विकास के माध्यम से अपने सामाजिक योगदान को और व्यापक बना सकती है।

मैं ओल्ड नबाइट्स एसोसिएशन से आग्रह करता हूँ कि सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन, अपशिष्ट प्रबंधन, देशी वृक्षारोपण और जैविक उद्यान जैसे प्रयासों के माध्यम से विद्यालय परिसर को सतत जीवन का आदर्श मॉडल बनाने में सहयोग करे। जब पर्यावरण संरक्षण विद्यार्थियों की जीवनशैली बनेगा, तभी यह एक सशक्त जन-आंदोलन का रूप लेगा।

देवियो और सज्जनो,

पंजाब पब्लिक स्कूल, नाभा केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं है। यह अनुशासन, नेतृत्व, सेवा और उत्कृष्टता की एक जीवंत परम्परा है।

इसकी महान विरासत उन शिक्षकों के परिश्रम से बनी है, जिन्होंने विद्यार्थियों को ज्ञान और संस्कार दिए; उन कर्मचारियों की सेवा से बनी है, जिन्होंने संस्था को अपना परिवार समझा; और उन विद्यार्थियों की उपलब्धियों से बनी है, जिन्होंने देश-विदेश में विद्यालय का नाम रोशन किया।

आज इस विरासत को सुरक्षित रखने और आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी वर्तमान प्रबंधन, शिक्षकों, विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों, सभी की है।

मैं आप सभी से आग्रह करता हूँ कि आप अपनी संस्था के साथ भावनात्मक रूप से ही नहीं, बल्कि सक्रिय और रचनात्मक रूप से भी जुड़े रहें।

आइए, यह पुनर्मिलन मित्रता के संबंधों को और मजबूत करे, पुरानी मधुर स्मृतियों को पुनर्जीवित करे और हमें पंजाब पब्लिक स्कूल, नाभा की निरंतर उत्कृष्टता एवं प्रगति के लिए मिलकर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करे।

ओल्ड नबाइट्स से मैं कहना चाहूँगा, अपनी उपलब्धियों पर गर्व कीजिए, लेकिन अपनी जड़ों को कभी मत भूलिए। जीवन में ऊँचाइयाँ प्राप्त कीजिए, लेकिन दूसरों को ऊपर उठाने के लिए अपना हाथ अवश्य बढ़ाइए। अपनी संस्था से प्राप्त संस्कारों को समाज और राष्ट्र की सेवा में लगाइए।

मैं ओल्ड नबाइट्स एसोसिएशन के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को भावी प्रयासों के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ।

मुझे विश्वास है कि यह एसोसिएशन अपने सदस्यों को जोड़ने के साथ-साथ शिक्षा, सेवा, मार्गदर्शन और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में देशभर की पूर्व छात्र संस्थाओं के लिए प्रेरणा का प्रकाशस्तंभ बनेगी।

पंजाब पब्लिक स्कूल, नाभा निरंतर प्रगति करे, इसके विद्यार्थी विश्वभर में अपने ज्ञान, चरित्र और सेवा से भारत का गौरव बढ़ाएँ और ओल्ड नबाइट्स का यह परिवार सदैव एकता, मित्रता एवं कृतज्ञता की भावना से जुड़ा रहे।

इन्हीं मंगलकामनाओं के साथ मैं आप सभी को इस गरिमामय आयोजन की हार्दिक बधाई देता हूँ।

बहुत-बहुत धन्यवाद,

जय हिन्द! जय भारत!